इंदौर में संत रामपाल के प्रवचन पर बवाल: मंगलसूत्र-बिंदी पर टिप्पणी से भड़के लोग
समझें क्या है पूरा मामला...
इंदौर जिले के बेटमा थाना क्षेत्र में रविवार, 10 मई को एक धार्मिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। मामला संत रामपाल के वीडियो प्रवचन से जुड़ा है। ग्राम खतेड़िया में चल रहे इस प्रवचन में की गई टिप्पणियों को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
टेंट में चल रहा था वीडियो प्रवचन
रविवार को ग्राम खतेड़िया में टेंट लगाकर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। वहां टीवी स्क्रीन पर संत रामपाल के प्रवचन के वीडियो चलाए जा रहे थे। आसपास के लोग इसे सुनने के लिए जमा थे।
फरियादी यशवंत केलवा के मुताबिक इन प्रवचनों में महिलाओं के बिंदी लगाने, मांग भरने, मंगलसूत्र पहनने और बिछिया पहनने को लेकर आपत्तिजनक बातें कही जा रही थीं।
इसके अलावा मूर्ति पूजा न करने की बात भी प्रवचन में कही गई। यशवंत का कहना है कि इससे उनकी और उनके साथियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं हैं।
विरोध करने पहुंचे, हमला हो गया
यशवंत केलवा अपने साथी विनोद उर्फ पप्पू और गोकुल के साथ टेंट पर यह देखने पहुंचे कि वहां क्या हो रहा है। शिकायत के मुताबिक जैसे ही वे वहां पहुंचे, टेंट में मौजूद लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब यशवंत और उनके साथियों ने विरोध किया तो टेंट में बैठे कुछ लोग लकड़ी लेकर बाहर आ गए और हमला कर दिया।
शिकायत में नाम लिए गए आरोपियों मुकुट और मोहन पर लकड़ी से हमला करने का आरोप है। बीच-बचाव के लिए आए विनोद और गोकुल के साथ भी मारपीट की गई। यहां तक कि महिलाओं के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं।
जान से मारने की धमकी का भी आरोप
घटना के दौरान गांव के कुछ ग्रामीणों ने बीच-बचाव करके मामला शांत कराया। वहीं, यशवंत का आरोप है कि जाते-जाते आरोपियों ने धमकी दी कि यदि दोबारा प्रवचन स्थल पर आए तो जान से मार देंगे। यह आरोप मामले को और गंभीर बनाता है।
दोनों पक्षों पर FIR, जांच जारी
बेटमा पुलिस ने रविवार को ही मामले में विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच होगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है।
कौन हैं संत रामपाल?
संत रामपाल एक विवादित धार्मिक प्रचारक हैं जो हरियाणा के रहने वाले हैं। वे वर्तमान में जेल में बंद हैं। उनके अनुयायी देशभर में हैं और वीडियो व डिजिटल माध्यम से उनके प्रवचन प्रसारित किए जाते हैं। उनके प्रवचन पहले भी कई जगह विवाद का कारण बन चुके हैं।
रामपाल सिंह ने सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू किया था। वहीं, स्वामी रामदेवानंद से दीक्षा लेने के बाद वे आध्यात्मिक मार्ग पर चल पड़े और संत रामपाल के रूप में प्रसिद्ध हुए।
1980 के दशक से कबीरपंथ का प्रचार करते हुए उन्होंने सतलोक आश्रम की स्थापना की और बड़ी संख्या में अनुयायी जुटाए। हालांकि, 2006 में आर्य समाज के साथ हुए विवाद और उसके बाद हुई हिंसक झड़पों ने उनके जीवन को कानूनी मुश्किलों में डाल दिया।
हत्या, दंगा और अदालत की अवमानना जैसे गंभीर आरोपों के चलते साल 2014 में उन्हें गिरफ्तार किया गया और तब से वे जेल में बंद हैं। इन तमाम विवादों के बावजूद उनके अनुयायी आज भी उनकी शिक्षाओं में गहरी आस्था रखते हैं।
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