इमरान उर्फ चिकना की रासुका खारिज, हाईकोर्ट ने इंदौर कलेक्टर के आदेश को बताया गलत
Sanjay Gupta | May 10, 2026, 18:03 IST
Photograph: (THESOOTR)
INDORE. आदतन अपराधी और 19 गंभीर अपराध के आरोपी इमरान गौरी उर्फ चिकना उर्फ पंचर पिता युनुस शाह की रासुका खारिज हो गई है। इंदौर हाईकोर्ट ने कलेक्टर के आदेश में खामी पाई, इसके बाद रासुका को खारिज कर आरोपी को रिहा करने के आदेश हो गए।
इंदौर के विविध थानों में इमरान गौरी उर्फ चिकना उर्फ पंचर के खिलाफ 19 अपराध दर्ज है। उसे अगस्त 2025 में रासुका लगी थी। इंदौर कलेक्टर के आदेश के बाद उसे जेल में बंद किया गया था। बाद में फिर तीन माह के लिए और रासुका लगाई गई और वह जेल में बंद था। लेकिन चिकना ने इस आदेश के खिलाफ याचिका दायर की।
अधिवक्ता आशुतोष शर्मा ने आरोपी चिकना को लेकर तर्क रखे और पुरजोर बहस की। वहीं शासन की ओर से अतिरिक्ता महाधिवक्ता सोनल गुप्ता ने पैरवी। इसके बाद हाईकोर्ट ने कलेक्टर के आदेश को रद्द कर दिया।
चिकना पर रासुका के आदेश के खिलाफ अधिवक्ता शर्मा ने तर्क रखे। इसमें बताया गया कि अगस्त में जारी हुए रासुका के आदेश में कलेक्टर ने कब तक हिरासत अवधि में रखा जाए इसकी समयसीमा ही नहीं लिखी गई।
इस तरह का आदेश गलत है और आदेश में ही लिखा जाना चाहिए कि किसी आरोपी पर किस कारण से रासुका लगाई और उसे कब तक हिरासत अवधि में रखा जाएगा। बाद में इसी आदेश को जनवरी 2026 में फिर आगे महीनों के लिए आगे बढ़ाया गया और आरोपी को बेवजह जेल में रखा गया।
इंदौर हाईकोर्ट जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने सभी तर्क सुनने के बाद रासुका के आदेश को खारिज कर दिया।
बेंच ने आदेश दिया कि रासुका के आदेश में हिरासत अवधि का भी जिक्र होना जरूरी है। आरोपी पर लगे रासुका आदेश चार अगस्त 2025 व 22 जनवरी 2026 के आदेश को खारिज किया जाता है। आरोपी को रिहा करने के आदेश दिए जाते हैं।
![imran chikna]()
ये खबरें भी पढ़ें...
एमपी के इस जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना में 152 करोड़ की गड़बड़ी
कौन है अवर सचिव अजय सिंह, जिसने एमपी में निगम-मंडलों की व्यवस्था को हिला डाला
तबादला नीति 2026: MP में सरकारी अफसरों के तबादलों से जल्द हटेगा बैन, जानें ट्रांसफर का नई नीति
एमपी में तीन IPS अफसरों के तबादले, राकेश सगर भोपाल मुख्यालय में पदस्थ
अधिवक्ता आशुतोष शर्मा ने आरोपी चिकना को लेकर तर्क रखे और पुरजोर बहस की। वहीं शासन की ओर से अतिरिक्ता महाधिवक्ता सोनल गुप्ता ने पैरवी। इसके बाद हाईकोर्ट ने कलेक्टर के आदेश को रद्द कर दिया।
चिकना पर रासुका को लेकर यह दिए तर्क
इस तरह का आदेश गलत है और आदेश में ही लिखा जाना चाहिए कि किसी आरोपी पर किस कारण से रासुका लगाई और उसे कब तक हिरासत अवधि में रखा जाएगा। बाद में इसी आदेश को जनवरी 2026 में फिर आगे महीनों के लिए आगे बढ़ाया गया और आरोपी को बेवजह जेल में रखा गया।
हाईकोर्ट ने यह दिए आदेश
बेंच ने आदेश दिया कि रासुका के आदेश में हिरासत अवधि का भी जिक्र होना जरूरी है। आरोपी पर लगे रासुका आदेश चार अगस्त 2025 व 22 जनवरी 2026 के आदेश को खारिज किया जाता है। आरोपी को रिहा करने के आदेश दिए जाते हैं।
imran chikna
ये खबरें भी पढ़ें...
एमपी के इस जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना में 152 करोड़ की गड़बड़ी
कौन है अवर सचिव अजय सिंह, जिसने एमपी में निगम-मंडलों की व्यवस्था को हिला डाला
तबादला नीति 2026: MP में सरकारी अफसरों के तबादलों से जल्द हटेगा बैन, जानें ट्रांसफर का नई नीति
एमपी में तीन IPS अफसरों के तबादले, राकेश सगर भोपाल मुख्यालय में पदस्थ
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari