छिंदवाड़ा के बाद इंदौर में कफ सिरप कांड में बवाल, फैक्ट्री मालिक पर FIR

Anjali Dwivedi | Jan 22, 2026, 11:33 IST
indore-syrup-case-ayurvedic-factory-sample-fail
इंदौर के सांवेर में रेबीहांस हर्बल फैक्ट्री के 8 आयुर्वेदिक कफ सिरप सैंपल फेल हो गए हैं। 18 दिसंबर 2025 को हुई जांच के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कार्रवाई की है।

News In Short

  • इंदौर की रेबीहांस हर्बल फैक्ट्री के सभी 8 आयुर्वेदिक सिरप जांच में फेल हो गए हैं।
  • जांच में पता चला कि बिना अनुमति फैक्ट्री टीन शेड में चल रही थी।
  • मौके पर न तो कोई लैब थी और न ही फायर सेफ्टी या स्वच्छता के मानक थे।
  • फैक्ट्री के मालिक सुरेंद्र सिंह राजपूत के खिलाफ सांवेर थाने में FIR दर्ज की गई है। साथ ही फैक्ट्री सील कर दी गई है।
  • पुलिस और आयुष विभाग अब कंपनी के पुराने रिकॉर्ड और सप्लाई चेन की जांच कर रहे हैं।

News In Detail

Indore News. मध्य प्रदेश में कफ सिरप को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। छिंदवाड़ा में मासूमों की मौत के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि अब इंदौर के पास सांवेर से एक डराने वाली खबर आई है।



यहां एक आयुर्वेदिक फैक्ट्री में नियमों की धज्जियां उड़ा कर सिरप बनाया जा रहा था। इसके सैंपल जांच में पूरी तरह फेल हो गए हैं। प्रशासन ने अब इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए फैक्ट्री मालिक पर शिकंजा कस दिया है।




धरमपुरी में अवैध तरीके से चल रहा था खेल

यह पूरा मामला सांवेर क्षेत्र के ग्राम धरमपुरी स्थित मेसर्स रेबीहांस हर्बल प्राइवेट लिमिटेड का है। 18 दिसंबर 2025 को जिला प्रशासन और आयुष विभाग की संयुक्त टीम ने यहां अचानक छापेमारी की थी। जांच के दौरान जो नजारा दिखा, वह हैरान करने वाला था। फैक्ट्री के नाम पर महज एक टीन शेड तान दिया गया था। यहां बिना किसी वैध अनुमति के खुलेआम आयुर्वेदिक कफ सिरप और अन्य दवाएं तैयार की जा रही थीं।



क्या था कफ सिरप कांड?

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कफ सिरप कांड हुआ था। इस कांड में कई बच्चों की खराब कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से मौत हो गई थी। जिस पर कंपनी के मालिक पर कड़ी कार्रवाई की गई थी। इस मामले में करीबन 20 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई थी।



ग्वालियर लैब की रिपोर्ट ने उड़ाई नींद

छापेमारी के दौरान टीम ने फैक्ट्री से आयुर्वेदिक सिरप के आठ प्रोडक्ट के नमूने लिए थे। इन नमूनों को गहन जांच के लिए शासकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, ग्वालियर भेजा गया।



छिंदवाड़ा सिरप कांड की आंच इंदौर तक! कंपनी के सभी आयुर्वेदिक सिरप फेल, फैक्ट्री संचालक पर FIR


सुरक्षा मानकों की अनदेखी

जांच टीम को मौके पर सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं मिला था। फैक्ट्री में न तो दवाओं के परीक्षण के लिए कोई लैब थी और न ही दवा बनाने से जुड़े जरूरी डाक्यूमेंट्स या कंपोनेंट्स की फाइलिंग।



इतना ही नहीं, वहां स्वच्छता और फायर सेफ्टी के भी कोई इंतजाम नहीं थे। गंदे माहौल में बिना किसी स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों के दवाओं का निर्माण किया जा रहा था, जो सीधा लोगों की जान से खेलवाड़ है।



फैक्ट्री मालिक पर FIR और प्रशासन की सख्ती

इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए जिला आयुष अधिकारी डॉ. हंसा बारिया ने कड़ा कदम उठाया है। फैक्ट्री संचालक सुरेन्द्र सिंह राजपूत के खिलाफ औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 और बीएनएस (BNS) की धारा 277 के तहत सांवेर थाने में FIR दर्ज कराई गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि दवाओं के नाम पर जहर परोसने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।



छिंदवाड़ा कनेक्शन पर क्या बोले अधिकारी?

कुछ दिनों पहले छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड ने पूरे देश को हिला दिया था, इसलिए इस फैक्ट्री के तार वहां से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही थी।





कफ सिरप कांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें....



इंदौर में बेसिक ड्रग डीलर एसोसिएशन ने कफ सिरप कांड के बाद दी चेतावनी, नई कमेटी गठित



छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड: देशभर में सिरप की जांच अब जरूरी, अब तक 25 मौतें



कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड : दिग्विजय सिंह का बीजेपी पर हमला, दवा कंपनियों से लिया 945 करोड़ रुपए चंदा



कफ सिरप कांड: कमलनाथ का एमपी सरकार से सवाल, सरकार ने अबतक क्यों नहीं दिया इलाज का खर्च



Tags:
  • Indore News
  • Indore
  • कफ सिरप
  • कफ सिरप कांड
  • छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड
  • आयुर्वेदिक सिरप