शोरूम में ही फर्जी बीमा-रजिस्ट्रेशन का खेल! खटवानी सेल्स का मालिक रोहित खटवानी फरार

Neel Tiwari | Jan 02, 2026, 19:17 IST
rohit khatwani
जबलपुर के खटवानी सेल्स एंड सर्विसेज शोरूम पर धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। यह मामला तब उजागर हुआ, जब किशोर नायडू नामक व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई और उसके परिजनों को यह पता चला कि उनके द्वारा खरीदी गई गाड़ी का बीमा फर्जी था।

INSHORT

  1. जबलपुर के खटवानी शोरूम से खरीदी गई गाड़ियों के बीमा डाक्यूमेंट्स फर्जी निकले हैं।
  2. जांच में शोरूम मालिक रोहित खटवानी दोषी पाया गया और अब वह फरार है।
  3. शोरूम ने जानबूझकर डाक्यूमेंट्स की तारीखें बदलकर धोखाधड़ी की।
  4. ग्राहक किशोर नायडू की दुर्घटना में मौत के बाद इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।
  5. EOW की जांच में शोरूम के भीतर फर्जी डाक्यूमेंट्स तैयार किए जाने की पुष्टि हुई है।

DETAILS

मौत के बाद खुला फर्जी बीमा का राज

किशोर नायडू ने 23 अक्टूबर 2019 को जबलपुर के खटवानी शोरूम से सुजुकी एक्सिस 125 खरीदी थी। उस समय उन्हें इनवॉइस, बीमा पॉलिसी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की रसीद दी गई। 30 अक्टूबर 2019 को एक दुर्घटना में किशोर की मृत्यु हो गई। जब परिजनों ने बीमा क्लेम के लिए डाक्यूमेंट्स देखे तो पता चला कि बीमा तो फर्जी था।



मौत के बाद बदली गई बिक्री की तारीख

बिक्री 23 अक्टूबर 2019 को हुई थी, लेकिन किशोर नायडू की मृत्यु के बाद शोरूम ने 4 नवंबर 2019 की फर्जी इनवॉइस तैयार कर असली रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद परिजनों ने इस मामले की शिकायत EWO से की।चार साल लंबी जांच के बाद EOW ने शोरूम मालिक के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।



गिरफ्तारी से बच रहा रोहित खटवानी

EOW की जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद, रोहित खटवानी अदालत में हाजिर नहीं हुआ और वह फरार हो गया। कोर्ट में सुनवाई जारी है और वह गिरफ्तारी से बचने के प्रयास कर रहा है।



ग्राफिक्स से समझें पूरा मामला

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दो बीमा पॉलिसी और बदला हुआ रजिस्ट्रेशन

EOW ने बताया कि एक ही वाहन के लिए दो अलग- अलग इनवॉइस और बीमा पॉलिसी तैयार की गईं। रजिस्ट्रेशन में जानबूझकर तारीखों में बदलाव किया गया। यह धोखाधड़ी थी, न कि कोई तकनीकी गलती।



शोरूम से ही तैयार हो रहे थे फर्जी डाक्यूमेंट्स

EOW ने खटवानी सेल्स एंड सर्विसेज के कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और डीएमएस सॉफ्टवेयर की फॉरेंसिक जांच कराई। जांच में एक्सेल और वर्ड फाइलें मिली हैं। इनके जरिए इनवॉइस, बीमा और अन्य डाक्यूमेंट्सों की तारीखें बदली जाती थीं। EOW के अनुसार, फर्जी डाक्यूमेंट्स शोरूम के अंदर तैयार किए जा रहे थे। ग्राहकों को यह नहीं पता चलता था कि उनके वाहन के कागज बाद में बदले जा सकते हैं।



IMP FACTS

  • किशोर नायडू की दुर्घटना के बाद फर्जी बीमा कागजात का खुलासा हुआ।
  • EOW ने खटवानी शोरूम कामालिक रोहित खटवानी को दोषी पाया, जो अब फरार है।
  • शोरूम से ग्राहकों को फर्जी बीमा, रजिस्ट्रेशन डाक्यूमेंट्स दिए गए थे।
  • जांच में शोरूम के कंप्यूटर और सॉफ़्टवेयर से फर्जी डाक्यूमेंट्स का खुलासा हुआ।
  • जिला अदालत से रोहित खटवानी की अग्रिम जमानत खारिज हो गई है।

KNOWLEDGE

इसलिए जरूरी है आपके वाहन बीमा और रजिस्ट्रेशन

  • भारत में थर्ड-पार्टी बीमा कराना कानूनी रूप से आवश्यक है। बिना बीमा वाहन चलाना दंडनीय अपराध है।
  • रजिस्ट्रेशन और बीमा के लिए इंजन नंबर, चेसिस नंबर और बाइक मॉडल की जानकारी जरूरी है।
  • बीमा क्लेम प्राप्त करने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और रजिस्ट्रेशन (RC) वैध होना जरूरी है।
  • ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार जीरो डेप्रिसिएशन जैसे ऐड-ऑन विकल्प चुन सकते हैं, जो सुरक्षा को बढ़ाते हैं।
  • ऑनलाइन पोर्टल के जरिए बीमा पॉलिसी तुरंत मिल जाती है, जिससे प्रक्रिया सरल हो जाती है।

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ALERTS

फर्जी बीमा और रजिस्ट्रेशन से ऐसे बचें

  1. बीमा डाक्यूमेंट्स को चेक करें
    जब आप वाहन खरीदते हैं, तो बीमा पॉलिसी की वैधता की जांच करें। सुनिश्चित करें कि इंश्योरेंस कंपनी द्वारा दी गई पॉलिसी सही और अपडेटेड हो।
  2. रजिस्ट्रेशन और बिक्री की तारीख का मिलान करें
    खरीदारी के समय रजिस्ट्रेशन और बिक्री के डाक्यूमेंट्स की तारीख पर ध्यान दें। अगर तारीखों में कोई गड़बड़ी हो, तो तुरंत शोरूम से स्पष्टीकरण मांगें।
  3. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और बीमा की पुष्टि करें
    शोरूम से प्राप्त डाक्यूमेंट्स को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और बीमा के रिकॉर्ड से मिलाकर चेक करें। यह सुनिश्चित करने का एक अच्छा तरीका है कि आपके कागजात सही हैं।
  4. शोरूम की विश्वसनीयता जांचें
    शोरूम से वाहन खरीदने से पहले उसकी विश्वसनीयता और ग्राहकों के रिव्यू चेक करें। इससे आपको धोखाधड़ी से बचने में मदद मिल सकती है।
  5. डाक्यूमेंट्स के बारे में लिखित प्रमाण प्राप्त करें
    शोरूम से सभी डाक्यूमेंट्स का लिखित प्रमाण प्राप्त करें। जिसमें बिक्री की तारीख, रजिस्ट्रेशन और बीमा पॉलिसी शामिल हो। इस डाक्यूमेंट्स को सुरक्षित रखें ताकि भविष्य में किसी समस्या का समाधान किया जा सके।

आगे क्या

इस मामले में आगे चलकर ज्यादा लोगों के शिकार होने की संभावना है, क्योंकि जांच में अन्य ग्राहकों के कागज भी फर्जी पाए गए हैं। EOW की जांच में और नामों का खुलासा हो सकता है। यह मामला दिखाता है कि आप किसी भी जगह धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। इसलिए ग्राहकों को अपनी खरीदारी के दस्तावेज़ की सख्त जांच करनी चाहिए।



इस मामले में जबलपुर कोर्ट को निर्णय देखें





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