जबलपुर में बरगी बांध की नहर टूटी, आधा दर्जन गांवों में घुसा पानी; कई एकड़ की फसल जलमग्न
News in Short
बरगी बांध की दाईं तट नहर रविवार को टूट गई है।
नहर टूटने से सगड़ा-झपनी के खेत जलमग्न हो गए।
प्रशासन ने पानी निकासी के लिए गेट खोल दिए।
कलेक्टर के निर्देश पर फसल नुकसान का सर्वे शुरू।
एसडीएम और कार्यपालन यंत्री मौके पर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
News in Detail
जबलपुर जिले में बरगी बांध की दाईं तट नहर के टूटने से बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ग्राम सगड़ा-झपनी क्षेत्र के पास मुख्य नहर टूटने के कारण आसपास के कई खेतों में पानी भर गया। इससे खड़ी फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल बरगी बांध से दाईं तट नहर की पानी निकासी पूरी तरह बंद कर दी गई।
नहर टूटते ही खेतों में भर गया पानी
प्रशासन ने नहर के टूटे स्थान से आगे सभी गेट खोल दिए हैं। इससे खेतों में भरे पानी की निकासी तेज होगी। इससे नुकसान और बढ़ने से रोका जा सकेगा। एसडीएम जबलपुर अभिषेक सिंह और बरगी बांध के कार्यपालन यंत्री मौके पर मौजूद हैं। अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। नहर का पानी नरई नाले में जा रहा है, जो बाद में नदी में मिल रहा है।
फसल नुकसान का सर्वे शुरू
एसडीएम अभिषेक सिंह ने बताया कि कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू किया गया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पात्र किसानों को राहत राशि मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू होगा।
दोपहर 12 बजे टूटी नहर, कई खेत हुए प्रभावित
बरगी बांध की दाईं तट नहर के कार्यपालन यंत्री के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर करीब 12 बजे हुई। ग्राम सगड़ा के पास मुख्य नहर टूटने से नरई नाला से लगे खेतों में पानी तेजी से भर गया। सूचना मिलते ही बरगी बांध से पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई। साथ ही आगे के गेट खोलकर जल निकासी की व्यवस्था की गई।
सतना-रीवा तक जाती है दाईं तट नहर
बरगी बांध की दाईं तट नहर जबलपुर, कटनी, स्लीमानाबाद होते हुए सतना और रीवा जिलों तक जाती है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने इसे प्राकृतिक आपदा मानने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि यह विभागीय लापरवाही का परिणाम है। ग्रामीणों का आरोप है कि नहर काफी समय से जर्जर हालत में थी और इसकी कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन संबंधित विभागों ने समय रहते मरम्मत नहीं कराई। अब नहर टूटने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।