Jabalpur bom blast :कबाड़ में 350 बम के खोखे, जांच में सेना भी जुड़ेगी
JABALPUR. जबलपुर के खजरी खिरिया बायपास पर स्थिति कबाड़खाने पर एनएसजी की टीम अब तक जांच में 350 बमों के खोखे और बम बरामद कर चुकी है। इनमें 150 बड़े और 200 बड़े बम और उनके खोल है। इनकी जांच की जा रही है। इनमें भी बारूद होने की आशंका जाहिर की जा रही है। एनएसजी ( NSG ) की टीम में आए अधिकारियों और जवानों की संख्या कम है, इसलिए बुधवार को पुलिस और एनएसजी ने जबलपुर में सेना ( Army ) अधिकारियों से बातचीत की। ताकि उन्हें भी जांच में शामिल किया जा सके। ऐसा माना जा रहा है कि गुरुवार यानी आज ( 02.05.24 ) से सैन्य अधिकारी भी इस जांच में शामिल हो सकते है। जिसके बाद बमों और उनके खोलों की जांच और तेज हो सकती है।
बम के खोखे और बारूद को नष्ट कराया गया
खजरी खिरिया बायपास पर स्थिति कबाड़खाने पर बुधवार यानी ( 01.05.24 ) को दोबारा ब्लास्ट (blast ) हुआ। इस बार पुलिस और जांच एजेंसी की निगरानी में यह धमाके हुए। कबाड़खाने में पहले से पड़े बम के खोखे और बारूद को नष्ट करने की प्रक्रिया हुई। यह प्रक्रिया सुबह पांच बजे शुरू हुई, जो 11 बजे तक जारी रही। इन बमों और खोखों को एनएसजी की टीम ने प्रोटोकॉल के तहत नष्ट किया। इन्हें लगभग 30 फीट गहरे गड्ढे में डाला गया और फिर ऊपर से रेत बिछाई गई। इसके बाद धमाका किया गया। इसके पूर्व एनएसजी के कहने पर पुलिस ने आसपास के इलाके को भी खाली करा लिया था। अभी कई खोखों को नष्ट जाना बाकी है।
आमला से नहीं मिला जवाब
पुलिस की एसआईटी बैतूल के आमला एयरफोर्स पहुंची। जहां अधिकारियों से बातचीत कर शमीम को स्क्रैप बेचे जाने के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन एयरफोर्स के अधिकारियों ने जांच के बाद ही किसी भी तरह की जानकारी देने की बात कही। जिसके चलते वहां गई टीम वापस शहर लौट आई है। हालांकि टीम यह भी आंशका जाहिर कर रही है कि जिन बम और खोलों को शमीम के कबाड़खाने से जब्त किया गया, उनमें आमला एयरफोर्स से भी स्क्रैप में बेचे गए बम हो सकते हैं। आयुध निर्माणी खमरिया ने दावा किया था कि उन्होंने पांच साल से शमीम को किसी प्रकार का स्क्रैप नहीं बेचा। इसके बाद पुलिस अब आयुध निर्माणी से यह पूछने की तैयारी में है कि शमीम ने कब-कब और कितना स्क्रैप वहां से खरीदा। इस मामले में पुलिस अब स्क्रैप बेचने वाली टीम से भी पूछताछ करेगी।
एक की रिमांड बढ़ी, एक को जेल
बम ब्लास्ट मामले में पकड़े गए फहीम और सुल्तान की पुलिस रिमांड एक मई को खत्म हुई। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से फहीम की पुलिस रिमांड तीन मई तक के लिए बढ़ा दी गई, वहीं सुल्तान को जेल भेज दिया गया।
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यह था पूरा मामला
हाईवे से लगे हिस्ट्रीशीटर गुंडे शमीम कबाड़ी के कारखाने में 25 अप्रैल को विस्फोट हुआ था। विस्फोट इतना खतरनाक था कि लगभग आठ से दस हजार वर्गफीट में फैला पूरा कबाड़खाना ढह गया। वहीं विस्फोट की गूंज पांच से छह किलोमीटर तक के इलाके में सुनाई दी थी। आशंका है कि स्क्रैप में जिंदा बम के फटने से घटना हुई। मामले में अधारताल पुलिस ने शमीम उसके बेटे फहीम और पार्टनर सुल्तान पर विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया।