ठेकेदारों ने कागजों पर सप्लाई किया 37 करोड़ का डामर, EOW ने दर्ज की FIR

Neel Tiwari | Jan 22, 2025, 15:36 IST
ontractor supplied papers 37 crore asphalt EOW registered FIR
मध्य प्रदेश में 5 ठेकेदारों ने 37 करोड़ रुपए के फर्जी बिलों के जरिए सड़कों के लिए अवैध भुगतान प्राप्त किया। EOW ने जांच शुरू कर दी है। इस घोटाले के जरिए ठेकेदारों ने विभाग और राज्य सरकार को भारी भरकम आर्थिक नुकसान पहुंचाया है।

मध्यप्रदेश के जिलों में पांच सड़क ठेकेदारों द्वारा 37 करोड़ रुपए के फर्जी बिल लगाकर म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण से अवैध भुगतान प्राप्त करने का मामला सामने आया है। इस घोटाले के जरिए ठेकेदारों ने विभाग और राज्य सरकार को भारी भरकम आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



फर्जी पाए गए सभी बिल

शिकायत के आधार पर, महाकौशल क्षेत्र के अलग-अलग जिलों में सड़क निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदारों ने डामर (बिटुमिन) के फर्जी बिल लगाए गए थे। इन बिलों के जरिए करोड़ों रुपए का अवैध भुगतान किया गया। ईओडब्ल्यू जबलपुर के उप पुलिस अधीक्षक ए व्ही सिंह ने इस मामले की जांच की और पाया कि यह बिल पूरी तरह से फर्जी थे। जांच में यह भी सामने आया कि जिन कंपनियों से इन बिलों को जारी करने का दावा किया गया था, उन्होंने कभी भी इन बिलों को जारी नहीं किया था। संबंधित कंपनियां, जिनमें इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम, एस्सार और नायरा जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल थीं। इन कंपनियों ने साफ तौर पर इन बिलों को फर्जी बताया।



ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद पाया कि ठेकेदारों ने अलग-अलग पैकेजों में कुल 37 करोड़ रुपए के फर्जी बिटुमिन बिल लगाए थे, जिसके जरिए इन पांच ठेकेदारों नए शासन को चूना लगाया।



ये खबर भी पढ़ें...



उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में आपका अकाउंट है तो सतर्क रहें,104 पर FIR



फर्जी खातों के जरिए 3000 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा



ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया मामला



इन पांच ठेकेदारों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए म.प्र. सड़क विकास प्राधिकरण से भुगतान प्राप्त किया और राज्य सरकार को आर्थिक हानि पहुंचाई। ईओडब्ल्यू ने इस मामले में पांचों ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।



ये खबर भी पढ़ें...



SBI बैंककर्मियों ने की धोखाधड़ी, किसानों के नाम से निकाले केसीसी के एक करोड़ रुपए



मध्यांचल ग्रामीण बैंक में 25 लाख की धोखाधड़ी, EOW की बड़ी कार्रवाई



कैसे पास हुए बिल यह अब भी है सवाल

डामर सप्लाई के फर्जी बिल पास कर भुगतान के मामले में यह ठेकेदार सिर्फ छोटी मछलियां नजर आ रहे हैं। क्योंकि इन बिलों को पास करने वाले जिम्मेदार भी इस घोटाले में बराबर के साझेदार है। ऐसा माना जा रहा है की इस मामले की विवेचना के दौरान ईओडब्ल्यू की पकड़ में कुछ बड़ी मछलियां भी आ सकती हैं। इस घोटाले का खुलासा होते ही सरकारी विभाग में हड़कंप मच गया है। यह मामला भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं का एक और उदाहरण है, जो यह साबित करता है कि शासन के नियमों और निगरानी प्रणालियों में खामियां हैं। अब इस मामले की गहरी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





Tags:
  • MP News
  • Jabalpur News
  • मध्य प्रदेश
  • EOW
  • धोखाधड़ी
  • action EOW
  • एमपी हिंदी न्यूज