क्लर्क ने गरीब बनकर सरकारी पैसों से कराया इलाज, लगाया लाखों का चूना

Manya Jain | Jul 23, 2026, 18:12 IST
jabalpur gov employee fake ayushman card
जबलपुर में यूडीसी सुनील कुमार जाट ने अविवाहित बनकर फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवाया। निजी अस्पताल में लाखों का मुफ्त इलाज कराया। कलेक्टर की जांच में फर्जीवाड़ा साबित।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • जबलपुर से एकचौंकाने वाला मामला सामनेआया है।
  • एक सरकारीकर्मचारी ने फर्जी डॉक्यूमेंटके दम पर आयुष्मानकार्ड बनवा लिया।
  • इसीकार्ड से उसने निजीअस्पताल में लाखों रुपयेका इलाज भी करालिया।
  • कलेक्टर के आदेशपर हुई जांच में यहआरोप पूरी तरह सही पायागया है।

शिकायत से शुरू हुई जांच

जबलपुरनिवासी सुमित कुमार नेकलेक्टर राघवेंद्र सिंह सेशिकायत की थी। यह शिकायत 7जुलाई 2026 को दर्ज कराईगई। शिकायत मेंबताया गया कि शासकीय कलानिकेतन पॉलिटेक्निककॉलेज में यूडीसी (UDC –Upper Division Clerk)के पद पर तैनात सुनीलकुमार जाट शादीशुदाहैं। उनके दो बेटे औरदो बेटियां भी हैं।



इसके बावजूदउन्होंने खुद को अविवाहितदिखाया। इसी झूठी जानकारीके आधार पर उन्होंनेआयुष्मान योजना का लाभउठाया। शिकायत मिलते हीप्रशासन ने जांच के आदेशदे दिए।



फर्जी समग्र आईडी का खेल

शिकायतमें एक और गंभीरआरोप लगाया गया। आरोपहै कि सुनील कुमार नेदो अलग-अलग समग्र आईडीबनवाईं। एक आईडी में उनकापूरा परिवार दर्ज था।



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दूसरी आईडी मेंउन्होंने खुद को किसीपात्र व्यक्ति का दत्तकसदस्य यानी गोद लियाहुआ सदस्य दिखाया।इसी दूसरी आईडी के जरिएउनका नाम आयुष्मानयोजना से जोड़ा गया। इसीबनावटी आधार पर उन्हेंआयुष्मान कार्ड जारी हुआ।



निजी अस्पताल में कराया इलाज

शिकायतकर्ता ने अपनेआरोपों के समर्थन मेंदस्तावेज भी सौंपे। इनमेंसमग्र आईडी और आयुष्मानयोजना से जुड़े कागजातशामिल थे। जांच मेंशुरुआती तौर पर यह बातसामने आई कि फर्जीदस्तावेजों से बना आयुष्मानकार्ड साल 2023 सेइस्तेमाल हो रहा था।



इसकार्ड की मदद से शहर केएक निजी अस्पताल मेंडायलिसिस कराया गया।इसके अलावा अन्य इलाजभी इसी कार्ड सेहुए। इससे सरकार कोसीधा आर्थिक नुकसानपहुंचा है।



जांच में शिकायत सही मिली

सीएमएचओ(CMHO – Chief Medicaland HealthOfficer) डॉ. नवीन कोठारीने इस मामले पर अपनीप्रतिक्रिया दी। उन्होंनेबताया कि आयुष्मानयोजना से जुड़ेअधिकारियों की जांच मेंशिकायत सही पाई गई है।जांच में यह भी सामनेआया कि समग्र आईडी मेंहेरफेर करके योजना काफायदा उठाया गया।



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जांचरिपोर्ट अब कलेक्टरकार्यालय भेज दी गई है।इसके आगे की कार्रवाईकलेक्टर के स्तर से होगी।



अब आगे क्या होगा

शिकायतकर्ता सुमितकुमार ने मांग की है किदोषी पाए जाने पर सुनीलकुमार जाट के खिलाफएफआईआर (FIR – FirstInformation Report) दर्ज हो।सीएमएचओ ने भी संकेत दियाकि आगे की वैधानिककार्रवाई जल्द शुरू होगी।



यह मामला सरकारीयोजनाओं में हो रही धांधलीकी एक बानगी है।ऐसे मामलों सेजरूरतमंद असली लाभार्थियोंका हक प्रभावित होताहै। प्रशासन अब इस केसको गंभीरता से आगेबढ़ा रहा है।



एक्सपर्ट कोट्स

डॉ. नवीनकोठारी, सीएमएचओ (CMHO),जबलपुर ने कहा:"आयुष्मान योजना से जुड़ेअधिकारियों की जांच मेंशिकायत सही पाई गई है।समग्र आईडी मेंहेरफेर कर योजना का लाभलिया गया।"



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