जबलपुर न्यूज : धान उपार्जन में गायब हुई 22 सौ मीट्रिक टन धान, 22 पर हुई FIR

Neel Tiwari | Feb 28, 2025, 14:11 IST
dhan
जबलपुर में धान उपार्जन के दौरान समितियां के गड़बड़झाले की एक बार फिर से पोल खुली है। इस बार पांच समिति के 22 व्यक्तियों ने 5 करोड़ से अधिक की 2 हजार 268 मीट्रिक टन धान खुर्द बुर्द कर दी है।

धान उपार्जन में प्रशासन के द्वारा हर साल कड़ी निगरानी रखी जाती है। उसके बाद भी उपार्जन की धान के भूखे भ्रष्टाचारी कोई ना कोई तरीका निकाल ही लेते हैं। ऐसी ही गड़बड़ी तब सामने आई जब जबलपुर की धान उपार्जन समितियों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर लगभग 5 करोड़ रुपए की धान गायब कर दी।



ऐसे गायब हुई 5 करोड़ रुपए की 2 हजार 286 मीट्रिक टन धान

ये भी खबर पढ़ें... GIS में सुपरकार्स का जलवा : जबलपुर में बना एंटी माइंस आर्मी व्हीकल ने मेहमानों का मोहा मन



धान खरीदी में 5 करोड़ का घोटाला

जबलपुर में धान खरीदी में बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें 5 करोड़ रुपए की हेरफेर सामने आई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आशा शर्मा को मिली शिकायत पर जब जांच की तो यह पता चला कि आरोपी सुनील साहू ने 5618 क्विंटल धान खुर्दबुर्द कर दी है, जिसकी कीमत 1 करोड़ 29 लाख 227 रुपए थी। कटंगी के सेवा सहकारी समिति केंद्र में 59.23 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया, लेकिन जांच में पाया गया कि 19,646.80 क्विंटल धान खरीदी का भुगतान हुआ, जबकि हकीकत में सिर्फ 2,263 क्विंटल धान ही खरीदी गई थी, जिससे 34.11 करोड़ रुपए के घोटाले का खुलासा हुआ। महाराजपुर में भी सरकारी धान खरीदी में भारी गड़बड़ी पाई गई, जहां रिकॉर्ड के अनुसार 2672.25 क्विंटल धान खरीदी गई, जिसकी कीमत 61.46 लाख रुपए बताई गई, लेकिन असल में सिर्फ 1134.20 क्विंटल धान की खरीदी दिखाकर फर्जी भुगतान किया गया। इसी तरह कुल पांच गोदाम में धान की कमी मिली। जांच में यह भी सामने आया कि इस घोटाले में सहकारी समिति, कंप्यूटर ऑपरेटर, समिति प्रबंधक और अन्य अधिकारियों की मिलीभगत थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसके अलावा, सरकारी गोदामों में रखे लाखों रुपए के धान के स्टॉक में भी बड़े पैमाने पर हेरफेर हुआ है। जांच में सामने आया कि इस अकेल गोदाम से 71,942.799 क्विंटल धान गायब है, वहीं अन्य गोदाम की जांच के दौरान कुल मिलाकर 2268 मीट्रिक टन धान का हेरफेर सामने आया है । अब इस मामले में कुल 22 लोगों के ऊपर एफआईआर दर्ज की गई है और इस पूरे मामले की गहन जांच जारी है।



ये भी खबर पढ़ें... आरोपी ने 8 साल बाद जबलपुर कोर्ट में किया सरेंडर, सजा होते ही फिर फरार



इन समितियों में हुई गड़बड़ी

ये भी खबर पढ़ें...350 करोड़ रुपए का DMF घोटाला... गांवों के विकास के लिए दिया था फंड



फर्जी एंट्री दिखा कर गायब की गई धान

जबलपुर में सरकारी धान खरीदी में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए समितियों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कागजों में धान खरीदी और भंडारण दिखाकर करोड़ों रुपए का गबन कर लिया। जांच में खुलासा हुआ कि ऑनलाइन सिस्टम में फर्जी एंट्री कर भुगतान तो कर दिया गया, लेकिन जब भौतिक सत्यापन हुआ तो वेयरहाउस में धान का स्टॉक गायब मिला। प्रशासन द्वारा की गई जांच में पांच समितियों में 2286 मीट्रिक टन धान नदारद पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ रुपए से अधिक है। घोटाले में शामिल अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, और प्रशासन अब दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इस घोटाले ने खाद्य आपूर्ति तंत्र में गहरी सेंध लगाने के संकेत दिए हैं, जिससे सरकारी अनाज भंडारण प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।



thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



Tags:
  • MP News
  • MP
  • जबलपुर समाचार
  • जबलपुर
  • धान
  • सेवा सहकारी समिति में गबन
  • मध्य प्रदेश समाचार
  • कलेक्टर दीपक सक्सेना
  • जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना
  • जबलपुर प्रशासन