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खबर के ठीक ऊपर दिखाई दे रही तस्वीर वैसे तो कुछ दिन पहले आप देख ही चुके हैं। ये हैं उज्जैन के पीएचई विभाग में कार्यरत असिस्टेंट इंजीनियर निधि मिश्रा, जो 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार हुई हैं।
बिडंबना देखिए कि निधि जिस सीट पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार हुईं, उसके ठीक ऊपर स्वामी विवेकानंद, भगत सिंह और महात्मा गांधी की तस्वीरें लगी हुई हैं। इससे भी बड़ी बात यह कि वे जिस विभाग जल जीवन मिशन के काम के बदले रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ी गईं, उसी विभाग ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक चेंजमेकर यानी हीरो की तरह पेश किया था। चलिए पहले जानते हैं मामला क्या है…
60 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार हुई थीं
उज्जैन के पीएचई विभाग की अस्सिटेंट इंजीनियर निधि मिश्रा (assistant engineer nidhi mishra) को 60 हजार की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मामला 3 जून का है।
निधि मिश्रा ने फरयादी से नल जल योजना के तहत ठेकेदार के 10 लाख के भुगतान के लिए रुपयों की मांग की थी। जिसकी शिकायत फरयादी ने लोकायुक्त में कर दी थी। जिसके बाद लोकायुक्त ने मामले में छानबीन के दौरान कार्रवाई करते हुए आरोपी इंजीनियर निधि मिश्रा को घूस लेते पकड़ा।
विभाग कर चुका है तारीफें
बता दें, जिस निधि को पीएचई विभाग ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है, उसी निधि मिश्रा की जल जीवन मिशन राष्ट्रीय स्तर पर तारीफ कर चुका है। दरअसल जल जीवन मिशन ने 29 अगस्त 2022 में अपने सोशल मीडिया प्लेफॉर्म पर एक पोस्ट शेयर कर निधि की तारीफ की थी।
विभाग ने पोस्ट कर लिखा था- निधि मिश्रा, असिस्टेंट इंजीनियर, असली चेंजमेकर! अपने सामने आई हर चुनौती पर काबू पाया, निधि
अपने क्षेत्र में नल जल कनेक्शन सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाने में सफल रही हैं।