हाईकोर्ट बोला, स्कूल की बदहाली दिखाने वाले पत्रकार पर FIR किलिंग द मैसेंजर जैसी
Sanjay Dhiman | Sept 10, 2026, 16:52 IST
journalist-fir-allahabad-hc-school-issue
पत्रकार अमित यादव ने सरकारी स्कूल की बदहाली उजागर की थी, जिसके चार दिन बाद उन पर एफआईआर दर्ज हुई। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसे बदले की कार्रवाई बताते हुए रोक लगाई और इसे 'किलिंग द मैसेंजर' जैसा मामला करार दिया।
एक पत्रकार ने सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था पर रिपोर्ट बनाई थी। रिपोर्टिंग के चार दिन बाद उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने इस एफआईआर पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया। साथ ही कहा कि यह मैसेंजर को मारने जैसा मामला है।
पत्रकार अमित यादव पूर्व माध्यमिक विद्यालय, बेगरिया मऊ, गोसाईंगंज गए थे। वहां उन्होंने स्कूल की हालत खुद देखी। शौचालय खराब पड़े थे। बच्चों के लिए पीने के पानी का भी इंतजाम नहीं था। उन्होंने इस बारे में स्कूल के कुछ शिक्षकों से बातचीत की। इसी बातचीत और मौके पर देखी गई हकीकत के आधार पर उन्होंने रिपोर्ट तैयार की।
रिपोर्ट सामने आने के महज चार दिन बाद 24 अगस्त को अमित यादव के खिलाफ गोसाईंगंज थाने में एफआईआर (FIR – First Information Report) दर्ज कर ली गई। यह मुकदमा बीएनएस (BNS – Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 223, 353 और 356 के तहत दर्ज हुआ। पत्रकार ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने की। कोर्ट ने कहा कि स्कूल की कमियां उजागर करने वाले पत्रकार पर कार्रवाई करना गलत है। बेंच ने इसे 'किलिंग द मैसेंजर' जैसा बताया। यानी सच दिखाने वाले को ही निशाना बना दिया गया।
कोर्ट ने रिपोर्टिंग और एफआईआर दर्ज होने के बीच के कम समय को भी अहम माना। बेंच ने कहा कि यह समय बताता है कि कार्रवाई जल्दबाजी में और सोच समझकर की गई। इसी आधार पर कोर्ट ने प्रथम दृष्टया इसे बदले की भावना से उठाया गया कदम बताया।
कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग को निजी शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही संबंधित स्कूल की मौजूदा स्थिति की तस्वीरें भी पेश करने को कहा गया है। कोर्ट स्कूल परिसर की असल हालत जानना चाहता है। तब तक एफआईआर के आधार पर आगे की कोई कार्रवाई नहीं होगी।
यह मामला सिर्फ एक स्कूल या एक पत्रकार तक सीमित नहीं है। यह सवाल उठाता है कि जमीनी हकीकत दिखाने वाले पत्रकारों को किस तरह का माहौल मिल रहा है। कोर्ट की यह टिप्पणी आने वाले समय में ऐसे मामलों के लिए एक मिसाल बन सकती है।
यह खबरें भी पढ़ें...
आधार कार्ड देखकर करो प्यार, युवती के सवाल पर अनिरुद्धाचार्य का जवाब
मिर्जापुर के शूरवीर गाने पर भड़के राजेंद्र राठौड़, सेंसर बोर्ड को लिखा पत्र
8वां वेतन आयोग: चेन्नई में न्यूनतम वेतन 68,000 रुपए सहित रखीं पांच बड़ी मांगें
एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला-70, 80, 90 फीसदी वेतन का नोटिफिकेशन रद्द
पत्रकार ने क्या देखा था स्कूल में
चार दिन में दर्ज हुई FIR
हाईकोर्ट ने क्या कहा
कोर्ट ने रिपोर्टिंग और एफआईआर दर्ज होने के बीच के कम समय को भी अहम माना। बेंच ने कहा कि यह समय बताता है कि कार्रवाई जल्दबाजी में और सोच समझकर की गई। इसी आधार पर कोर्ट ने प्रथम दृष्टया इसे बदले की भावना से उठाया गया कदम बताया।
अफसरों को शपथ पत्र का आदेश
पत्रकारिता और सुरक्षा का सवाल
यह खबरें भी पढ़ें...
आधार कार्ड देखकर करो प्यार, युवती के सवाल पर अनिरुद्धाचार्य का जवाब
मिर्जापुर के शूरवीर गाने पर भड़के राजेंद्र राठौड़, सेंसर बोर्ड को लिखा पत्र
8वां वेतन आयोग: चेन्नई में न्यूनतम वेतन 68,000 रुपए सहित रखीं पांच बड़ी मांगें
एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला-70, 80, 90 फीसदी वेतन का नोटिफिकेशन रद्द
CG Top News : आयुष्मान में वसूली से लेकर शिक्षक भर्ती पर विवाद तक, पढ़े छत्तीसगढ़ की दिनभर की बड़ी खबरें
By Umeshwari Baghel
Rajasthan Top News: भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या, 35-40 लोग नामजद
By Ashish Bhardwaj
GST विभाग में बड़ी सर्जरी, 10 ज्वाइंट कमिश्नर बदले, सोनल मिश्रा को BIU की कमान, नरेंद्र वर्मा रायपुर संभाग-1 पहुंचे
By VINAY VERMA
सुमित्रा महाजन के बेटे मिलिंद महाजन के शोरूम विवाद में सीपी संतोष सिंह, डीसीपी मीणा, एसीपी पटेल को राहत
By Sanjay Gupta
जनता के धैर्य की परीक्षा न लें पीएम,वोट चोरी के मुद्दे पर बोले टीकाराम जूली,मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
By Mukesh Sharma
Maa Bamleshwari Temple : मां बम्लेश्वरी का नाम कैसे पड़ा? जानिए डोंगरगढ़ मंदिर से जुड़ी चार रहस्यमयी कहानियां
By Umeshwari Baghel
जयपुर मेट्रो की पहली लाइन पूरी होने में लगेंगे 13 साल, अब 2028 की डेडलाइन, यूनेस्को की आपत्ति के बाद बदला रूट
By Raghvendra Singh Rathore