जनसुनवाई में ज्योतिरादित्य सिंधिया को कलेक्टर पर क्यों आया गुस्सा, मंच से लगाई फटकार

Amresh Kushwaha | Apr 06, 2026, 12:29 IST
Jyotiraditya Scindia collector janasunwai ashok nagar
मध्य प्रदेश के अशोक नगर में जनसुनवाई के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कलेक्टर साकेत मालवीय को सबके सामने फटकार लगाई। आवेदन बेतरतीब रखने पर बोले- ये कागज नहीं, लोगों की उम्मीदें हैं।

News In Short

  • मध्यप्रदेश के अशोक नगर में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित हुआ था।
  • केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे।
  • कलेक्टर साकेत मालवीय आवेदन बेतरतीब तरीके से थैले में रख रहे थे।
  • सिंधिया ने मंच से ही कलेक्टर को सबके सामने सख्त फटकार लगाई।
  • सिंधिया बोले, ये आवेदन लोगों की उम्मीदें हैं, सोने के समान हैं।

News In Detail

मध्य प्रदेश के अशोक नगर में रविवार, 05 अप्रैल की जनसुनवाई कार्यक्रम खत्म हो चुकी थी। लोग जा रहे थे। मंच पर बैठे अधिकारी भी अपना सामान समेट रहे थे। तभी कलेक्टर साकेत मालवीय जनता के दिए आवेदन उठाकर एक थैले में डालने लगे। न कोई तरतीब, न कोई एहतियात।



यह नजारा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की नजर से छिपा नहीं रहा। वे खुद को रोक नहीं पाए और मंच से ही कलेक्टर को फटकार लगा दी।



3bc2f3a3-607


ये कागज नहीं, सोना है- मंत्री

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने सबके सामने कहा कि ये कागज नहीं हैं। ये लोगों की उम्मीदें हैं। हमारे लिए ये सोने के समान हैं। उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद हर शख्स रुक गया।



यह महज नाराजगी नहीं थी। यह प्रशासन को उसकी असली जिम्मेदारी याद दिलाने की कोशिश थी। सिंधिया का यह अंदाज वीडियो में कैद हो गया, जो तेजी से सोशल मीडिया पर फैलने लगा।



आवेदन फाइल नहीं, किसी की पीड़ा है

सिंधिया ने आगे कहा कि जो लोग जनसुनवाई में आते हैं, वे बड़ी उम्मीद लेकर आते हैं। उनके आवेदन सिर्फ कागज के टुकड़े नहीं होते। हर आवेदन के पीछे किसी की तकलीफ, किसी का संघर्ष और किसी की उम्मीद होती है। उन्हें यूं बेतरतीब फेंकना उन भावनाओं का अपमान है।



मंत्री की इस बात में एक गहरा संदेश था। प्रशासन में संवेदनशीलता उतनी ही जरूरी है जितना काम करना।



f992f148-618


कलेक्टर ने तुरंत सुधारा रवैया

फटकार मिलते ही आईएएस साकेत मालवीय ने तुरंत सभी आवेदन व्यवस्थित किए। उन्हें सही तरीके से संजोया गया। माहौल में बदलाव साफ दिखा।



वहीं, सवाल यह है कि यदि मंत्री वहां न होते तो क्या वे आवेदन उसी थैले में अव्यवस्थित पड़े रहते? जनसुनवाई का मकसद तभी पूरा होता है जब हर आवेदन पर गंभीरता से काम हो।



जनसुनवाई का असली मकसद क्या है?

जनसुनवाई एक ऐसा मंच है जहां आम आदमी सीधे प्रशासन तक अपनी बात पहुंचा सकता है। दूर-दराज के गांवों से लोग घंटों सफर करके आते हैं। कई बार एक आवेदन लिखने में ही उनकी आधी ताकत लग जाती है। ऐसे में यदि उनके आवेदन को ही लापरवाही से संभाला जाए, तो उनका भरोसा टूटता है।



सिंधिया की फटकार ने इसी बात को उजागर किया है। प्रशासनिक जिम्मेदारी सिर्फ कुर्सी पर बैठकर काम निपटाना नहीं है। लोगों की समस्याओं के साथ संवेदनशीलता से पेश आना भी उतना ही जरूरी है।



ये खबर भी पढ़िए...



ज्योतिरादित्य सिंधिया की जनसुनवाई में पहुंचा 'फरार' अपराधी, मंत्री ने खुद पकड़वाया!



ज्योतिरादित्य सिंधिया और पन्ना लाल शाक्य के बीच सब ठीक? वायरल हुए वीडियो से उठे सवाल



MP News: निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने पर अशोक नगर जिला कोषालय अधिकारी सस्पेंड



ESB डायरेक्टर IAS साकेत मालवीय से सीधी बात, कैलेंडर के साथ सिलेबस, पद और SI क्यों नहीं?



Tags:
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया
  • अशोक नगर
  • आईएएस साकेत मालवीय