कैलाश विजयवर्गीय बोले- बंगाल नहीं जाउंगा, मेरे खिलाफ 38 फर्जी केस, गिरफ्तारी का खतरा
आमीन हुसैन@RATLAM.
मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस बार वे बंगाल चुनाव में नहीं जाएंगे। इसका कारण उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज “38 फर्जी केस” और संभावित गिरफ्तारी को बताया है।
रतलाम में मीडिया से बातचीत के दौरान विजयवर्गीय ने कहा कि उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल में कई वारंट जारी हैं और वहां जाते ही उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी नेतृत्व ने भी उन्हें बंगाल जाने से मना किया है ताकि किसी नए विवाद से बचा जा सके।
रतलाम दौरे में खुलकर बोले विजयवर्गीय
रतलाम में पूर्व आरडीए अध्यक्ष अशोक पोरवाल के निवास पर पत्रकारों से बातचीत में विजयवर्गीय ने कहा:
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल लगातार गर्म है और चुनावी गतिविधियां तेज हो रही हैं।
‘बजरंगबली की कृपा से जिंदा हूं’—भावुक बयान
विजयवर्गीय ने अपने पिछले अनुभवों का जिक्र करते हुए भावुक अंदाज में कहा:
इस बयान से साफ है कि वे बंगाल में अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते रहे हैं।
ममता बनर्जी पर निशाना
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि वहां की सरकार घबराई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो रहे हैं। राज्य में “माफिया तंत्र” सक्रिय है। राजनीतिक माहौल अस्थिर है। हालांकि, इन आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बीजेपी की रणनीति और बंगाल चुनाव
विजयवर्गीय ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की स्थिति मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सभाओं में भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग 10–15 किलोमीटर दूर से पैदल आ रहे हैं। यह संकेत है कि जनता बदलाव चाहती है।
यूसीसी (Uniform Civil Code) पर क्या बोले?
प्रदेश में यूसीसी (Uniform Civil Code) लागू करने के सवाल पर विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले समय में इस पर ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव से संबंधों पर बयान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ अपने संबंधों पर विजयवर्गीय ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार टीमवर्क के साथ काम कर रही है। सभी मंत्री मिलकर विकास के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। कोई मतभेद नहीं है
इंदौर नगर निगम विवाद पर प्रतिक्रिया
इंदौर नगर निगम से जुड़े विवाद पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी और कहा कि प्रशासनिक स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं। पारदर्शिता बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता है।
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