एमपी में बिना अनुमति चल रहे सैकड़ों लेब और अस्पताल, ग्वालियर सबसे आगे

Aman Vaishnav | Apr 12, 2026, 11:13 IST
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mp hospitals running without pollution board permission ngt report
mp hospitals running without pollution board permission ngt report

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनजीटी को सौंपी रिपोर्ट में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के 1640 अस्पताल और लैब बिना अनुमति चल रहे हैं।

News In Short

  • प्रदेश में कुल 1640 हेल्थ फैसिलिटी बिना प्रदूषण बोर्ड की अनुमति के चल रही हैं।
  • ग्वालियर इस लिस्ट में सबसे ऊपर है, जहां 530 संस्थान अवैध रूप से सक्रिय हैं।
  • भोपाल और जबलपुर में स्थिति बेहतर है, वहां एक भी संस्थान बिना अनुमति नहीं है।
  • इंदौर में सबसे ज्यादा अस्पताल हैं, लेकिन वहां केवल 44 संस्थान बिना अनुमति मिले हैं।
  • प्रदूषण बोर्ड ने एनजीटी से सीएमएचओ को सख्त निर्देश देने की अपील की है।

News In Detail

मध्य प्रदेश में 1640 अस्पताल, क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब बिना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति के चल रहे हैं। इनमें ग्वालियर सबसे आगे है, जहां 530 हेल्थ फैसिलिटी बिना अनुमति के काम कर रही हैं।

हालांकि भोपाल और जबलपुर में ऐसा कोई अस्पताल या क्लीनिक नहीं है, जिसके पास बोर्ड की अनुमति न हो। प्रदेश में हेल्थ फैसिलिटी की संख्या सबसे ज्यादा इंदौर में है, जहां 44 संस्थान बिना अनुमति चल रहे हैं।

यह जानकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी के सामने पेश की है।

सीएमएचओ को निर्देश दिए जाएं

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनजीटी में दो तरह का डेटा पेश किया है। एक डेटा 2024 का है जिसमें बिना अनुमति के चलने वाली हेल्थ फैसिलिटी की संख्या 1640 बताई गई है। वहीं 2016 का डेटा फरवरी महीने का है जिसमें यह संख्या 1196 थी और अब यह घटकर 845 हो गई है।

हालांकि मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्डने प्रभावी कार्रवाई का दावा किया है, लेकिन उन्होंने एनजीटी से रिक्वेस्ट किया है कि सीएमएचओ को निर्देश दिए जाएं, ताकि बिना अनुमति वाले संस्थानों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सके।

फैसिलिटी को बंद करने के आदेश

ग्वालियर क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार नौ फैसिलिटी को बंद करने के आदेश दिए गए हैं, जबकि 391 को नोटिस भेजे गए हैं।

FAQ

  1. एमपी में कितने अस्पताल बिना अनुमति चल रहे हैं?
    प्रदूषण बोर्ड के अनुसार कुल 1640 संस्थान बिना अनुमति हैं। इनमें अस्पताल, क्लीनिक और कई पैथोलॉजी लैब शामिल की गई हैं। यह रिपोर्ट हाल ही में एनजीटी के सामने पेश हुई है। सभी जिलों में जांच की प्रक्रिया अभी भी जारी है।
  2. क्या भोपाल में भी अवैध अस्पताल हैं?
    जी नहीं, भोपाल शहर का रिकॉर्ड बहुत अच्छा है। भोपाल में एक भी अवैध संस्थान नहीं मिला। यहां के सभी अस्पतालों के पास प्रदूषण बोर्ड की अनुमति है। यह दोनों शहर नियमों के पालन में सबसे आगे हैं।
  3. एमपी में बिना अनुमति वाले संस्थानों पर क्या कार्रवाई होगी?
    इन संस्थानों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की सिफारिश की गई है। बोर्ड ने सीएमएचओ को निर्देश देने का अनुरोध किया है। कई संस्थानों को बंद करने के आदेश जारी हो चुके हैं।
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