खंडवा में जनसुनवाई के दौरान पार्ट-टाइम कर्मचारियों का अनोखा विरोध, 3 साल के ज्ञापनों की माला लेकर पहुंचे
Abhilasha Saksena Chakraborty | Apr 15, 2025, 17:13 IST
Part-time employees memorandum
खंडवा में पार्ट-टाइम कर्मचारियों ने 8 घंटे काम के बदले उचित वेतन की मांग को लेकर तीन साल से दिए ज्ञापनों की माला बनाकर जनसुनवाई में किया अनोखा विरोध।
मुश्ताक मंसूरी@खंडवा
MP News: मध्य प्रदेश के खंडवा में पार्ट-टाइम कर्मचारियों ने जनसुनवाई के दौरान विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया। ये कर्मचारी 8 घंटे काम के बदले उचित वेतन की मांग को लेकर तीन साल से दिए ज्ञापनों की माला बनाकर जनसुनवाई में पहुंचे। जिले में आयोजित जनसुनवाई के दौरान पार्ट-टाइम कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों की अनदेखी के चलते यह तरीका अपनाया। तीन वर्षों से सरकार को सौंपे गए ज्ञापनों की माला बनाकर ये कर्मचारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।कर्मचारी संघ ने मांगों से जुड़ा ज्ञापन जिला शिक्षा अधिकारी पीएस सोलंकी को सौंपा, जिन्होंने बताया कि इनकी मांगें शासन स्तर की हैं, हमने सभी सुझावों को उच्च स्तर पर भेज दिया है। निर्णय शासन द्वारा ही लिया जाएगा।
कर्मचारी संघ के अनुसार, उन्हें सरकारी स्कूलों में केवल दो घंटे के काम के लिए नियुक्त किया गया था, लेकिन उनसे दो घंटे की जगह पूरे 8 घंटे काम लिया जा रहा है। इसके बदले उन्हें मात्र 4,000 रुपए मासिक मानदेय मिल रहा है, जो ना तो न्यायसंगत है और ना ही पर्याप्त।
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एमपी पार्ट-टाइम वर्कर्स यूनियन खंडवा का कहना है कि हम 8 घंटे तक लगातार साफ-सफाई, पानी सप्लाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। अगर शासन हमसे पूर्णकालिक कार्य लेता है, तो हमें कलेक्टर रेट पर 11,800 रुपए वेतन मिलना चाहिए। तीन वर्षों से ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसलिए आज ज्ञापनों की माला बनाकर विरोध जताया।
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MP News: मध्य प्रदेश के खंडवा में पार्ट-टाइम कर्मचारियों ने जनसुनवाई के दौरान विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया। ये कर्मचारी 8 घंटे काम के बदले उचित वेतन की मांग को लेकर तीन साल से दिए ज्ञापनों की माला बनाकर जनसुनवाई में पहुंचे। जिले में आयोजित जनसुनवाई के दौरान पार्ट-टाइम कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों की अनदेखी के चलते यह तरीका अपनाया। तीन वर्षों से सरकार को सौंपे गए ज्ञापनों की माला बनाकर ये कर्मचारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।कर्मचारी संघ ने मांगों से जुड़ा ज्ञापन जिला शिक्षा अधिकारी पीएस सोलंकी को सौंपा, जिन्होंने बताया कि इनकी मांगें शासन स्तर की हैं, हमने सभी सुझावों को उच्च स्तर पर भेज दिया है। निर्णय शासन द्वारा ही लिया जाएगा।
क्या है कर्मचारियों की मांग?
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एमपी पार्ट-टाइम वर्कर्स यूनियन खंडवा का कहना है कि हम 8 घंटे तक लगातार साफ-सफाई, पानी सप्लाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। अगर शासन हमसे पूर्णकालिक कार्य लेता है, तो हमें कलेक्टर रेट पर 11,800 रुपए वेतन मिलना चाहिए। तीन वर्षों से ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसलिए आज ज्ञापनों की माला बनाकर विरोध जताया।
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