संसद को उड़ाने की धमकी देने के मामले में MP के पूर्व MLA किशोर समरीते दोषी करार

Sandeep Kumar | Feb 21, 2025, 13:22 IST
kishore-samrite-convicted
दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक किशोर समरीते को संसद भवन को उड़ाने की धमकी देने के मामले में दोषी ठहराया है। हालांकि, उन्हें विस्फोटक अधिनियम के तहत बरी कर दिया गया...

दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक किशोर समरीते को संसद को डायनामाइट से उड़ा देने की धमकी देने के आरोप में दोषी ठहराया है। यह मामला संसद की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गया था, और कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया है।



हालांकि, समरीते को विस्फोटक अधिनियम के तहत आरोपों से बरी कर दिया गया है, लेकिन अब 27 फरवरी को सजा पर बहस करने की तारीख तय की है।



ये खबर भी पढ़िए...भोपाल, इंदौर के बाद अब जबलपुर के स्कूल को बम की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क



आखिरी सुनवाई की तारीख

ये खबर भी पढ़िए...ब्लैकमेलिंग: दंपती का नहाते समय बनाया वीडियो, वायरल की धमकी देकर मांगे 6 करोड़ रुपए



क्या है पूरा मामला

किशोर समरीते ने साल 2022 के सितंबर महीने में राज्यसभा के महासचिव को एक धमकी भरा पत्र भेजा था। इस पत्र में समरीते ने संसद को 30 सितंबर 2022 को डायनामाइट से उड़ाने की धमकी दी थी। साथ ही, पत्र में कुछ राजनीतिक मांगें भी शामिल थीं। समरीते ने पत्र के साथ एक संदिग्ध पदार्थ भी भेजा था, जिससे जांच अधिकारियों को यह संदेह हुआ कि वह किसी आतंकवादी गतिविधि की योजना बना रहे थे।



ये खबर भी पढ़िए...BJP नेता ने मुस्लिम वोटरों को दी धमकी, कहा - घर बचाना है तो वाेट....



किशोर समरीते ठहराए गए दोषी

एवेन्यू कोर्ट ने यह कहा कि, भले ही पत्र में भेजे गए पदार्थ को विस्फोटक नहीं माना गया, लेकिन समरीते का पत्र संसद भवन को नष्ट करने की धमकी देने के लिए था, जिससे आईपीसी की धारा 506 के तहत उन्हें दोषी ठहराया जा सकता है। समरीते ने 17 पार्सल भेजे थे, जिनमें भारत के संविधान की पुस्तक और राष्ट्रीय ध्वज शामिल थे, और इन पार्सलों को विभिन्न राजनीतिक नेताओं और सरकारी अधिकारियों को भेजा गया था।



ये खबर भी पढ़िए...PM मोदी के विमान को उड़ाने की धमकी से हिल गई मुंबई पुलिस! सभी एजेंसियां अलर्ट पर



सपा नेता हैं किशोर समरीते

किशोर समरीते मध्य प्रदेश के एक पूर्व विधायक और विवादास्पद राजनीतिक शख्सियत हैं। वे मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के लांजी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। समाजवादी पार्टी (SP) से जुड़े हुए हैं। समरीते का राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा है, और वे अपनी राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ कई कानूनी विवादों के कारण भी सुर्खियों में रहे हैं।



वकीलों का पक्ष और अदालत का आदेश

दिल्ली की विशेष जज विशाल गोगने ने 18 फरवरी को अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष ने यह साबित कर दिया कि समरीते ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 506 भाग II के तहत दंडनीय अपराध किया। हालांकि, अदालत ने उन्हें विस्फोटक अधिनियम के तहत आरोपों से बरी कर दिया, क्योंकि पत्र में भेजे गए पदार्थ को विस्फोटक नहीं माना गया। समरीते का पत्र संसद भवन को आग से नष्ट करने की धमकी देने के लिए था, जिसके चलते उन्हें आईपीसी की धारा 506 के तहत दोषी ठहराया गया।



पहले भी रहे विवादों में

समरीते 2004 में बालाघाट के लांजी में हुए एक बड़े विवाद में शामिल थे। इस घटना में एसडीएम कार्यालय में दंगा और आगजनी हुई थी। इस मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मई 2024 में उनकी पांच साल की सजा को बरकरार रखा। हालांकि, अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत लगे आरोपों से उन्हें बरी कर दिया गया।



FAQ

  1. किशोर समरीते को किस कारण दोषी ठहराया गया?
    उन्हें संसद भवन को डायनामाइट से उड़ाने की धमकी देने के मामले में आईपीसी की धारा 506 के तहत दोषी ठहराया गया।
  2. क्या समरीते को विस्फोटक अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया?
    नहीं, उन्हें विस्फोटक अधिनियम के तहत बरी कर दिया गया है।
  3. क्या समरीते ने पत्र में क्या धमकी दी थी?
    समरीते ने पत्र में भारत की संसद को 30 सितंबर 2022 को डायनामाइट से उड़ाने की धमकी दी थी।
  4. अदालत ने समरीते को कब सजा सुनाने के लिए तय किया?
    अदालत ने सजा पर बहस के लिए 27 फरवरी 2025 की तारीख तय की है।
  5. समरीते का राजनीतिक करियर कैसे रहा है?
    समरीते का राजनीतिक करियर विवादों से भरा रहा है और वे कई कानूनी मामलों का सामना कर चुके हैं।




Tags:
  • समाजवादी पार्टी
  • मध्य प्रदेश
  • दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट
  • किशोर समरीते पर शिकंजा कसा
  • दिल्ली कोर्ट
  • देश दुनिया न्यूज
  • hindi news