लाड़ली बहना योजना को लेकर BJP विधायक हरि सिंह सप्रे के विवादित बोल, बोले- फ्री फंड में पैसे बांट रही सरकार
Sourabh Bhatnagar | Sept 26, 2025, 11:14 IST
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विदिशा जिले की कुरवाई विधानसभा से बीजेपी विधायक हरि सिंह सप्रे का लाड़ली बहना योजना को लेकर एक विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने एक भाषण में कह दिया...
अक्सर विपक्ष मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना को लेकर हमलावर रहता है, लेकिन इस बार तो खेल ही बदल गया! हैरान करने वाली बात ये है कि सवाल विपक्ष नहीं, बल्कि खुद सत्तारूढ़ बीजेपी के विधायक हरि सिंह सप्रे ने उठाए हैं।
विदिशा की कुरवाई विधानसभा से बीजेपी विधायक हरि सिंह सप्रे (BJP MLA Hari Singh Sapre) ने सार्वजनिक मंच से कहा कि सरकार मुफ्त में पैसे बांट रही है। उनका ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और अब यह एक नया विवाद बन गया है।
इस टिप्पणी ने राज्य में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी के भीतर उठे इस सवाल का क्या असर होता है।
उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, और यह राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
बता दें कि Ladli Behna Yojana का उद्देश्य मुख्य रूप से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मदद प्रदान करना है, ताकि वे अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकें। हालांकि, सप्रे के बयान ने इस योजना की सफलता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
बता दें कि इस योजना के दो साल पूरे होने के बाद मुख्यमंत्री के बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि दिवाली से लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर 1500 रुपए कर दी जाएगी। अभी तक इस योजना के तहत प्रदेश की 1.27 करोड़ महिलाओं को हर महीने 1250 रुपए सीधे बैंक खाते में दिए जाते हैं।
सरकार के इस फैसले से अब हर साल करीब 22 हजार करोड़ खर्च होंगे। अभी सरकार हर महीने लगभग 1551 करोड़ रुपए खर्च कर रही है, जो दीपावली के बाद बढ़कर करीब 1861 करोड़ हो जाएगा। यानी एक झटके में सरकार पर हर महीने 310 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा।
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लाड़ली बहना योजना पर हर महीने 310 करोड़ ज्यादा खर्च होंगे, हर महीने इस तारीख के बाद ही आएगा पैसा
शुरुआत में इस योजना में 1 करोड़ 31 लाख महिलाएं जुड़ी थीं, लेकिन अब यह संख्या घटकर 1 करोड़ 27 लाख रह गई है। इसके पीछे वजह यह है कि सरकार ने 20 अगस्त 2023 के बाद नई पंजीकरण प्रक्रिया बंद कर दी थी। इसके अलावा योजना में अधिकतम उम्र 60 साल रखी गई है, जिससे भी कुछ महिलाओं का नाम कट गया।
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मध्यप्रदेश सरकार पर पहले से ही भारी कर्ज है। राज्य पर लगभग 4.31 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है, जबकि राज्य का वार्षिक बजट 4.21 लाख करोड़ रुपए के आसपास है। इसके बावजूद सरकार हर महीने करोड़ों रुपए की किस्तें लाड़ली बहनाओं को देती है।
सरकार ने अप्रैल से योजना की भुगतान तारीख भी बदल दी है। पहले यह पैसा महीने के शुरुआत में दिया जाता था, अब इसे महीने के बीच में ट्रांसफर किया जाता है। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि केंद्र से राज्यों को मिलने वाला टैक्स का हिस्सा (Devolution) 10 तारीख के बाद ही आता है, उसी पैसे से लाड़ली बहनों को भुगतान किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में केंद्र ने मध्यप्रदेश को टैक्स में हिस्सेदारी के तौर पर 1.11 लाख करोड़ रुपए दिए हैं, जो पिछले साल 97 हजार करोड़ रुपए थे।
गौरतलब है कि लाड़ली बहना योजना ने एमपी बीजेपीको पिछला विधानसभा चुनाव जीतने में बड़ी मदद की थी। इसी योजना ने महिला वोटरों को बीजेपी के पक्ष में जोड़ने में अहम भूमिका निभाई थी और पार्टी को 230 में से 163 सीटें दिलाने में मदद की थी। अब सरकार उसी भरोसे को बनाए रखने के लिए धीरे-धीरे राशि बढ़ा रही है। फिलहाल सरकार ने नई महिलाओं को योजना से जोड़ने का कोई संकेत नहीं दिया है। यानी जो महिलाएं पहले से योजना में शामिल हैं, उन्हें ही बढ़ी हुई राशि का फायदा मिलेगा।
लाड़ली बहना योजना को मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए शुरू किया था, ताकि उन्हें आर्थिक सहायता दी जा सके। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। योजना के तहत, महिलाओं को हर महीने 1250 रुपए की राशि दी जाती है।
नोट: बीजेपी विधायक हरि सिंह सप्रे का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें साफ-साफ नहीं सुनाई दे रहा है कि वो क्या बोल रहे हैं। हालांकि, कई मीडिया ग्रुप्स ने उनके इस बयान को कवर किया है।
विदिशा की कुरवाई विधानसभा से बीजेपी विधायक हरि सिंह सप्रे (BJP MLA Hari Singh Sapre) ने सार्वजनिक मंच से कहा कि सरकार मुफ्त में पैसे बांट रही है। उनका ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और अब यह एक नया विवाद बन गया है।
इस टिप्पणी ने राज्य में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी के भीतर उठे इस सवाल का क्या असर होता है।
ये बोले बीजेपी विधायक
सीएम मोहन यादव के दौरे से ठीक पहले बीजेपी विधायक हरि सिंह सप्रे का लाड़ली बहना योजना को लेकर एक विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने एक भाषण में कहा कि सरकार फ्री फंड के तहत पैसे बांट रही है।
बता दें कि Ladli Behna Yojana का उद्देश्य मुख्य रूप से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक मदद प्रदान करना है, ताकि वे अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकें। हालांकि, सप्रे के बयान ने इस योजना की सफलता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
योजना पर हर महीने 310 करोड़ ज्यादा खर्च होंगे
सरकार के इस फैसले से अब हर साल करीब 22 हजार करोड़ खर्च होंगे। अभी सरकार हर महीने लगभग 1551 करोड़ रुपए खर्च कर रही है, जो दीपावली के बाद बढ़कर करीब 1861 करोड़ हो जाएगा। यानी एक झटके में सरकार पर हर महीने 310 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा।
1 हजार से 1250 किए थे
लाड़ली बहना योजना विधानसभा चुनाव 2023 से पहले शुरू की गई थी। उस समय महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपए की मदद दी जाती थी। इसके बाद अक्टूबर 2023 से यह राशि बढ़ाकर 1250 रुपए कर दी गई। चुनाव के वक्त सरकार ने वादा किया था कि यह मदद धीरे-धीरे 3 हजार प्रति माह तक पहुंचाई जाएगी। अब इसी क्रम में दिवाली से इसे 1500 किया जा रहा है। सरकार ने यह भी कहा था कि इसके बाद इसे 1750 रुपए, 2 हजार, 2250 रुपए और धीरे-धीरे बढ़ाते हुए 3 रुपए तक किया जाएगा, लेकिन अब तक दो बार ही पैसे बढ़ाए गए हैं।
रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों को मिलेगा डबल तोहफा, सरकार देगी बोनस राशि
लाड़ली बहना योजना पर हर महीने 310 करोड़ ज्यादा खर्च होंगे, हर महीने इस तारीख के बाद ही आएगा पैसा
क्यों कम हुईं महिलाएं
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दिग्विजय सिंह ने लाड़ली बहना योजना पर उठाए सवाल, सीएम ने एक दिन पहले ही बहनों के खातों में डाले थे 1541 करोड़
एमपी में लाड़ली बहना योजना के नाम पर ऐसे हो रही बहनों से ठगी, ऐसे बचें
कर्ज पहले ही बजट से ज्यादा
सरकार ने अप्रैल से योजना की भुगतान तारीख भी बदल दी है। पहले यह पैसा महीने के शुरुआत में दिया जाता था, अब इसे महीने के बीच में ट्रांसफर किया जाता है। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि केंद्र से राज्यों को मिलने वाला टैक्स का हिस्सा (Devolution) 10 तारीख के बाद ही आता है, उसी पैसे से लाड़ली बहनों को भुगतान किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में केंद्र ने मध्यप्रदेश को टैक्स में हिस्सेदारी के तौर पर 1.11 लाख करोड़ रुपए दिए हैं, जो पिछले साल 97 हजार करोड़ रुपए थे।
चुनाव में बनी थी गेमचेंजर
लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य क्या है?
नोट: बीजेपी विधायक हरि सिंह सप्रे का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें साफ-साफ नहीं सुनाई दे रहा है कि वो क्या बोल रहे हैं। हालांकि, कई मीडिया ग्रुप्स ने उनके इस बयान को कवर किया है।
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