डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय में वकालत के छात्र न वकील बन सकेंगे ना ही सिविल जज

Manya Jain | Feb 11, 2025, 12:05 IST
Share
 mp Sagar University Recognition
mp Sagar University Recognition

सागर के डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के लॉ कोर्सेज को बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता नहीं मिली है। बिना मान्यता के यहां के एलएलबी , एलएलएम (LLM) पाठ्यक्रमों से प्राप्त डिग्री धारक न तो अधिवक्ता बन सकते हैं, न ही किसी न्यायिक परीक्षा में बैठ सकते हैं।

Sagar University Recognition: सागर के डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय में विधि पाठ्यक्रम बिना बार काउंसिल ऑफ इंडिया (Bar Council of India) की मान्यता के संचालित हो रहे हैं। इसके चलते यहां से डिग्री लेने वाले लगभग 2500 विद्यार्थी वकालत, सिविल जज (Civil Judge), एडीपीओ (ADPO) जैसे पदों के लिए अयोग्य करार दिए गए हैं। जिसके चलते अब विश्वविद्यालय के छात्र इसका विरोध कर रहे हैं।

मान्यता की समस्या

सागर के डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय ने 2005-06 से बार काउंसिल से मान्यता प्राप्त नहीं की। विश्वविद्यालय के विधि पाठ्यक्रमों को बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता नहीं मिली है। बिना मान्यता के यहां के एलएलबी (LLB), एलएलएम (LLM) पाठ्यक्रमों से प्राप्त डिग्री धारक न तो अधिवक्ता बन सकते हैं, न ही किसी न्यायिक परीक्षा में बैठ सकते हैं।

फीस का विवाद

बार काउंसिल को मान्यता शुल्क के रूप में 88 लाख रुपए देने थे, जिसमें से 59 लाख रुपए का भुगतान होने का दावा किया गया। हालांकि, छात्रों को इसकी रसीद या सबूत नहीं दिखाया गया।

ये खबर भी पढ़ें...

स्कूलों की मान्यता की आखिरी तारीख खत्म, 6 हजार+ प्राइवेट स्कूलों ने नहीं किया

छात्र कर रहे हैं विरोध

पिछले दो साल से छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को छात्रों ने मुख्य कार्यालय के सामने धरना दिया और कुलपति को ज्ञापन सौंपा।

ये खबर भी पढ़ें...

MPESB में निकली भर्ती : हर महीने मिलेगी 60 हजार सैलरी, जल्द करें आवेदन

अंधकार में है भविष्य

विवि प्रशासन ने शाम तक 13.50 लाख रुपए जमा करने का वादा किया, परंतु देर शाम तक भी कोई रसीद नहीं दी गई। लगभग 450 छात्र वर्तमान में यहां एलएलबी, एलएलएम और पीएचडी की पढ़ाई कर रहे हैं। मान्यता न होने के कारण इनका भविष्य अंधकार में है।

ये खबर भी पढ़ें...

MP ऑनलाइन भर्ती का नोटिफिकेशन हुआ जारी, इन जिलों में होगी पोस्टिंग

हाईकोर्ट का दखल

बीते साल 2024 के अक्टूबर में उच्च न्यायालय ने बिना मान्यता के कोर्स संचालन पर विश्वविद्यालय और बार काउंसिल से जवाब तलब किया था।

ये खबर भी पढ़ें...

मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर वन अधिकारियों के तबादले, यहां देखें पूरी लिस्ट

FAQ

  1. डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के विधि पाठ्यक्रम मान्यता प्राप्त क्यों नहीं हैं?
    विश्वविद्यालय ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता के लिए आवश्यक शुल्क जमा नहीं किया है।
  2. बिना मान्यता के विधि डिग्री धारक क्या नहीं कर सकते?
    ऐसे डिग्री धारक वकालत के लिए पंजीकरण, सिविल जज और अन्य न्यायिक पदों के लिए अयोग्य माने जाते हैं।
  3. छात्रों का विरोध प्रदर्शन कब और क्यों हुआ?
    छात्रों ने 10 फरवरी 2025 को मुख्य कार्यालय के सामने मान्यता को लेकर प्रदर्शन किया।
  4. हाईकोर्ट ने क्या निर्देश दिए थे?
    हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2024 में विश्वविद्यालय और बार काउंसिल को बिना मान्यता कोर्स संचालन पर जवाब देने को कहा था।


Tags:
  • MP News
  • मध्य प्रदेश
  • मध्यप्रदेश समाचार
  • सागर यूनिवर्सिटी
  • law
  • डॉ.हरिसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी
  • बार काउंसिल ऑफ इंडिया
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा