मध्य प्रदेश : चीता प्रोजेक्ट को लेकर RTI के तहत मांगा जवाब, सरकार ने ये कहकर साध ली चुप्पी

Sandeep Kumar | Jul 26, 2024, 16:58 IST
STYLESHEET THESOOTR - 2024-07-26T164634.930
मध्य प्रदेश में चल रहे चीता प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी खबर है प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट से जुड़े एक आरटीआई आवेदन का जवाब देने से इनकार कर दिया। यह पहली बार है जब चीता परियोजना पर सूचना देने से इनकार किया गया है।

मध्य प्रदेश वन विभाग ने अफ्रीका से लाए गए चीतों और भारत में जन्मे उनके शावकों की देखरेख संबंधी व्यवस्था के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया है। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे के अनुरोध के जवाब में विभाग ने आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(ए) का हवाला दिया।



सार्वजनिक प्राधिकरण को सूचना उपलब्ध नहीं कराने की अनुमति देता है, बशर्ते कि उसे सार्वजनिक करने से भारत की संप्रभुता और अखंडता, देश की सुरक्षा, रणनीतिक, वैज्ञानिक या आर्थिक हितों, दूसरे देशों के साथ संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो या किसी अपराध को बढ़ावा मिलता हो।



10f3ad39-f50


पहली बार हुआ ऐसा

इसे लेकर वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे का कहना है कि यह पहली बार हुआ है कि चीता प्रोजेक्ट से जुड़ी कोई जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ी गई हो। मेरा उद्देश्य इस प्रोजेक्ट की जानकारी हासिल करना था, लेकिन अधिकारियों ने इसे टाल दिया।



ये खबर भी पढ़िए...पुणे साप्ताहिक एक्सप्रेस की जनरल बोगी में रेलवे वेंडर की लापरवाही से दो यात्रियों की मौत, तीन घायल, कैसे हुआ हादसा



ये खबर भी पढ़िए...स्मृति शेष : आशीर्वाद के समान प्रभात जी का वो आखिरी पत्र और स्नेह...



ये खबर भी पढ़िए...इंदौर में बिक रही एप्पल मोबाइल की नकली एसेसरीज, 6 दुकानदारों पर केस



नामीबिया से लाए गए 8 चीते

बताया जा रहा है कि ये पहली बार है कि 17 सितंबर, 2022 को मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को छोड़े जाने के साथ चीता परियोजना पर जानकारी देने से इनकार किया गया है। इसके पहले भी भारत में पैदा हुए पहले शावक के स्वास्थ्य के बारे में आरटीआई के तहत जानकारी मिली थी। दुबे की ओर से प्राप्त जानकारी से पता चला कि शावक का दाहिना पैर 28 नवंबर को चोटिल हो गया था।



thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



sandeep mishr




Tags:
  • चीता प्रोजेक्ट
  • मध्य प्रदेश वन विभाग
  • चीता प्रोजेक्ट्स
  • कूनो में चीता प्रोजेक्ट
  • वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे