बड़ी खबर : जयश्री गायत्री डेयरी के प्रोडक्ट में मिली जानवरों की चर्बी!
Sourabh Bhatnagar | Oct 13, 2024, 13:53 IST
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भोपाल की डेयरी कंपनी जयश्री गायत्री फूड में पशु चर्बी मिलाने का आरोप लगा है। FSSAI की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि पनीर, घी, और चीज़ में एनिमल फैट पाया गया।
राजधानी भोपाल की बड़ी डेयरी प्रोडक्ट कंपनी जयश्री गायत्री फूड (Jayshree Gayatri Food) के प्रोडक्ट में जानवरों की चर्बी (Animal Fat) मिलाने का गंभीर आरोप लगा है। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गायत्री फूड के प्रोडक्ट्स में पशु चर्बी का उपयोग किया गया है।
इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे (Hemant Katare) ने राज्य की मोहन सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि डेयरी प्रोडक्ट जैसे पनीर (Paneer), घी (Ghee), और चीज (Cheese) में भी एनिमल फैट का इस्तेमाल हुआ है। कटारे का आरोप है कि गायत्री फूड प्रोडक्ट के घी की सप्लाई भोपाल के प्रसिद्ध बालाजी मंदिर ( Balaji Temple ) में भी हुई थी, जहां इस घी का उपयोग प्रसादम (Prasadam) बनाने में किया गया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह घी सप्लाई की सभी सूची को सार्वजनिक करे और इस मामले की विस्तृत जांच कराए।
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब हाल ही में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट के ठिकानों पर छापा मारा था। कंपनी पर आरोप है कि उसने गलत तरीके से पास सर्टिफिकेट (Pass Certificate) हासिल करके अपने डेयरी प्रोडक्ट्स को विदेशों में भी सप्लाई किया। इस घटना के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में खलबली मच गई है। कांग्रेस नेता यह मुद्दा उठाते हुए बीजेपी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
कंपनी के 4 प्रमोटर हैं अर्थात किशन मोदी, राजेंद्र प्रसाद मोदी, पायल मोदी, चंद्र प्रकाश पांडे। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) के रिकॉर्ड के अनुसार जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) आखिरी बार 30-11-2021 को आयोजित की गई थी। जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री किशन मोदी को अमेरिका में भारत महोत्सव में प्रतिष्ठित भारत गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया है।
जयश्री गायत्री प्रोडक्ट कंपनी लि. पहले भी विवादों में रही है। फैक्ट्री का पानी सीधे बाहर नाले में छोड़ने से यहां कई किसानों की फसलें खराब हुई थीं और जमीन बंजर जैसी हो गई थी। दूषित पानी पीने से कई वन्य जीव भी मर गए थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी अनियमितताओं के चलते इस फूड प्रोडक्शन प्रा.लि. को बंद कर दिया था।
इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे (Hemant Katare) ने राज्य की मोहन सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि डेयरी प्रोडक्ट जैसे पनीर (Paneer), घी (Ghee), और चीज (Cheese) में भी एनिमल फैट का इस्तेमाल हुआ है। कटारे का आरोप है कि गायत्री फूड प्रोडक्ट के घी की सप्लाई भोपाल के प्रसिद्ध बालाजी मंदिर ( Balaji Temple ) में भी हुई थी, जहां इस घी का उपयोग प्रसादम (Prasadam) बनाने में किया गया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह घी सप्लाई की सभी सूची को सार्वजनिक करे और इस मामले की विस्तृत जांच कराए।
ऐसे सुर्खियों में आया मामला
जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड
पहले भी विवादों में रही पनीर फैक्ट्री
FAQ
- 1. जयश्री गायत्री फूड कंपनी पर आरोप क्या है?
उत्तर: जयश्री गायत्री फूड कंपनी पर आरोप है कि उसने अपने डेयरी प्रोडक्ट्स में जानवरों की चर्बी (Animal Fat) मिलाई है, जो भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे के रूप में सामने आया है। - 2. जयश्री गायत्री फूड कंपनी के मामले में किसने सवाल उठाए हैं?
उत्तर: मध्यप्रदेश विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने इस मामले को लेकर राज्य की मोहन सरकार पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि डेयरी प्रोडक्ट जैसे पनीर, घी और चीज में एनिमल फैट का इस्तेमाल किया गया है। - 3. क्या जयश्री गायत्री फूड के उत्पादों की सप्लाई कहीं हुई है?
उत्तर: हेमंत कटारे ने आरोप लगाया है कि गायत्री फूड प्रोडक्ट के घी की सप्लाई भोपाल के प्रसिद्ध बालाजी मंदिर में हुई थी, जहां इसका उपयोग प्रसादम बनाने में किया गया है। - 4. जयश्री गायत्री फूड कंपनी के मामले में कौन सी कार्रवाई की गई है?
उत्तर: आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट के ठिकानों पर छापा मारा है और कंपनी पर आरोप है कि उसने गलत तरीके से पास सर्टिफिकेट हासिल करके अपने डेयरी प्रोडक्ट्स को विदेशों में सप्लाई किया। - 5. जयश्री गायत्री फूड कंपनी पर पहले भी विवाद हुए हैं?
उत्तर: हाँ, जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट कंपनी पहले भी विवादों में रही है। फैक्ट्री के पानी को सीधे नाले में छोड़ने से किसानों की फसलें खराब हुई थीं और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अनियमितताओं के चलते इसे बंद कर दिया था।
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