मिलावटी हल्दी से दुल्हन की मौत! मंडप के दिन उठी अर्थी, दूल्हा समते चार अभी भी भर्ती
Aman Vaishnav | May 14, 2026, 12:24 IST
madhya pradesh khargone fake turmeric bride death
मध्य प्रदेश के खरगोन में मिलावटी हल्दी ने एक दुल्हन की जान ले ली है। हैरानी की बात है कि इंदौर के एमवाय अस्पताल में ऐसे चार मरीज भर्ती हुए जिनकी हालत हल्दी लगाने के बाद अचानक बिगड़ गई है।
इन दिनों मध्य प्रदेश में मिलावटी हल्दी का मामला काफी चर्चा में है। खरगोन में इसी हल्दी ने एक शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया।
शादी में हल्दी लगाने के बाद दुल्हन सहित कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। हालत खराब होते देख सभी को जल्दबाजी में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अब इस मामले में बेहद दुखद खबर सामने आई है। जहरीली हल्दी के रिएक्शन से दुल्हन की मौत हो गई है। वहीं चार मरीज अभी भी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हैं।
दरअसल खरगोन जिले के टेकड़ी गांव की 22 साल की राखी की शादी ग्राम खामखेड़ा में तय हुई थी। परिवार शादी की तैयारियों में व्यस्त था। 26 अप्रैल को बारात आने वाली थी और घर में खुशियों का माहौल था।
वहीं 22 अप्रैल को हल्दी की रस्म के कुछ घंटे बाद सबकुछ बदल गया। परिवारजनों के मुताबिक हल्दी की रस्म के दौरान बाजार से खरीदी गई हल्दी राखी को लगाई गई थी।
रात होते-होते उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी थी। गले में तेज जलन, सांस लेने में परेशानी, चेहरे और होंठों में सूजन और पूरे शरीर पर लाल चकत्ते उभर आए थे। घबराए हुए परिवार ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसकी हालत गंभीर होने पर आईसीयू में भर्ती किया गया था।
जानकारी के अनुसार स्थिति लगातार बिगड़ते देख डॉक्टरों ने राखी को इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया था। यहां एक्स-रे, ईसीजी जैसी कई जांचें की गईं, लेकिन गले की सूजन और एलर्जी बढ़ती ही गई।
इसके बाद उसे एक निजी अस्पताल भी ले जाया गया, लेकिन भारी खर्च के कारण फिर से एमवाय लौटने का फैसला लिया। इस बीच रास्ते में ही राखी ने दम तोड़ दिया था। जिस दिन घर में मंडप की रस्म होनी थी, उसी दिन गांव में बेटी की अर्थी उठी।
खरगोन की घटना अकेली नहीं है। हाल ही में इंदौर के एमवाय अस्पताल में ऐसे चार मरीज भर्ती हुए, जिनकी हालत हल्दी लगाने के बाद अचानक बिगड़ गई है। इनमें से एक मरीज की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा है।
डॉक्टरों के अनुसार इन मरीजों में सांस फूलना, चेहरे पर सूजन, होंठ फूलना, त्वचा पर लाल चकत्ते, बेचैनी और कमजोरी जैसे गंभीर लक्षण दिखे हैं।शुरुआती जांच में यह सामने आया कि हल्दी में मिलाए गए जहरीले रंग “मेटानिल येलो” के कारण यह एलर्जी रिएक्शन हुआ।
खरगोन के सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम पीड़ित परिवार के घर भेजी गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों ने एमवाय अस्पताल की वह पर्ची भी दिखाई है।
इसमें डॉक्टरों ने हल्दी से रिएक्शन का जिक्र किया है। स्वजन के मुताबिक इलाज के दौरान इस्तेमाल की गई हल्दी का सैंपल लिया गया था। इसे जांच के लिए खाद्य विभाग को भेजा गया है। अब रिपोर्ट आने के बाद साफ हो पाएगा कि हल्दी में कौन-कौन से रसायन मिलाए गए थे।
शादियों के सीजन में मांग बढ़ने पर मिलावटखोर केमिकल वाली हल्दी बेच रहे हैं। छोटे व्यापारी ज्यादा मुनाफे के लिए जहरीले रंगों का इस्तेमाल करते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हल्दी चमकाने के लिए मेटानिल यलो डाई मिलाई जा रही है।
यह सिंथेटिक डाई शरीर के अंगों के लिए बहुत खतरनाक होती है। यह औद्योगिक रंग त्वचा के संपर्क में आते ही तीव्र रिएक्शन करता है। इससे शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है और इम्यूनिटी बहुत गिर जाती है। मरीज एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम का शिकार भी हो सकता है। इसमें फेफड़ों में पानी भर सकता है या वे काम बंद कर सकते हैं।
मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र झंवर ने इसे गंभीर मामला बताया है। इन मरीजों को बचाने के लिए हैवी स्टेरॉयड देने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने पर मरीजों की मौत भी हो सकती है। लोग अक्सर रस्म के लिए भारी मात्रा में खुली हल्दी खरीदते हैं।
आयुर्वेद में हल्दी को वरदान कहते हैं पर केमिकल इसे अभिशाप बना रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि हमेशा साबुत हल्दी खरीदकर खुद पिसवाएं। शादी जैसे बड़े आयोजनों में केवल भरोसेमंद ब्रांड का ही उपयोग करें। हल्दी लगाने पर खुजली या जलन हो तो तुरंत त्वचा धो लें।
आप घर पर भी हल्दी की शुद्धता की आसान जांच कर सकते हैं। एक गिलास पानी में थोड़ी सी हल्दी डालकर कुछ देर छोड़ दें। अगर हल्दी तुरंत गहरा रंग छोड़े और ऊपर तैरे तो वह मिलावटी है। शुद्ध हल्दी धीरे-धीरे गिलास की तली में नीचे बैठ जाती है।
मिलावटी हल्दी में पानी का रंग बहुत गहरा और अप्राकृतिक दिखता है। शुद्ध हल्दी मिलने पर पानी का रंग हल्का पीला ही रहता है। घबराहट या सूजन होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। वक्त पर सही इलाज न मिलना मरीज के लिए जानलेवा हो सकता है।
एक गिलास पानी में एक चम्मच हल्दी डालें। अगर हल्दी असली होगी, तो पानी का रंग हल्का पीला होगा और कुछ देर बाद हल्दी नीचे बैठ जाएगी। वहीं, अगर हल्दी में मिलावट होगी, तो पानी का रंग गाढ़ा पीला होगा और हल्दी देर तक पानी में घुली रहेगी।
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शादी में हल्दी लगाने के बाद दुल्हन सहित कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। हालत खराब होते देख सभी को जल्दबाजी में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अब इस मामले में बेहद दुखद खबर सामने आई है। जहरीली हल्दी के रिएक्शन से दुल्हन की मौत हो गई है। वहीं चार मरीज अभी भी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हैं।
क्या है पूरा माजरा?
वहीं 22 अप्रैल को हल्दी की रस्म के कुछ घंटे बाद सबकुछ बदल गया। परिवारजनों के मुताबिक हल्दी की रस्म के दौरान बाजार से खरीदी गई हल्दी राखी को लगाई गई थी।
रात होते-होते उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी थी। गले में तेज जलन, सांस लेने में परेशानी, चेहरे और होंठों में सूजन और पूरे शरीर पर लाल चकत्ते उभर आए थे। घबराए हुए परिवार ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसकी हालत गंभीर होने पर आईसीयू में भर्ती किया गया था।
मंडप के दिन उठी अर्थी
इसके बाद उसे एक निजी अस्पताल भी ले जाया गया, लेकिन भारी खर्च के कारण फिर से एमवाय लौटने का फैसला लिया। इस बीच रास्ते में ही राखी ने दम तोड़ दिया था। जिस दिन घर में मंडप की रस्म होनी थी, उसी दिन गांव में बेटी की अर्थी उठी।
चार और मरीज अस्पताल में भर्ती
डॉक्टरों के अनुसार इन मरीजों में सांस फूलना, चेहरे पर सूजन, होंठ फूलना, त्वचा पर लाल चकत्ते, बेचैनी और कमजोरी जैसे गंभीर लक्षण दिखे हैं।शुरुआती जांच में यह सामने आया कि हल्दी में मिलाए गए जहरीले रंग “मेटानिल येलो” के कारण यह एलर्जी रिएक्शन हुआ।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम एक्टिव
इसमें डॉक्टरों ने हल्दी से रिएक्शन का जिक्र किया है। स्वजन के मुताबिक इलाज के दौरान इस्तेमाल की गई हल्दी का सैंपल लिया गया था। इसे जांच के लिए खाद्य विभाग को भेजा गया है। अब रिपोर्ट आने के बाद साफ हो पाएगा कि हल्दी में कौन-कौन से रसायन मिलाए गए थे।
जहरीला मेटानिल यलो अंगों को कर रहा खराब
यह सिंथेटिक डाई शरीर के अंगों के लिए बहुत खतरनाक होती है। यह औद्योगिक रंग त्वचा के संपर्क में आते ही तीव्र रिएक्शन करता है। इससे शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है और इम्यूनिटी बहुत गिर जाती है। मरीज एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम का शिकार भी हो सकता है। इसमें फेफड़ों में पानी भर सकता है या वे काम बंद कर सकते हैं।
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डॉक्टरों ने दी मिलावट से बचने की खास सलाह
आयुर्वेद में हल्दी को वरदान कहते हैं पर केमिकल इसे अभिशाप बना रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि हमेशा साबुत हल्दी खरीदकर खुद पिसवाएं। शादी जैसे बड़े आयोजनों में केवल भरोसेमंद ब्रांड का ही उपयोग करें। हल्दी लगाने पर खुजली या जलन हो तो तुरंत त्वचा धो लें।
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ऐसे करें शुद्ध हल्दी की पहचान
मिलावटी हल्दी में पानी का रंग बहुत गहरा और अप्राकृतिक दिखता है। शुद्ध हल्दी मिलने पर पानी का रंग हल्का पीला ही रहता है। घबराहट या सूजन होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। वक्त पर सही इलाज न मिलना मरीज के लिए जानलेवा हो सकता है।
मिलावटी हल्दी की पहचान कैसे करें?
FAQ
- मिलावटी हल्दी से शरीर पर किस तरह के गंभीर एलर्जी रिएक्शन होते हैं?
मिलावटी हल्दी में मौजूद केमिकल जैसे मेटानिल यलो त्वचा के संपर्क में आते ही खुजली, जलन और लाल चकत्ते पैदा करते हैं। गंभीर मामलों में चेहरे और होंठों पर सूजन आ जाती है, जिससे सांस लेने की नली प्रभावित होती है। इससे फेफड़ों पर दबाव बढ़ता है और मरीज को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगती है, जिसे मेडिकल भाषा में 'एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम' कहा जाता है। - हल्दी में मिलाया जाने वाला मेटानिल यलो क्या है और यह कितना खतरनाक है?
मेटानिल यलो एक सिंथेटिक औद्योगिक डाई (रंग) है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से कपड़ा उद्योग में होता है। मिलावटखोर हल्दी को अधिक पीला और चमकदार दिखाने के लिए इसे मिलाते हैं। यह शरीर के भीतर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा करता है और धीरे-धीरे अंगों को नुकसान पहुंचाता है। त्वचा के जरिए सोख लिए जाने पर यह रक्त प्रवाह में मिलकर गंभीर टॉक्सिसिटी पैदा कर सकता है। - शादी-ब्याह के रस्मों के लिए सुरक्षित हल्दी का चुनाव कैसे करें?
सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि आप बाजार से साबुत हल्दी की गांठे खरीदें और उसे अपनी देखरेख में पिसवाएं। यदि आप पिसी हुई हल्दी खरीद रहे हैं, तो केवल प्रमाणित और भरोसेमंद ब्रांड का ही चयन करें। खुली और अत्यधिक सस्ती हल्दी खरीदने से बचें क्योंकि इनमें मिलावट की संभावना सबसे अधिक होती है। उपयोग से पहले पानी में डालकर उसकी शुद्धता की जांच अवश्य कर लें।
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