MP Mnrega Yojna में बड़ा बदलाव, अब सीधे महिलाओं के खाते में आएंगे पैसे, लेकिन एक शर्त पर
Manya Jain | Nov 28, 2025, 16:32 IST
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मध्य प्रदेश सरकार ने मनरेगा योजना में बड़ा बदलाव किया है। यहां अब मजदूरी का पैसा सीधे महिला मुखिया के खाते में ट्रांसफर होगा। इस कदम से महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें योजना का सीधा लाभ देने में मदद मिलेगी। यह बदलाव मध्य प्रदेश में लागू होगा।
BHOPAL. मध्य प्रदेश सरकार ने मनरेगा (MGNREGA) योजना में एक बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। यह बदलाव महिलाओं के सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए किया गया है। अब तक, मनरेगा के तहत मजदूरी का पैसा परिवार के मुखिया के खाते में भेजा जाता था, चाहे वह पुरुष हो या महिला। लेकिन अब योजना में यह बदलाव किया गया है। अब मनरेगा मजदूरी सीधे महिला मुखिया (MNREGA scheme) के खाते में ट्रांसफर की जाएगी, ताकि उन्हें इसका सीधा लाभ मिल सके।
राज्य सरकार ने इस बदलाव को लागू करने के लिए अपनी 'मां का बगिया' योजना की शुरुआत की है। यह देश में पहली बार हो रहा है कि मनरेगा का भुगतान महिला के खाते में सीधे भेजा जाएगा। अब, मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां यह नई व्यवस्था लागू होगी।
मनरेगा योजना में बदलाव को लागू करने में कई तकनीकी चुनौतियां आईं। जांच में पाया गया कि राज्य के लगभग 31 हजार 500 समूहों में से केवल 1 प्रतिशत महिलाएं ही मुखिया के रूप में दर्ज थीं।
इसका मतलब था कि यदि महिला के खाते में भुगतान भेजना है, तो जॉब कार्ड में पुरुष मुखिया का नाम होना एक बड़ी बाधा बन गया। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने 2 सितंबर 2025 को ग्रामीण विकास मंत्रालय (MP News) को पत्र भेजा और नियमों में बदलाव की मांग की।
17 नवंबर 2025 को केंद्र सरकार ने इस बदलाव को मंजूरी दे दी है। हालांकि, इसमें एक शर्त रखी गई है कि महिला मुखिया के खाते में भुगतान भेजने से पहले पुरुष मुखिया की लिखित सहमति अनिवार्य होगी।
इसके बाद, मनरेगा के राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर (MP Goverment) में नया विकल्प जोड़ा गया, जिससे जॉब कार्ड में महिला का नाम सीधे चयनित किया जा सकेगा। यह बदलाव 15 अगस्त 2025 के बाद शुरू किए गए सभी कार्यों पर लागू होगा।
‘मां का बगिया’ योजना के प्रमुख आंकड़े
इस बदलाव से महिला श्रमिकों को कई फायदे मिलेंगे। अब उन्हें अपनी मेहनत की पूरी मजदूरी (mp labour employee) सीधे उनके खाते में मिलेगी, जिससे उनके सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
यह कदम मध्य प्रदेश में महिलाओं के उत्थान के लिए एक अहम प्रयास है। राज्य सरकार ने इसे लागू करने के लिए तेजी से काम किया है और इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
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'मां का बगिया' योजना के तहत भुगतान
तकनीकी बाधाएं और समाधान
इसका मतलब था कि यदि महिला के खाते में भुगतान भेजना है, तो जॉब कार्ड में पुरुष मुखिया का नाम होना एक बड़ी बाधा बन गया। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने 2 सितंबर 2025 को ग्रामीण विकास मंत्रालय (MP News) को पत्र भेजा और नियमों में बदलाव की मांग की।
केंद्र सरकार की मंजूरी
इसके बाद, मनरेगा के राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर (MP Goverment) में नया विकल्प जोड़ा गया, जिससे जॉब कार्ड में महिला का नाम सीधे चयनित किया जा सकेगा। यह बदलाव 15 अगस्त 2025 के बाद शुरू किए गए सभी कार्यों पर लागू होगा।
‘मां का बगिया’ योजना के प्रमुख आंकड़े
- 31,000+ प्रोजेक्ट प्रस्तावित
- 30,815 प्रोजेक्ट मंज़ूर
- अनुमानित लागत: ₹748 करोड़
महिलाओं के लिए जरूरी कदम
यह कदम मध्य प्रदेश में महिलाओं के उत्थान के लिए एक अहम प्रयास है। राज्य सरकार ने इसे लागू करने के लिए तेजी से काम किया है और इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
FAQ
- मनरेगा योजना में बदलाव का क्या फायदा होगा?
मनरेगा योजना में किए गए इस बदलाव से महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक, परिवार के मुखिया के नाम से मजदूरी का पैसा भेजा जाता था, लेकिन अब यह सीधे महिला के खाते में ट्रांसफर होगा। इससे महिलाओं को अधिक स्वायत्तता और सशक्तिकरण मिलेगा। - मनरेगा योजना में बदलाव से किसे लाभ मिलेगा?
इस बदलाव से उन महिलाओं को लाभ मिलेगा, जो मनरेगा के तहत काम करती हैं और जिनके जॉब कार्ड में पुरुष मुखिया का नाम है। अब महिला मुखिया के खाते में भुगतान भेजा जाएगा, जिससे महिला श्रमिकों को सीधा फायदा होगा। - क्या पुरुष मुखिया की सहमति जरूरी है?
हां, अब इस बदलाव के तहत महिला मुखिया के खाते में भुगतान भेजने से पहले पुरुष मुखिया की लिखित सहमति जरूरी होगी। यह एक शर्त है, जिसे केंद्र सरकार ने तय किया है।
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