51 सूत्रीय मांगों को लेकर मध्य प्रदेश के कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने उठाई आवाज

Sandeep Kumar | Feb 07, 2025, 16:46 IST
madhya-pradesh-officials-employee
मध्य प्रदेश के लिपिकों की ग्रेड पे में विसंगति को लेकर भी कर्मचारियों ने अपनी चिंता व्यक्त की है। कर्मचारियों का मानना है कि मंत्रालय के समान लिपिकों को भी समान ग्रेड पे दिया जाए ताकि उनके बीच समानता बनी रहे।

मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने राज्य सरकार के खिलाफ कर्मचारी हितों को लेकर अपनी आवाज उठाई। दरअसल जुलाई 2024 से महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत वृद्धि, पेंशन हेतु अहर्तादाई सेवा की शर्तों में बदलाव जैसे मुद्दों पर सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की। इन समस्याओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है, जबकि केंद्र सरकार और अन्य राज्य अपने कर्मचारियों को हर सुविधा प्रदान कर रहे हैं।



ये खबर भी पढ़िए...400 KM गाड़ी दौड़ाकर देर रात महिला कर्मचारी के घर पहुंचे SDO, फिर ऐसे फंसे कि....



महंगाई भत्ता और पेंशन संबंधी महत्वपूर्ण बदलाव

कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने जुलाई 2024 से महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत वृद्धि की बात की। जिसे कर्मचारी वर्ग लंबे समय से अपनी प्रमुख मांग मानते आए हैं। इसके साथ ही पेंशन प्राप्त करने के लिए अहर्तादाई सेवा की सीमा को 25 वर्ष करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसके अतिरिक्त, अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की गई है, जिससे कर्मचारियों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके।



ये खबर भी पढ़िए...राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष पहुंचे जबलपुर, OBC आरक्षण गजेट पर चर्चा



लिपिकों की ग्रेड पे और पदोन्नति का मुद्दा

ये खबर भी पढ़िए...गुना में अतिक्रमण हटाने गए वनकर्मियों पर बंजारा महिलाओं ने गोफन से किया हमला, डिप्टी रेंजर घायल



वर्तमान में भत्ते कम: कर्मचारी

कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान में भत्ते कम हैं और उन्हें वास्तविक खर्चों के अनुसार बढ़ाना आवश्यक है। इससे कर्मचारियों को अपने कार्यस्थलों तक पहुंचने में आसानी होगी और उनका जीवनस्तर भी बेहतर होगा।



ये खबर भी पढ़िए...सरकारी अस्पताल के ICU में चूहों का आतंक, मरीजों के बिस्तर में बेखौफ घुस रहे



संविदा कर्मियों को स्थायी बनाने की मांग

संविदा कर्मियों को स्थायी कर्मचारी बनाने का मुद्दा भी प्रमुख था। उमाशंकर तिवारी ने सरकार से अपील की कि संविदा कर्मचारियों को स्थायी किया जाए और वेतन एवं भत्तों में समानता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने टैक्सी प्रथा को समाप्त करने और कर्मचारियों के पदनामों में बदलाव करने की भी बात की।



आंदोलन की चेतावनी

उमाशंकर तिवारी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो मध्य प्रदेश में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना था कि केंद्र और अन्य राज्य जहां अपने कर्मचारियों के लिए सुविधाएं और भत्ते सुनिश्चित कर रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है।



FAQ

  1. मध्य प्रदेश कर्मचारी आंदोलन की मुख्य मांगें क्या हैं?
    महंगाई भत्ता बढ़ाना, पेंशन हेतु अहर्तादाई सेवा में बदलाव, लिपिकों की ग्रेड पे में विसंगति दूर करना, पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करना, आदि।
  2. संविदा कर्मचारियों को स्थायी बनाने की मांग क्यों की जा रही है?
    संविदा कर्मचारियों को स्थायी किया जाए ताकि उन्हें समान अधिकार और लाभ मिल सकें।
  3. सीपीसीटी समाप्त करने की मांग का क्या कारण है?
    कर्मचारी चाहते हैं कि अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए ताकि प्रक्रिया सरल हो।
  4. कर्मचारी संगठन ने सरकार से क्या चेतावनी दी है?
    यदि कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो राज्य में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
  5. कर्मचारियों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलनी चाहिए?
    कर्मचारियों को महंगाई भत्ता, वाहन एवं गृह भाड़ा भत्ता, उचित ग्रेड पे, और स्थायित्व की सुविधाएं मिलनी चाहिए।




Tags:
  • MP News
  • भोपाल न्यूज
  • मध्य प्रदेश
  • कर्मचारी संघ
  • Madhya Pradesh employees
  • एमपी हिंदी न्यूज
  • employee union