एमपी पैरामेडिकल काउंसिल की देरी से फंसा 25 हजार छात्रों का भविष्य, हर क्लास में कैसे बैठेंगे तीन गुना छात्र

Manya Jain | Dec 15, 2025, 13:00 IST
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एमपी पैरामेडिकल काउंसिल की देरी ने हजारों छात्रों के लिए नए संकट पैदा कर दिए हैं। तीन सत्रों के छात्रों को एक साथ फर्स्ट ईयर में प्रवेश देने से कॉलेजों में संसाधन संकट खड़ा हो गया है।

मध्य प्रदेश में पैरामेडिकल क्षेत्र के छात्रों के लिए परेशानी बढ़ गई है। राज्य के करीब 150 कॉलेजों के हजारों छात्रों पर इस समस्या का असर पड़ सकता है। दरअसल, मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल की देरी के कारण करीब 25 हजार छात्र पहले से ही एक साथ फर्स्ट ईयर में पढ़ाई कर रहे हैं। अब काउंसिल तीसरे सत्र, 2025-26 में एडमिशन की तैयारी कर रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि इन छात्रों को कहां बैठाया जाएगा।



क्लासेज और रिसोर्सेज का संकट

काउंसिल ने इसे लेकर बताया है कि कॉलेज दो पालियों में क्लासेज चला सकते हैं ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो। रजिस्ट्रार डॉ. शेलोज जोशी ने बताया कि सत्र को शून्य घोषित नहीं किया जाएगा। सरकार ही एडमिशन का निर्णय करेगी। वहीं, पैरामेडिकल कोर्स में सत्र 2023-24 और 2024-25 में एक ही साल में फर्स्ट ईयर में प्रवेश दिया गया था। अब सत्र 2025-26 में नए छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। इससे कॉलेजों में सीटों, लैब्स और हॉस्टल की भारी कमी हो सकती है।



5 पॉइंट्स में समझें पूरी खबर

  • मध्य प्रदेश में पैरामेडिकल छात्रों को काउंसिल की देरी के कारण परेशानी हो रही है।
  • कॉलेजों में सीट, लैब्स और हॉस्टल की कमी के कारण समस्याएं बढ़ सकती हैं।
  • काउंसिल ने सुझाव दिया कि कॉलेज दो पालियों में क्लासेज चलाएं, लेकिन किसी ने पालन नहीं किया।
  • 2025-26 सत्र के एडमिशन का निर्णय जल्द लिया जाएगा, लेकिन अभी तक कोई घोषणा नहीं हुई।
  • 40 हजार छात्रों के एडमिशन से क्लासेज और सुविधाओं पर भारी दबाव पड़ेगा।


क्या है समस्या?

कब होगा एडमिशन?

मप्र पैरामेडिकल काउंसिल ने 2025-26 सत्र के एडमिशन पर स्पष्टीकरण दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। अगले कुछ दिनों में प्रवेश प्रक्रिया की घोषणा की जाएगी। इसके बाद प्रक्रिया को मान्यता दी जाएगी। हालांकि, पहले किए गए दावे अब तक झूठे साबित हुए हैं।



काउंसिल का रुख

काउंसिल रजिस्ट्रार का कहना है कि कॉलेजों (MP पैरामेडिकल कॉलेज) को दो पालियों में क्लासें चलानी चाहिए। इससे छात्रों की पढ़ाई पर असर नहीं पड़ेगा। लेकिन अब तक किसी भी कॉलेज ने इस सलाह का पालन नहीं किया है। काउंसिल ने यह भी कहा कि सत्र 2025-26 को शून्य घोषित नहीं किया जाएगा। हालांकि, छात्र-टीचर अनुपात और लैब सुविधाओं पर गंभीर दबाव पड़ेगा।



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FAQ

  1. मप्र पैरामेडिकल काउंसिल ने छात्रों के एडमिशन में देरी क्यों की?
    मप्र पैरामेडिकल काउंसिल ने 2023-24 और 2024-25 सत्रों के छात्रों के एडमिशन में देर की, जिससे बड़ी संख्या में छात्र एक साथ फर्स्ट ईयर कर रहे हैं। इसके चलते क्लासेज, लैब्स और हॉस्टल की समस्या उत्पन्न हो गई है।
  2. 2025-26 सत्र के लिए छात्रों को कब एडमिशन मिलेगा?
    मप्र पैरामेडिकल काउंसिल के अधिकारियों के अनुसार, 2025-26 सत्र के एडमिशन का निर्णय जल्द लिया जाएगा। काउंसिल का दावा है कि अगले कुछ दिनों में प्रवेश प्रक्रिया की घोषणा की जाएगी।
  3. क्या सत्र 2025-26 को शून्य घोषित किया जाएगा?
    नहीं, मप्र पैरामेडिकल काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि सत्र 2025-26 को शून्य घोषित नहीं किया जाएगा। कॉलेजों को दो पालियों में क्लासेज चलाने की सलाह दी गई है।

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