मध्यप्रदेश में 15 अगस्त के बाद खुलेगा तबादला प्रतिबंध, होंगे थोकबंद ट्रांसफर
Jitendra Shrivastava | Jul 29, 2024, 16:44 IST
thesootr
मध्यप्रदेश में पिछली सरकार की ट्रांसफर पॉलिसी 15 जून से 30 जून तक के लिए लागू की गई थी। इसमें जिले के भीतर प्रभारी मंत्री के अप्रूवल से ट्रांसफर किए गए थे। वहीं, जिले के बाहर और विभागों में तबादलों पर मुख्यमंत्री की अनुमति की जरूरत थी...
BHOPAL. मध्यप्रदेश में 15 अगस्त के बाद तबादले से प्रतिबंध हटाया जाएगा। यह प्रतिबंध एक निश्चित अवधि के लिए हटेगा। इस अवधि में सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों के तबादले होंगे। तबादले प्रशासनिक और स्वैच्छिक आधार पर किए जाएंगे। इस वर्ष तबादला नीति के अनुसार लगभग एक माह की अवधि के ट्रांसफर की प्रक्रिया होगी। हालांकि, अभी तबादला अवधि को लेकर चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा। नई ट्रांसफर पॉलिसी में पहले की तरह प्रभारी मंत्रियों को जिले के अंदर तबादला करने का अधिकार होगा।
GAD के सूत्रों के अनुसार, सूबे में इस बार बड़ी संख्या में थाना प्रभारी, तहसीलदार और पटवारियों के तबादले होंगे। सीएम को विधायकों से मिले फीडबैक के आधार पर अब कई जिलों के थानों के टीआई बदले जाएंगे। इसी तरह शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर ट्रांसफर होंगे। इसका बाकायदा पोर्टल तैयार करा लिया गया है। पिछली सरकार की ट्रांसफर पॉलिसी 15 जून से 30 जून तक के लिए लागू की गई थी। इसमें जिले के भीतर प्रभारी मंत्री के अप्रूवल से ट्रांसफर किए गए थे। वहीं, जिले के बाहर और विभागों में तबादलों पर मुख्यमंत्री की अनुमति की जरूरत थी।
पिछली तबादला नीति को देखें तो जिले में प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से ट्रांसफर हो सकते थे। इसी के साथ राज्य संवर्ग में विभाग के अध्यक्ष और प्रथम श्रेणी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के तबादले सीएम के अनुमोदन (अप्रूवल) से सामान्य प्रशासन विभाग जारी करता था। हालांकि, अभी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों को जिलों का प्रभार नहीं दिया है। ऐसे में यह नियम कितना लागू होगा, इस पर कोई स्पष्ट मत नहीं है।
पिछली तबादला नीति के अनुसार, सभी विभागों के स्टेट कैडर के विभागाध्यक्ष और सरकारी उपक्रमों एवं संस्थाओं में पदस्थ प्रथम श्रेणी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (चाहे वे किसी भी पदनाम से जाने जाते हों) के ट्रांसफर आदेश में मुख्यमंत्री की अनुमति जरूरी होती थी। वहीं, राज्य कैडर के बाकी प्रथम श्रेणी अधिकारी, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के अधिकारियों-कर्मचारियों के ट्रांसफर (जिले के भीतर किए जाने वाले ट्रांसफर को छोड़कर) मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद प्रशासकीय विभाग जारी करता था।
दूसरा, लोकसभा चुनाव के बाद प्रशासन और पुलिस महकमें में उच्च स्तर के अधिकारियों के भी थोकबंद तबादले किए जाएंगे। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के पहले भी सरकार ने बड़े पैमाने पर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए थे। कई अफसरों को मंत्रालय में बिना विभाग बैठाया गया था तो कई अधिकारियों की जिम्मेदारी में फेरबदल किया गया था।
शिवराज सरकार की नीति के तहत 200 कर्मचारियों की संख्या वाले संवर्ग में 20 फीसदी, 201 से दो हजार की संख्या होने पर 10 प्रतिशत और दो हजार से ज्यादा संख्या होने पर 5 फीसदी तबादले किए जाने का नियम है। स्कूल शिक्षा विभाग में तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन लेने की व्यवस्था की गई थी।
2023 में सरकार ने तय किया था कि नई शिक्षा नीति में एक बार स्वैच्छिक स्थानांतरण होने के बाद विशेष परिस्थिति छोड़कर 3 साल तक तबादला नहीं किया जा सकेगा। यह भी निर्णय हुआ था कि कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन न हो जाए।
ट्रांसफर के लिए पोर्टल तैयार
जिले में दोबारा पोस्टिंग नहीं मिलेगी
उच्च अधिकारियों के तबादले सीएम की सहमति से
बड़े स्तर पर होगी प्रशासनिक सर्जरी
200 कर्मचारी वाले संवर्ग में 20% ही तबादले संभव
3 साल तक नहीं होगा कोई तबादला
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari