1000 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोपी महेंद्र गोयनका रिमांड पर, उजागर होंगे कई राज
समझें क्या है पूरा मामला...
- रायपुर निवासी महेंद्र गोयनका को कोलकाता पुलिस ने रिमांड पर लिया है।
- उन पर 1000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है।
- यह मामला कटनी निवासी विधायक संजय पाठक की पारिवारिक कंपनियों से जुड़ा है।
- पुलिस उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार कर कोलकाता लाई थी।
- आरोप है कि फर्जी हस्ताक्षरों से कंपनियों पर कब्जा किया गया।
- कोलकाता कोर्ट ने गोयनका को दस दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
कैसे हुई महेंद्र गोयनका की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, शनिवार, 18 जुलाई की रात यह गिरफ्तारी हुई है। बता दें कि महेंद्र गोयनका पर गंभीर आरोप हैं। आरोप है कि उन्होंने पाठक परिवार की कई कंपनियों पर फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए नियंत्रण कर लिया। इस मामले में कोलकाता में FIR दर्ज है।
इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120बी, 467, 468 और 471 के तहत केस दर्ज हुआ था। इसी प्राथमिकी के आधार पर गोयनका की गिरफ्तारी की गई थी। आरोपी को कोलकाता कोर्ट से समक्ष पेश किया गया था, जहां से उसे दस दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड के दौरान पुलिस धोखाधड़ी के मामले में पूछताछ करेगी।
कौन हैं महेंद्र गोयनका
महेंद्र गोयनका रायपुर के रहने वाले हैं। वे पहले पूर्व विधायक संजय पाठक की कंपनी में काम कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में बड़े पद पर रहे। इस दौरान उन पर जालसाजी के आरोप लगे। यह मामला सैकड़ों करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। कहा जा रहा है कि कंपनी का माल छल-कपट से बेचा गया। यह सभी दावे अभी जांच का विषय हैं।
कटनी में भी दर्ज हैं मामले
महेंद्र गोयनका के डायरेक्टरों के खिलाफ कटनी, मध्य प्रदेश में भी दो अलग FIR दर्ज हैं। जानकारी के अनुसार, इन आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थीं। इसके बावजूद वे करीब डेढ़ से दो साल से फरार बताए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश पुलिस अब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है। यह पूरा मामला अभी विचाराधीन है।
अधिकारियों तक पहुंच का दावा
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि महेंद्र गोयनका को मध्य प्रदेश में कुछ अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ था। यह भी कहा जा रहा है कि सत्ता से जुड़े कुछ लोगों का समर्थन भी उन्हें मिला। इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह भी कहा जा रहा है कि उनकी गिरफ्तारी से कई अधिकारियों और व्यापारियों के राज खुल सकते हैं।
कुछ सूत्रों का दावा है कि आईएएस अधिकारियों से जुड़े मामलों में भी उनका नाम आ सकता है। स्पष्ट कर दें कि यह अभी तक असत्यापित आरोप हैं और किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
एनसीएलटी का आदेश
रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई स्थित राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT - National Company Law Tribunal) ने 09 मई 2025 को एक आदेश दिया था। इसमें महेंद्र गोयनका और उनकी पत्नी मीनू गोयनका को लेकर वित्तीय गबन से जुड़ी टिप्पणियां दर्ज की गई बताई जाती हैं। इसके अलावा उनकी एक और कंपनी निसर्ग इस्पात में भी वित्तीय अनियमितताओं की खबरें सामने आई हैं। इन सभी बिंदुओं की पुष्टि मूल दस्तावेजों से करना जरूरी है।
आगे क्या होगा
अब महेंद्र गोयनका से कोलकाता पुलिस पूछताछ करेगी। जांच में और भी नाम सामने आ सकते हैं। मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है। आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।
FAQ
- महेंद्र गोयनका कौन हैं?
रायपुर के रहने वाले कारोबारी हैं। वे पहले संजय पाठक की कंपनी में काम कर चुके हैं। अब उन पर धोखाधड़ी का आरोप है। - महेंद्र गोयनका को कहां गिरफ्तार किया गया?
उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद कोलकाता पुलिस उन्हें कोलकाता ले गई। यह गिरफ्तारी कोलकाता में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर हुई।
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