डिप्टी जेलर ने कैदी को लात-घूंसों से पीटा, पैरों से दबाई गर्दन, वीडियो वायरल होने पर नपे
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रभार वाले जिले इंदौर की महू जेल में एक कैदी के साथ हुई बर्बर मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। इस वीडियो में डिप्टी जेलर मनोज चौरसिया एक कैदी को जमीन पर पटककर लातों से पीटते नजर आ रहे हैं। मारपीट के दौरान चौरसिया सादी वर्दी में थे और उनके आसपास मौजूद दो अन्य जेल कर्मचारी—महेंद्र और दया किशन—यह सब मूकदर्शक बने देखते रहे। मामला सार्वजनिक होते ही प्रशासन हरकत में आया और डिप्टी जेलर को सस्पेंड कर दिया गया।
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कैदी ने लगाए गंभीर आरोप
जेल से रिहा हुए कैदी ने खोला राज
मारपीट की घटना का खुलासा तब हुआ जब जेल से छूटे एक अन्य कैदी ने वीडियो वायरल कर दिया। उसने पूरी घटना की शिकायत इंदौर के कलेक्टर आशीष सिंह से की, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। इस शिकायत के आधार पर जेल विभाग के महानिदेशक ने डिप्टी जेलर मनोज चौरसिया को सस्पेंड करने का आदेश दिया। इस घटना से जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं और कैदियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है।
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कैदी की चीखें अनसुनी, नहीं रुकी मारपीट
मारपीट के दौरान कैदी लगातार रहम की गुहार लगाता रहा, लेकिन डिप्टी जेलर ने उसे बेरहमी से पीटना जारी रखा। वीडियो में एक अन्य जेल कर्मचारी भी लातों से कैदी को मारते हुए नजर आ रहा है। 1 मिनट 47 सेकंड के इस वीडियो ने जेल की अंदरूनी स्थितियों और वहां कैदियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार की पोल खोल दी है। विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, और दोषी पाए जाने पर डिप्टी जेलर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
जेल प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद जेल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्या कैदियों से अवैध वसूली की जा रही थी? क्या मारपीट का यह मामला सिर्फ एक घटना है या फिर यह जेलों में आम बात हो चुकी है? प्रशासनिक अधिकारी अब इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अगर जांच में जबरन वसूली के आरोप सही पाए गए, तो अन्य अधिकारियों की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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