इमाम से जबरन जय श्री राम बुलवाने का आरोप: गला दबाया, मोबाइल छीना, कार्रवाई की मांग
ऐसे समझें पूरा मामला...
- इमाम के गले पर हाथ डाला, थप्पड़ मारे गए।
- मोबाइल छीनकर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाया।
- जय श्री राम न बोलने पर गला दबाया गया।
- थाने में भी पुलिस ने आरोपियों का पक्ष लिया।
- समाजजनों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर न्याय मांगा।
मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के अफजलपुर में एक इमाम के साथ बर्बरता की घटना सामने आई है। इमाम मोहम्मद हुसैन पर मारपीट, मोबाइल छीनने, गला दबाने और जबरन धार्मिक नारे लगवाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस सांप्रदायिक घटना के बाद समाजजन एसपी कार्यालय पहुंचे और सख्त कार्रवाई की मांग की।
अफजलपुर में इमाम पर हमला
मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अफजलपुर क्षेत्र की जामा मस्जिद के इमाम मोहम्मद हुसैन के साथ मारपीट हुई। वे पिछले एक माह से अफजलपुर में इमामत का कार्य कर रहे थे।
23 मई की शाम करीब 7 बजे वे बस स्टैंड क्षेत्र में सामान लेने गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। पूछताछ शुरू हुई और माहौल देखते ही देखते तनावपूर्ण हो गया।
मोबाइल छीना, पहचान पर सवाल
इमाम मोहम्मद हुसैन ने बताया कि उन्होंने अपना पता मुल्तानपुरा बताया। इस पर आरोपियों ने आधार कार्ड (Aadhar Card) दिखाने की मांग की। उन्होंने अपने भाई को व्हाट्सएप पर आधार कार्ड भेजने को कहा। तभी आरोपियों ने उनका मोबाइल छीन लिया।
इसके बाद उन पर बांग्लादेशी होने का झूठा आरोप लगाया गया। झूठे मामलों में फंसाने की धमकी भी दी गई। यह सब सुनियोजित तरीके से किया गया प्रतीत होता है।
जय श्री राम बोलने के लिए दबाव
घटनास्थल पर धीरे-धीरे बड़ी भीड़ जमा हो गई। आरोप है कि भीड़ ने इमाम के साथ मारपीट की। उन पर जबरन धार्मिक नारे (Forced Religious Slogan) लगाने का दबाव बनाया गया। जब उन्होंने मना किया तो आरोपियों ने उनका गला दबाया, थप्पड़ भी मारे। गाय और महिला से जुड़े झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। यहां तक कि जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पुलिस पर पक्षपात करने का आरोप
इमाम को घटना के बाद अफजलपुर थाने ले जाया गया। वहां भी उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। पुलिस ने उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनी। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने आरोपियों (Accused) का पक्ष लिया।
इमाम के परिजनों को भी भविष्य में गांव न आने की हिदायत दी गई। थाने में न्याय की उम्मीद लेकर गए पीड़ित को और अपमान झेलना पड़ा। यह घटना पुलिस की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाती है।
समाजजनों ने CSP को ज्ञापन सौंपा
इस सांप्रदायिक घटना (Communal Incident) के विरोध में समाजजन एकजुट हुए। मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे। उन्होंने सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच की अपील भी की गई। एसपी विनोद कुमार मीना के नाम भी शिकायत दर्ज की गई।
सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा
समाजजनों ने चेतावनी दी कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ेंगे। सामाजिक सौहार्द (Communal Harmony) को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर ने बताया कि ज्ञापन मिला है, पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। न्याय की यह लड़ाई अब पूरे जिले का मुद्दा बन गई है।
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