शौचालय में बन रहा था मिड डे मील, डिंडौरी में शिक्षा अधिकारियों पर कार्रवाई
News in Short
- डिंडौरी में शौचालय में मिड डे मील पकाने (mid day meal ) का मामला सामने आया।
- जांच में पाया गया कि अस्वच्छ स्थान पर मिड डे मील तैयार किया जा रहा था।
- जिम्मेदारों की लापरवाही पर प्राथमिक शिक्षक और जनशिक्षक को निलंबित किया गया।
- बीईओ और अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
- सरकार और विभाग ने सख्त कदम उठाने की योजना बनाई है।
News in Detail
मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के शासकीय प्राथमिक स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में शौचालय में मिड डे मील पकाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मच गई। कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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मामला कैसे सामने आया?
28 मार्च को महिला बाल विकास अधिकारी शहपुरा और बीआरसी शहपुरा को जांच के लिए भेजा गया। जांच में यह पाया गया कि नवंबर 2025 से ग्रामवासियों और सरपंच की सहमति से सामुदायिक स्वच्छता परिसर में मिड डे मील तैयार किया जा रहा था। यह अस्वच्छ स्थान पर किया जा रहा था, जो बच्चों की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता था।
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जिम्मेदारों की लापरवाही
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि शिक्षक और जनशिक्षक ने अस्वच्छ व्यवस्था के बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित नहीं किया। यह गंभीर लापरवाही थी। मिड डे मील योजना के तहत भोजन बनाने का सही स्थान चयन करना जिम्मेदार अधिकारियों का कर्तव्य था।
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दो का निलंबन
इस लापरवाही के लिए प्राथमिक शिक्षक माधो सिंह परस्ते और जनशिक्षक सुरेश परस्ते को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के दौरान दोनों को शहपुरा शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मुख्यालय निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) एमके राय, बीआरसी गुरु प्रसाद साहू और संकुल प्राचार्य श्याम जी गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन अधिकारियों को तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
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शिक्षकों और विभाग की जिम्मेदारी
शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह केवल शिक्षकों की लापरवाही नहीं बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था की गलती है। शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि बच्चों के लिए भोजन बनाने का स्थान साफ हो। इससे बच्चों की सेहत पर कोई विपरीत असर न पड़े।
आगे की कार्रवाई
इस मामले में सरकार और विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए और अधिक सख्त नियम और निगरानी की जरूरत है।