एमपी में बाली उमर में प्रेम रोग का शिकार हो रहे बच्चे, प्रेम प्रसंग में ढाई हजार से ज्यादा बच्चे भागे

Anjali Dwivedi | Jan 21, 2026, 13:28 IST
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मध्य प्रदेश में नाबालिग बच्चियों के गुम होने के आंकड़े बढ़ गए हैं। 2025 में 13 हजार 146 बच्चियां गायब हुईं, जिनमें से 2,418 प्रेमी के साथ और 5,692 घर से नाराज होकर गायब हुईं। इस पर चिंता जताई जा रही है कि बाली उमर में बच्चे प्रेम रोग के शिकार हो रहे हैं।

News In Short

  • मध्य प्रदेश में 2025 में 13 हजार 146 नाबालिग बच्चियां गुम हुईं।
  • इनमें से 2 हजार 418 बच्चियां प्रेमी के साथ भाग गईं।
  • 5 हजार 692 बच्चियां घर से नाराज होकर गायब हुईं।
  • इन गुमशुदा बच्चियों में प्रेम प्रसंग की भूमिका रही।
  • बच्चों के बचपन खोने का मुख्य कारण फोन और इंटरनेट का दुरुपयोग है।

News In Detail

MP News.मध्य प्रदेश में नाबालिग बच्चियों के गुम होने के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) की महिला शाखा की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि, 2025 में 13 हजार 146 नाबालिग बच्चियां गुम हुईं। इनमें से 18.4 फीसदी (2418) प्रेमी के साथ गायब हो गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, गुम होने वाली बच्चियों का सबसे बड़ा कारण घर से नाराज होकर जाना था, जिसकी संख्या 5 हजार 692 यानी 43.3% फीसदी।



रिपोर्ट बताती है कि इन मामलों में अप्रत्यक्ष रूप से प्रेम प्रसंग (प्रेम प्रसंग का मामला) भी सामने आए हैं। ऐसे मामलों में, बच्चों का बचपन तेजी से गायब हो रहा है। उनका मानसिक विकास और बचपन कई बार प्रेम रोग के कारण बिगड़ रहा है। इन घटनाओं का कारण बच्चों का फोन और फ्री इंटरनेट का इस्तेमाल बताया जा रहा है। जहां पोर्नोग्राफी जैसी सामग्री आसानी से उपलब्ध है।



युवाओं की बढ़ती परेशानियां

भोपाल के साइकेट्रिस्ट डॉ. आरएन साहू के अनुसार, बच्चों के मानसिक विकास में बाधा डालने वाली प्रमुख वजह फोन और इंटरनेट पर मौजूद अनुपयुक्त सामग्री है। रील और पोर्नोग्राफी की लत बच्चों को जल्द ही जवान बना रही है, जिससे उनका बचपन जल्दी खत्म हो जा रहा है। इस स्थिति को रोकने के लिए परिवारों को जागरूक होना जरूरी है।



नाबालिगों के गुम होने की वजहें

  • घर से नाराजगी: सबसे बड़ी वजह घर से नाराज होकर गायब होना है।
  • प्रेम प्रसंग: 2418 बच्चियां प्रेमी के साथ भागी हैं।
  • आर्थिक तंगी: 368 बच्चियां आर्थिक तंगी के कारण घर छोड़ चुकीं हैं।
  • रास्ता भटकना: 131 बच्चियां रास्ता भटककर गायब हुईं।
  • रिश्तेदार के यहां जाना: 1959 बच्चियां मर्जी से रिश्तेदारों के यहां गईं।

ये खबर हमनें सरकारी आंकड़ों के आधार पर बनाई है। इस रिपोर्ट में केवल बच्चियों का आंकड़ा दिया गया है। जबकि प्रेम प्रसंग में भागी लड़कियो के इस आकड़ें में लड़को की भी बराबर की जिम्मेदारी है। हलांकि उनका कोई आधिकारिक डेटा नहीं मिला है कि जिन लड़कों के साथ लड़कियां भागी वो बालिग थे या नाबालिक।



FAQ

  1. मध्य प्रदेश में 2025 में कितनी नाबालिग बच्चियां गुम हुईं?
    2025 में मध्य प्रदेश से 13 हजार 146 नाबालिग बच्चियां गुम हुईं।
  2. नाबालिग बच्चियों के गुम होने का मुख्य कारण क्या है?
    मुख्य कारण घर से नाराज होकर जाना और प्रेम प्रसंग के कारण गायब होना है।
  3. बच्चों के गुम होने के मामलों में कौन सी और समस्याएं जुड़ी हैं?
    फोन और इंटरनेट का दुरुपयोग, पोर्नोग्राफी की लत, और रील के कारण बच्चों का बचपन खो जा रहा है।

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