जज बनने की राह पर MLA कमलेश्वर डोडियार, जानिए अब कहां हैं MP के सबसे गरीब विधायक?
Pratibha ranaa | Apr 18, 2024, 11:11 IST
कमलेश्वर डोडियार
डोडियार का बचपन मुफलिसी में बीता है। पढ़ाई के लिए उन्हें एक मजदूर और टिफिन डिलीवरी बॉय के रूप में काम करना पड़ा था। वे आज भी कच्चे घर में रहते हैं। 350 किलोमीटर का सफर तय कर वे बाइक से विधानसभा पहुंचे थे।
वेटर से लेकर मजदूरी करने तक का दिलचस्प सफर
BHOPAL. MLA कमलेश्वर डोडियार कहां है? लोकसभा चुनाव में वे क्यों नजर नहीं आ रहे? उनके विधानसभा क्षेत्र में क्या चल रहा है? ये जानने के लिए जब 'द सूत्र' ने पड़ताल की तो रोचक जानकारी सामने आई है। दरअसल, कमलेश्वर डोडियार ( Kamleshwar Dodiyar ) दिल्ली में हैं। वे जज (न्यायाधीश) बनने की तैयारी कर रहे हैं। सिविल जज (civil judge) की परीक्षा देने के लिए वे दिल्ली गए हैं। जानकारी के अनुसार, अभी उनके दो पेपर बाकी हैं।
कमलेश्वर डोडियार नवंबर 2023 में विधायक चुने गए थे। उन्होंने मध्यप्रदेश के रतलाम जिले की आदिवासी बहुल सैलाना विधानसभा सीट से भारतीय आदिवासी पार्टी (बाप) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार हर्ष विजय गहलोत को 4,618 वोटों से हराया था।
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डोडियार 34 साल के हैं। उन्होंने 2013 में उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी से बीए (BA) किया था। फिर 2023 में वे दिल्ली यूनिवर्सिटी से एलएलबी (LLB) में ग्रेजुएट हुए। अब लोकसभा चुनाव की इस बेला में वे दिल्ली में सिविल जज की परीक्षा दे रहे हैं। हालांकि 14 अप्रैल को वे मंडला से लोकसभा प्रत्याशी चरणसिंह धुर्वे समर्थन में डिंडोरी में हुई आमसभा में शामिल हुए थे।
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कमलेश्वर डोडियार MLA बनने के बाद जब सैलाना से भोपाल तक बाइक से आए थे, तब वे खूब चर्चा में आए थे। इसके बाद उन्होंने कार खरीदी, तब भी सुर्खियां बटोरीं। इस तरह वे किसी न किसी रूप में चर्चा में रहे। पिछले कुछ दिनों से विधानसभा क्षेत्र में उनकी गैरमौजूदगी पर चर्चाएं होने लगी थीं। जब 'द सूत्र' ने पड़ताल की तो पता चला कि वे सिविल जज की परीक्षा दे रहे हैं।
विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए डोडियार दिल्ली से ही सैलाना लौटे थे, उस वक्त वे LLB कर रहे थे। चुनाव में दोनों प्रमुख दल बीजेपी और कांग्रेस उन्हें कमतर आंक रही थीं, लेकिन मतदाताओं ने उन पर भरोसा जताया और विधानसभा तक पहुंचाया। अब लोकसभा चुनाव के बीच वे दिल्ली में सिविल जज की परीक्षा दे रहे हैं।
लोकसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं, लेकिन भारतीय आदिवासी पार्टी के चुनाव प्रचार में दम-खम नहीं दिख रहा है। बताया जाता है कि इसे लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें फटकार लगाई थी। इधर, मतदाताओं ने चुप्पी साध रखी है। देखना दिलचस्प होगा कि रतलाम लोकसभा सीट पर मतदाता किसे अपना सांसद चुनेंगे।
आपको बता दें कि विधायक कमलेश्वर डोडियार का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनकी मां और पिता मेहनत मजदूरी कर अपनी गुजर बसर करते रहे हैं। कमलेश्वर ने वेटर का काम किया। फिर फसल काटी। 3 दिसंबर 2023 को जब मध्यप्रदेश में चुनाव परिणामों का ऐलान हुआ था, तब कमलेश्वर की मां सीता बाई मजदूरी करने गई थीं। हालांकि कमलेश्वर जब विधायक बने तो उनके परिजनों ने मजदूरी करना छोड़ दिया है।
BHOPAL. MLA कमलेश्वर डोडियार कहां है? लोकसभा चुनाव में वे क्यों नजर नहीं आ रहे? उनके विधानसभा क्षेत्र में क्या चल रहा है? ये जानने के लिए जब 'द सूत्र' ने पड़ताल की तो रोचक जानकारी सामने आई है। दरअसल, कमलेश्वर डोडियार ( Kamleshwar Dodiyar ) दिल्ली में हैं। वे जज (न्यायाधीश) बनने की तैयारी कर रहे हैं। सिविल जज (civil judge) की परीक्षा देने के लिए वे दिल्ली गए हैं। जानकारी के अनुसार, अभी उनके दो पेपर बाकी हैं।
कमलेश्वर डोडियार नवंबर 2023 में विधायक चुने गए थे। उन्होंने मध्यप्रदेश के रतलाम जिले की आदिवासी बहुल सैलाना विधानसभा सीट से भारतीय आदिवासी पार्टी (बाप) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार हर्ष विजय गहलोत को 4,618 वोटों से हराया था।
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उज्जैन से BA और दिल्ली से LLB
डोडियार 34 साल के हैं। उन्होंने 2013 में उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी से बीए (BA) किया था। फिर 2023 में वे दिल्ली यूनिवर्सिटी से एलएलबी (LLB) में ग्रेजुएट हुए। अब लोकसभा चुनाव की इस बेला में वे दिल्ली में सिविल जज की परीक्षा दे रहे हैं। हालांकि 14 अप्रैल को वे मंडला से लोकसभा प्रत्याशी चरणसिंह धुर्वे समर्थन में डिंडोरी में हुई आमसभा में शामिल हुए थे।
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बाइक से आए थे भोपाल
कमलेश्वर डोडियार MLA बनने के बाद जब सैलाना से भोपाल तक बाइक से आए थे, तब वे खूब चर्चा में आए थे। इसके बाद उन्होंने कार खरीदी, तब भी सुर्खियां बटोरीं। इस तरह वे किसी न किसी रूप में चर्चा में रहे। पिछले कुछ दिनों से विधानसभा क्षेत्र में उनकी गैरमौजूदगी पर चर्चाएं होने लगी थीं। जब 'द सूत्र' ने पड़ताल की तो पता चला कि वे सिविल जज की परीक्षा दे रहे हैं।
दोनों दलों ने कमतर आंका
विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए डोडियार दिल्ली से ही सैलाना लौटे थे, उस वक्त वे LLB कर रहे थे। चुनाव में दोनों प्रमुख दल बीजेपी और कांग्रेस उन्हें कमतर आंक रही थीं, लेकिन मतदाताओं ने उन पर भरोसा जताया और विधानसभा तक पहुंचाया। अब लोकसभा चुनाव के बीच वे दिल्ली में सिविल जज की परीक्षा दे रहे हैं।
अब क्या हो रहा सैलाना में
लोकसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं, लेकिन भारतीय आदिवासी पार्टी के चुनाव प्रचार में दम-खम नहीं दिख रहा है। बताया जाता है कि इसे लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें फटकार लगाई थी। इधर, मतदाताओं ने चुप्पी साध रखी है। देखना दिलचस्प होगा कि रतलाम लोकसभा सीट पर मतदाता किसे अपना सांसद चुनेंगे।
मजदूरी करते थे कमलेश्वर
आपको बता दें कि विधायक कमलेश्वर डोडियार का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनकी मां और पिता मेहनत मजदूरी कर अपनी गुजर बसर करते रहे हैं। कमलेश्वर ने वेटर का काम किया। फिर फसल काटी। 3 दिसंबर 2023 को जब मध्यप्रदेश में चुनाव परिणामों का ऐलान हुआ था, तब कमलेश्वर की मां सीता बाई मजदूरी करने गई थीं। हालांकि कमलेश्वर जब विधायक बने तो उनके परिजनों ने मजदूरी करना छोड़ दिया है।
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