शिवराज गए दिल्ली, बड़ा सवाल बुदनी से कौन होगा विधायक का चेहरा

बुधनी विधानसभा में शिवराज की कितनी पकड़ है, वो वहां के चुनाव परिणाम से भी अंदाजा लगाया जा सकता है। छह महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में शिवराज ने बुधनी से 1 लाख 64 हजार 951 वोट से जीत दर्ज की थी। 

author-image
Pratibha ranaa
एडिट
New Update
शिवराज सिंह चौहान
Listen to this article
0.75x 1x 1.5x
00:00 / 00:00

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को नरेंद्र मोदी के केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री बनाया गया है ( shivraj singh chouhan cabinet minister। उन्होंने छठे नंबर पर शपथ ली। विदिशा से छठवीं बार सांसद चुने गए शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में भाजपा के सबसे कद्दावर नेता हैं। शिवराज सिंह को मध्य प्रदेश में 'मामा' नाम से भी पुकारा जाता है। उन्हें जमीन से जुड़ा हुआ नेता माना जाता है, लेकिन मामा अब मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री बन चुके हैं। वे बुधनी विधानसभा सीट से विधायक भी हैं। ऐसे में उन्हें अब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ेगा।

बेटे कार्तिकेय या फिर पूर्व सांसद भार्गव को मिलेगा मौका ?

वहीं अब बड़ा सवाल ये है कि मामा के केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री बनाए जाने के बाद एमपी की राजनीति पर क्या असर होगा। माना जा रहा है कि शिवराज के बड़े बेटे कार्तिकेय उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा सकते है। बुधनी सीट पर अब उपचुनाव होगा। ऐसे में इस सीट से कौन चुनाव लड़ेगा, पार्टी किसे मौका देगी, ये देखना खास होगा।

शिवराज के बेटे कार्तिकेय को मिल सकता है मौका 

कार्तिकेय राजनीति में सक्रिय हैं। पिछले 10 साल से बुधनी सीट पर प्रचार की कमान शिवराज के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ही संभालते आ रहे हैं। कार्तिकेय ने 2018 और 2023 के विधानसभा चुनाव में भी अपने पिता के लिए प्रचार किया। 2023 के चुनाव में तो शिवराज ने बुधनी से केवल नामांकन दाखिल किया था। उन्होंने इस सीट को छोड़कर पूरे प्रदेश में प्रचार किया। बुधनी में शिवराज सिंह चौहान की को बड़ी जीत मिली। 

बुधनी से सबसे बड़ा दावा रमाकांत भार्गव का

रमाकांत भार्गव काफी वरिष्ठ हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी उनपर दाव खेल सकती है। बता दें, विदिशा के पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव का टिकट काटकर शिवराज सिंह को यहां से प्रत्याशी बनाया गया था। वहीं रमाकांत भार्गव की उम्र 70 वर्ष से अधिक हो चुकी है। वे अधिकतम चार से पांच साल ही सक्रिय राजनीति में रह पाएंगे। 

इनके नाम भी चर्चा में...

  • महेश उपाध्याय: सलकनपुर मंदिर ट्रस्ट के 16 साल से अध्यक्ष। महेश उपाध्याय, शिवराज के करीबी हैं। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि पार्टी उन्हें मैदान में उतार सकती है। 
  • रवि मालवीय: सीहोर भाजपा के जिलाध्यक्ष हैं।​​ पार्टी इन्हें मौका दे सकती है।
  • रघुनाथ भाटी: सीहोर के पूर्व जिलाध्यक्ष हैं।​ रघुनाथ भी पूर्व सीएम शिवराज के करीबी माने जाते हैं।
  • गुरु प्रसाद शर्मा: नसरुल्लागंज के रहने वाले, वन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं।

 

thesootr links

 

सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

 

शिवराज सिंह चौहान shivraj singh chouhan cabinet minister बुधनी से विधायक कौन शिवराज केंद्र में कैबिनेट मंत्री