क्रिकेटर नमन ओझा के पिता को 7 साल की जेल, जानें किस मामले में हुई सजा
Vikram Jain | Dec 24, 2024, 18:26 IST
क्रिकेटर नमन ओझा के पिता वीके ओझा को 7 साल की जेल। Photograph: (BHOPAL)
बैतूल की मुलताई अदालत ने क्रिकेटर नमन ओझा के पिता विनय कुमार ओझा को 7 साल की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 2013 में जौलखेड़ा के बैंक ऑफ महाराष्ट्र में सवा करोड़ रुपए के गबन मामले में फैसला सुनाया।
BHOPAL. बैतूल जिले की मुलताई अदालत ने बैंक गबन के मामले में भारतीय क्रिकेटर नमन ओझा के पिता विनय कुमार ओझा को 7 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 14 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। मामले में कोर्ट ने तत्कालीन मैनेजर अभिषेक रत्नम और अन्य आरोपियों को भी 7-7 साल सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है। विनय कुमार ओझा पर आरोप था कि उन्होंने बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 34 फर्जी खातों के जरिए करीब सवा करोड़ रुपए का गबन किया। इन खातों में केसीसी (कृषि ऋण) का लोन ट्रांसफर कर पैसे निकाल लिए थे।
दरअसल, पूरा मामला 2013 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र (जौलखेड़ा ब्रांच) में हुए लगभग सवा करोड़ रुपए के गबन से जुड़ा हुआ है। गबन के दौरान नमन ओझा के पिता विनय कुमार ओझा बैंक मैनेजर थे। इसके बाद साल 2013 में अभिषेक रत्नम बैंक ऑफ महाराष्ट्र में मैनेजर बने थे। इस दौरान विनय कुमार ओझा पर जौलखेड़ा के बैंक ऑफ महाराष्ट्र सवा करोड़ रुपए गबन का आरोप लगा था। उन्होंने साजिश रचते हुए 34 फर्जी खाते खोले और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का लोन ट्रांसफर कर लिया। सफाईकर्मी और अन्य के साथ मिलकर 2 जून 2013 को इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।
मामले में बैंक मैनेजर रहे विनय कुमार ओझा पर साल 2014 में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। गबन के मामले में एफआईआर होने के बाद से ओझा फरार चल रहे थे। इस बाद पुलिस 8 साल तक उनकी तलाश करती रही। मामले में बाकी आरोपी पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी थी। इसके बाद जून 2022 में पुलिस ने विनय कुमार ओझा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से चारों आरोपी जमानत पर थे। मामले में पुलिस ने आरोपीयों पर खिलाफ धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120 बी, 34 और आईटी एक्ट की धारा 65,66 के तहत मामला दर्ज किया था।
वीके ओझा को 7 साल की
मुलताई अपर सत्र न्यायालय ने मंगलवार को बैंक ऑफ महाराष्ट्र जौलखेड़ा ब्रांच में हुए गबन के 11 साल पुराने मामले में सुनवाई करते हुए सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपियों को मामले में दोषी पाया है। कोर्ट ने विनय कुमार ओझा को 7 साल की जेल सुनाते हुए 14 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
अदालत ने मामले में एक अन्य तत्कालीन मैनेजर अभिषेक रत्नम को भी जेल की सजा सुनाते हुए भारी जुर्माना लगाया है। दो अन्य दोषी धनराज और लखनलाल पवार को भी 7-7 साल के लिए जेल भेजते हुए जुर्माना लगाया है। अब अदालत के फैसला के बाद पुलिस ने सभी दोषियों को जेल भेज दिया है। वहीं कोर्ट से सजा मिलने के बाद क्रिकेटर नमन के पिता विनय कुमार ओझा बाहर निकलने के दौरान अपना मुंह छिपाते नजर आए।
जानें पूरा मामला...
गबन के 8 साल बाद हुई थी गिरफ्तारी
वीके ओझा को 7 साल की जेल और जुर्माना
अभिषेक रत्नम समेत तीन को भी जेल
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