निर्मला सप्रे की सदस्यता पर रार, घर-ऑफिस पर झंडा लगाने निकले कांग्रेसी
BINA. बीना विधायक निर्मला सप्रे की पार्टी सदस्यता को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है। गुरुवार (17 अक्टूबर) को विदिशा के बीना में बड़ा हंगामा हुआ। कांग्रेस नेताओं ने विधायक निर्मला सप्रे के घर और दफ्तर पर कांग्रेस का झंडा लगाने की कोशिश की, इससे बवाल हो गया। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पहुंचकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की, जिसमें झड़प हो गई। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
यह है विवाद की जड़
मामला विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता से जुड़ा है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को एक चिट्ठी भेजी है, जिसमें कहा है कि वह अभी भी कांग्रेस की सदस्य हैं। यहां गौरतलब है कि कुछ समय पहले उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ली थी। कांग्रेस का कहना है कि अगर उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली थी, तो अब तक उन्होंने इस्तीफा क्यों नहीं दिया।
पुलिस ने की बैरिकेडिंग
कांग्रेस कार्यकर्ता झंडे के साथ विधायक के घर और दफ्तर की ओर बढ़ने लगे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोका। इस पर कांग्रेसियों ने बैरिकेड्स हटाने की कोशिश की, जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया। हालात को काबू में करने के लिए बीना के आसपास के छह थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बावजूद कार्यकर्ताओं ने झंडे लगाने की कोशिश की, जिससे तनाव और बढ़ गया।
कांग्रेस ने कहा- क्यों हैं झंडे से आपत्ति
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग सिंह ठाकुर का कहना है कि विधायक निर्मला सप्रे ने 10 अक्टूबर को विधानसभा को स्पष्ट किया कि उन्होंने कांग्रेस नहीं छोड़ी है। ऐसे में उन्हें कांग्रेस के झंडे से आपत्ति क्या हो सकती है? इधर, विधायक निर्मला सप्रे ने यह साफ किया है कि उन्होंने कांग्रेस नहीं छोड़ी है। विधानसभा को दिए गए जवाब में उन्होंने बताया कि उन्होंने कोई ऐसा सबूत नहीं दिया जिससे साबित हो कि उन्होंने दल बदला है।
सीएम के सामने बीजेपी ज्वाइन की थी
5 मई 2024 को लोकसभा चुनाव के वक्त मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सार्वजनिक रूप से विधायक निर्मला सप्रे को बीजेपी की सदस्यता दिलाई थी। इसके बाद से ही कांग्रेस कार्यकर्ता उनसे इस्तीफा मांग रहे थे। हालांकि, अब निर्मला सप्रे ने कहा है कि वह बीजेपी की सदस्य नहीं हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी हाल ही में कहा कि सप्रे ने आधिकारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता नहीं ली है।
इस खबर से संबंधित 5 FAQ
FAQ
- विवाद की मुख्य वजह क्या है?
विवाद विधायक निर्मला सप्रे की पार्टी सदस्यता को लेकर है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर कहा है कि वह अभी भी कांग्रेस की सदस्य हैं, जबकि कुछ समय पहले उन्होंने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ली थी। इस स्थिति ने उनकी सदस्यता को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है। - कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधायक के घर और दफ्तर पर झंडा क्यों लगाने की कोशिश की?
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधायक निर्मला सप्रे के घर और दफ्तर पर कांग्रेस का झंडा लगाने की कोशिश इसलिए की क्योंकि सप्रे ने 10 अक्टूबर को विधानसभा में कहा था कि उन्होंने कांग्रेस नहीं छोड़ी है। कांग्रेस का कहना है कि यदि वह अभी भी कांग्रेस की सदस्य हैं, तो उन्हें झंडा लगाने पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। - पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए?
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, आसपास के छह थानों से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया था। - विधायक निर्मला सप्रे का वर्तमान पार्टी स्टेटस क्या है?
विधायक निर्मला सप्रे ने कहा है कि वह कांग्रेस की सदस्य हैं और उन्होंने विधानसभा को कोई ऐसा सबूत नहीं दिया है जो यह साबित करता हो कि उन्होंने पार्टी बदल ली है। हालांकि, मई 2024 में उन्होंने सार्वजनिक रूप से बीजेपी की सदस्यता ली थी, लेकिन अब वह कहती हैं कि उन्होंने आधिकारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता नहीं ली है। - बीजेपी और कांग्रेस की प्रतिक्रिया क्या है?
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा है कि निर्मला सप्रे ने आधिकारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता नहीं ली है। वहीं, कांग्रेस पार्टी सप्रे से इस्तीफे की मांग कर रही है, यह कहते हुए कि अगर उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की थी, तो उन्हें कांग्रेस से इस्तीफा देना चाहिए था।
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