जीतू पटवारी के सामने फूटा दलित नेता का गुस्सा, सम्मान न मिलने का लगाया आरोप
5 पॉइंट में समझें पूरा मामला...
- सावित्रीबाई फुले जयंती कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्षप्रदीप अहिरवार भड़के।
- जीतू पटवारी के सामने पार्टी के भीतर दलितों के अपमान का मुद्दा उठा।
- अहिरवार ने कहा, अपना पैसा और समय देने पर भी सम्मान नहीं मिलता।
- विधायकों पर विधानसभा में दलितों के मुद्दे न उठाने के आरोप लगे।
- बीजेपी ने कांग्रेस को केवल वोट बैंक की राजनीति करने वाली पार्टी बताया।
भोपाल: सावित्रीबाई फुले की जयंती पर राजधानी में आयोजितकार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जीतू पटवारी के सामने मंच से अपनी पीड़ा व्यक्त की। अहिरवार ने पार्टी के कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
सम्मान की कमी का आरोप
कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने कहा कि दलितों को पीसीसी में उचित सम्मान नहीं मिलता। हम अपना पैसा और कीमती समय पार्टी को देते हैं। लेकिन इसके बदले में हमें सम्मान नहीं मिलता है।
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विधायकों की चुप्पी पर सवाल
प्रदीप अहिरवार ने कांग्रेस विधायकों को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि दलितों के अपमान पर कांग्रेस विधायक भी विधानसभा में नहीं बोलते। प्रदीप अहिरवार के इन बयानों से पार्टी में हड़कंप मच गया है।
बीजेपी का तीखा हमला
इस मामले पर भाजपा ने कांग्रेस को घेरा है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि कांग्रेस अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों का इस्तेमाल सिर्फ वोट बैंक के लिए करती है, उन्हें हक, अधिकार और सम्मान नहीं देती।
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अनुसूचित जाति के प्रदेश अध्यक्ष ने मीटिंग में जिस तरह अपने वर्ग के नेताओं की अनदेखी की बात उठाई है, उससे कांग्रेस का असली चाल, चरित्र और चेहरा सामने आ गया है। जीतू पटवारी के सामने ही कांग्रेस की सोच की पोल खुल गई। कांग्रेस को इस पाप के लिए अपने ही कार्यकर्ताओं, नेताओं और पदाधिकारियों से माफी मांगनी चाहिए।"