एमपी डीजीपी की रिटायरमेंट डेट पर विवाद, पुलिस मुख्यालय ने मांगे दो दिन, गृह विभाग बोला- नहीं हो पाएगा
पुलिस मुख्यालय ने क्यों मांगे दो दिन?
पुलिस मुख्यालय की प्रशासन शाखा ने गृह विभाग को नोटशीट भेजी है। इसमें मकवाना की रिटायरमेंट तारीख 2 दिसंबर 2026 बताई गई है।
इसके पीछे तर्क दिया गया है कि मकवाना ने 2 दिसंबर 2024 को पदभार संभाला था। इस हिसाब से उनका दो साल का कार्यकाल 2 दिसंबर 2026 को पूरा होगा।
हालांकि गृह विभाग इस तर्क से सहमत नहीं है। विभाग का कहना है कि नियुक्ति आदेश में दर्ज तारीख ही मान्य होगी।
गृह विभाग ने क्यों जताई आपत्ति?
गृह विभाग के मुताबिक नए डीजीपी का कार्यकाल 1 दिसंबर से शुरू होता है। यह कार्यकाल अगले दो साल के लिए तय किया जाता है।
किसी अधिकारी के दो या चार दिन बाद पदभार संभालने से नियुक्ति की तारीख नहीं बदलती।
मकवाना की नियुक्ति भी 1 दिसंबर 2024 से की गई थी। इसलिए उनकी Retirement Date 30 नवंबर 2026 मानी जाएगी।
फिलहाल नोटशीट पर चर्चा चल रही है। इसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
दो दिन बढ़े तो किसे होगा नुकसान?
डीजीपी का कार्यकाल दो दिन बढ़ाने के पीछे एक और चर्चा है। इसका संबंध नए डीजीपी के Selection Panel से बताया जा रहा है।
चर्चा है कि मकवाना का कार्यकाल 2 दिसंबर तक बढ़ने पर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दौड़ से बाहर हो सकते हैं।
ऐसी स्थिति में चौथे नंबर पर मौजूद स्पेशल डीजी रैंक के अधिकारी को फायदा मिल सकता है।
वह डीजीपी पद के लिए शीर्ष तीन नामों में जगह बना सकते हैं। हालांकि यह अभी चर्चा का विषय है।
नियुक्ति आदेश में क्या लिखा है?
कैलाश मकवाना की नियुक्ति का आदेश 23 नवंबर 2024 को जारी हुआ था।
इससे पहले 21 नवंबर 2024 को UPSC की चयन समिति की बैठक हुई थी। समिति से मिले पैनल में राज्य सरकार ने मकवाना का चयन किया था।
सरकारी आदेश में उनकी पदस्थापना 1 दिसंबर 2024 से दर्ज है। यही तारीख अब पूरे विवाद की मुख्य वजह बन गई है।
स्पेशल डीजी प्रशासन आदर्श कटियार के मुताबिक गृह विभाग को पत्र भेजा गया है। यह पत्र मकवाना की रिटायरमेंट से जुड़ा आदेश जारी करने के संबंध में है।
नए डीजीपी की दौड़ में कौन?
मध्यप्रदेश सरकार ने नए डीजीपी के चयन के लिए 12 आईपीएस अधिकारियों के नाम दिल्ली भेजे हैं।
इस पैनल में 1991 बैच के वरुण कपूर, प्रज्ञा ऋचा और उपेंद्र जैन शामिल हैं।
वहीं 1992 बैच के पंकज श्रीवास्तव, आदर्श कटियार और जी. अखेतो सेमा के नाम भी हैं।
इसके अलावा 1993 बैच के अनिल कुमार और रवि गुप्ता सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मकवाना 30 नवंबर को रिटायर होंगे या उनका कार्यकाल 2 दिसंबर तक बढ़ेगा। गृह विभाग के अंतिम फैसले के बाद स्थिति साफ होगी।
FAQ's
- एमपी के डीजापी कैलाश मकवाना की रिटायरमेंट तारीख क्या है और इसके पीछे क्या तर्क है?
कैलाश मकवाना की रिटायरमेंट तारीख 2 दिसंबर 2026 बताई गई है। प्रशासन शाखा का तर्क है कि उन्होंने 2 दिसंबर 2024 को पदभार संभाला था, इसलिए उनका दो साल का कार्यकाल 2 दिसंबर 2026 को पूरा होगा। - एमपी गृह विभाग ने कैलाश मकवाना की रिटायरमेंट तारीख पर असहमति क्यों जताई है?
गृह विभाग का कहना है कि कैलाश मकवाना की नियुक्ति 1 दिसंबर 2024 से हुई थी, और इसलिए उनकी रिटायरमेंट तारीख 30 नवंबर 2026 होगी, क्योंकि किसी अधिकारी के दो या चार दिन बाद पदभार संभालने से नियुक्ति की तारीख नहीं बदलती। - एमपी के नए डीजीपी पद के लिए किन अधिकारियों के नाम प्रस्तावित हैं?
नए डीजीपी के चयन के लिए 12 आईपीएस अधिकारियों के नाम प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें 1991 बैच के वरुण कपूर, प्रज्ञा ऋचा और उपेंद्र जैन सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। 1992 बैच का पंकज श्रीवास्तव और आदर्श कटियार भी पैनल में हैं।