मप्र में दो बच्चों का नियम खत्म होगा? जनता बताएगी अपना मन, सीएम करेंगे अंतिम फैसला
Manya Jain | Jun 01, 2026, 16:06 IST
two child norm will be abolished in Madhya Pradesh
मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए दो बच्चों की अनिवार्यता खत्म करने की तैयारी है, लेकिन इसमें बड़ा पैच आ गया है। 26 मई 2026 को हुई मीटिंग में अफसरों ने नियम न हटाने पर अपनी राय दी है , लेकिन अंतिम फैसला जनता और सीएम करेंगे।
समझें क्या है मामला
- मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए दो बच्चों की शर्त 2001 से लागू है।
- मोहन सरकार इस नियम को खत्म करने पर विचार कर रही है।
- 26 मई 2026 को चीफ सेक्रेटरी (Chief Secretary) की अध्यक्षता में मीटिंग हुई।
- अफसरों ने नियम हटाने का विरोध किया और जनसंख्या नियंत्रण का तर्क दिया।
- सरकार इस मामले में अब पब्लिक का मन टटोलने की तैयारी में है।
सरकार चाहती है कि तीन बच्चों वाले लोग भी सरकारी नौकरी पा सकें। सीधी भर्ती और पदोन्नति दोनों में यह छूट देने की बात है। इसके लिए नए सेवा भर्ती नियम बनाए जा रहे हैं। लेकिन अफसरों की एक मीटिंग के बाद मामला थोड़ा उलझ गया है।
26 मई को हुई बड़ी मीटिंग
मीटिंग का मकसद था- सीधी भर्ती और पदोन्नित प्रक्रिया के लिए नए सिरे से मप्र सेवा भर्ती नियमबनाना। खासतौर पर दो बच्चों की शर्त पर विचार होना था, लेकिन मीटिंग में बड़ा पेच आ गया।
अफसरों ने किया विरोध
अफसरों का यह तर्क भी था कि नियम हटाया तो प्रभाव कम होगा। जो लोग सरकारी नौकरी या प्रमोशन चाहते हैं, वे इस नियम से बंधे रहते हैं। उनके मुताबिक यह नियम बड़ी भूमिका निभा रहा है।
RSS और जनसंख्या का पेचीदा तर्क
इस पर जवाब आया कि नियम सभी वर्गों पर एक साथ लागू होगा। इससे हिंदू आबादी की जनसंख्या तो भले ही सीमित रहेगी। लेकिन एक खास तबके को अनियंत्रित तरीके से बच्चे पैदा करने की छूट मिल जाएगी।
अफसरों का मानना था कि इस स्थिति में RSS की सोच के अनुसार नतीजा नहीं मिलेगा। इसीलिए नियम हटाने पर सहमति नहीं बन पाई।
CM पर छोड़ा अंतिम फैसला
अब अफसर नए भर्ती नियमों का एक प्रारूप (Draft) तैयार करेंगे। यह प्रारूप आम जनता के सामने रखा जाएगा। जनता की राय लेकर एक तरह का जनादेश हासिल किया जाएगा।
इसके बाद ही CM तय करेंगे कि नियम हटाना है या नहीं। यह फैसला पूरी तरह नीतिगत होगा। कोई कानूनी बाध्यता नहीं है।
25 साल का इतिहास: क्या रहा असर?
25 साल में क्या-क्या हुआ?
इस नियम की वजह से 30 हजार से ज्यादा शिक्षक भर्ती से वंचित रहे। दो ट्रेनी न्यायाधीशों (Trainee Judges) को सेवा से हटाया गया। तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नौकरी भी गई।
कई कर्मचारियों की वेतनवृद्धि और पदोन्नति रोकी गई। कुछ ने तो तीसरे बच्चे की जानकारी ही छिपा ली। वे डरते थे कि यह जानकारी उनकी नौकरी छीन लेगी।
WhatsApp Image
सुप्रीम कोर्ट पहले ही दे चुका है मान्यता
कोर्ट की मान्यता के बावजूद सरकार इसे बदल सकती है। राज्य सरकार को यह अधिकार है, लेकिन इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति चाहिए।
दो बच्चों की शर्त जनसंख्या नियंत्रण का एक तर्कसंगत उपाय है और यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं करती। सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय (जावेद बनाम हरियाणा राज्य, 2003) भारत अब जनसांख्यिकीय बदलाव के दौर में है। प्रजनन दर पहले से कम हो रही है। ऐसे नियमों की प्रासंगिकता पर फिर से विचार होना चाहिए। IIPS (International Institute for Population Sciences)
अन्य राज्यों में क्या है नियम?
अगर मध्यप्रदेश नियम हटाता है तो यह बड़ा बदलाव होगा। दूसरे राज्य भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। यह एक नजीर बन सकती है।
अब क्या होगा आगे?
लाखों लोगों की नजरें इस फैसले पर टिकी हैं। जो लोग तीन बच्चों की वजह से सरकारी नौकरी से महरूम हैं, उन्हें उम्मीद है। देखना होगा CM क्या फैसला करते हैं।
FAQ
- मध्यप्रदेश में
दो बच्चों का नियम क्या है?
यह नियम 26 जनवरी 2001 से लागू है। इसके तहत दो से ज्यादा बच्चों वाले लोग सरकारी नौकरी या पदोन्नति के लिए अपात्र माने जाते हैं। इसे तत्कालीन CM दिग्विजय सिंह ने जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से लागू किया था। - क्या मप्र में दो बच्चों का नियम अब खत्म होगा?
अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। 26 मई 2026 की मीटिंग में अफसरों ने नियम हटाने का विरोध किया। CM मोहन यादव ही अंतिम निर्णय लेंगे।
ये भी पढ़ें...
एमपी में आदिवासी योजनाओं में गड़बड़ी, छात्रों की शिक्षा और गरीबों के हक से
कार्यालय का एसी घर ले गई नगर पालिका अध्यक्ष, CMO भड़के, कहा- तुरंत वापस करो
MP में फास्ट ट्रैक ग्रेजुएशन: अब 3 साल की डिग्री 2 साल में मिलेगी, जानें नया नियम
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari