MP में ड्राइविंग लाइसेंस और RC का इंतजार खत्म, अब मिलेंगे हाईटेक NFC कार्ड
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- दो साल से DL और RC कार्ड वितरण बंद है।
- नई कंपनी बनाएगी हाईटेक NFC स्मार्ट कार्ड।
- कार्ड में वाहन मालिक की पूरी जानकारी होगी।
- पुलिस जांच में NFC कार्ड से मिलेगी मदद।
- हर साल 44 करोड़ रुपए शुल्क जमा हो रहा।
मध्यप्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीयन कार्ड को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। पिछले दो साल से कार्ड नहीं मिलने की समस्या अब खत्म होने वाली है।
परिवहन विभाग नई कंपनी का चयन करेगा। इसके बाद वाहन मालिकों को NFC तकनीक वाले स्मार्ट कार्ड मिलेंगे। इन कार्डों से पुलिस जांच और वाहन संबंधी जानकारी जुटाना आसान होगा।
DL और RC कार्ड संकट
मध्यप्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) और आरसी कार्ड (RC Card) को लेकर लोग लंबे समय से परेशान हैं। वाहन मालिकों ने ऑनलाइन शुल्क जमा किया। इसके बाद भी उन्हें कार्ड नहीं मिले।
करीब दो साल से यह समस्या बनी हुई है। लोगों ने लाइसेंस और आरसी के लिए 200-200 रुपए शुल्क दिया। इसके बावजूद कार्ड घर तक नहीं पहुंचे।
अब परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था की तैयारी शुरू की है। विभाग स्मार्ट कार्ड तैयार कराने वाली नई कंपनी चुनेगा। कंपनी चयन के बाद कार्ड वितरण शुरू होगा।
परिवहन विभाग के अनुसार सभी लंबित कार्ड भेजे जाएंगे। जिन लोगों को अभी तक कार्ड नहीं मिले हैं। उनके पते पर भी कार्ड पहुंचाए जाएंगे।
NFC कार्ड की तैयारी
परिवहन विभाग अब हाईटेक NFC कार्ड (Near Field Communication Card) देने की योजना बना रहा है। यह पहली बार होगा जब वाहन मालिकों को चिप आधारित कार्ड मिलेंगे।
NFC तकनीक वाले कार्ड ज्यादा सुरक्षित होंगे। इनमें जानकारी को अपडेट भी किया जा सकेगा। कार्ड में वाहन और मालिक से जुड़ी जानकारी दर्ज होगी।
पुलिस जांच के दौरान इन कार्डों का फायदा मिलेगा। विशेष डिवाइस से कार्ड स्कैन किया जा सकेगा। इससे वाहन की जानकारी तुरंत सामने आ जाएगी।
कार्ड में वाहन मालिक का नाम दर्ज होगा। साथ ही पता और ब्लड ग्रुप की जानकारी होगी। वाहन का मॉडल और निर्माण वर्ष भी उपलब्ध रहेगा।इसके अलावा वाहन खरीद वर्ष और टैक्स संबंधी जानकारी भी मिलेगी। इससे जांच प्रक्रिया तेज और आसान होगी।
शुल्क के बावजूद देरी
मध्यप्रदेश परिवहन विभाग ने अक्टूबर 2024 में बड़ा बदलाव किया था। विभाग ने हार्डकॉपी बंद करने की सूचना दी थी। इसके बाद भी लाइसेंस और आरसी के लिए शुल्क लिया जाता रहा। लोगों से दोनों सेवाओं के लिए 200-200 रुपए लिए गए। इसके कारण लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।
कई वाहन मालिक कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अब विभाग नई कंपनी के माध्यम से समस्या दूर करना चाहता है। नई व्यवस्था में कार्ड समय पर पहुंचाने की योजना है।
पुरानी कंपनी पर विवाद
ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी कार्ड बनाने का काम पहले एक कंपनी को मिला था। कंपनी के भुगतान को लेकर विवाद चल रहा है। मामला भोपाल जिला न्यायालय में विचाराधीन है। कंपनी ने करीब 100 करोड़ रुपए भुगतान की मांग की है।
परिवहन विभाग ने कंपनी के दावे पर आपत्ति जताई है। इसी विवाद के कारण कार्ड वितरण प्रभावित हुआ। अब विभाग नई कंपनी के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। इससे कार्ड वितरण व्यवस्था दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।
सरकार को मिल रहा शुल्क
मध्यप्रदेश में हर साल बड़ी संख्या में वाहन खरीदे जाते हैं। लगभग 16 लाख नए वाहनों का पंजीयन होता है। प्रत्येक आरसी कार्ड पर 200 रुपए शुल्क लिया जाता है। इससे करीब 32 करोड़ रुपए सालाना जमा होते हैं।
इसी तरह करीब छह लाख स्थायी लाइसेंस बनते हैं। लाइसेंस शुल्क से लगभग 12 करोड़ रुपए मिलते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी शुल्क मिलाकर करीब 44 करोड़ रुपए सालाना सरकार को मिलते हैं।
अब सवाल यह है कि शुल्क लेने के बाद कार्ड वितरण व्यवस्था कितनी जल्दी सुधरती है। नई कंपनी के चयन के बाद स्थिति साफ होगी।
FAQ
- मध्यप्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस और RC कार्ड क्यों नहीं मिल रहे थे?
मध्यप्रदेश में पिछले करीब दो साल से ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी कार्ड वितरण प्रभावित था। कार्ड बनाने वाली पुरानी कंपनी से भुगतान विवाद के कारण व्यवस्था में देरी हुई। अब परिवहन विभाग नई कंपनी चुनने की तैयारी कर रहा है। - NFC स्मार्ट कार्ड (NFC Smart Card) क्या होता है?
NFC स्मार्ट कार्ड चिप आधारित कार्ड होता है। इसमें डिजिटल जानकारी सुरक्षित रहती है। इसे विशेष डिवाइस से स्कैन किया जा सकता है। वाहन मालिक, वाहन और टैक्स संबंधी जानकारी आसानी से मिल सकती है। - मध्यप्रदेश ड्राइविंग लाइसेंस अपडेट में क्या बदलाव होगा?
नई व्यवस्था के बाद वाहन मालिकों को हाईटेक NFC कार्ड मिलेंगे। पुराने लंबित कार्ड भी भेजे जाएंगे। नई तकनीक से पुलिस जांच और वाहन सत्यापन की प्रक्रिया आसान होगी।
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