कीड़ों के सिर काटकर लाने पर मिलेगा इनाम, जंगल बचाने सरकार का अनोखा अभियान
Jitendra Shrivastava | Jul 16, 2026, 20:06 IST
Photograph: (THESOOTR)
DINDORI. डिंडौरी में वन विभाग साल बोरर कीट के सिर 2 रुपए में खरीद रहा है। अब तक 10 लाख सिर जमा हो चुके हैं। कीट के प्रकोप से डेढ़ लाख पेड़ खराब हो गए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला...
- सरकार ने खरीदे 10 लाख कीड़ों के सिर, 2 रुपए में एक।
- डिंडौरी में जंगल बचाने कीड़ों का सिर काट रहे ग्रामीण।
- साल बोरर कीट ने खा डाले डेढ़ लाख पेड़, अब कटाई तय।
- सुबह होते ही गंध से पकड़े जाते हैं साल बोरर कीड़े।
- 20 लाख रुपए खर्च, फिर भी कटेंगे 1.46 लाख पेड़।
अब तक करीब 10 लाख कीड़ों के सिर जमा हो चुके हैं। इस कीट के हमले से करीब डेढ़ लाख पेड़ प्रभावित हुए हैं। अब इन पेड़ों की कटाई के लिए केंद्र सरकार की अनुमति का इंतजार है।
जंगल बचाने अनोखा तरीका
मकसद साफ है, कीड़ों की संख्या घटाकर साल यानी सरई के जंगलों को बचाना। अब तक करीब 10 लाख कीड़ों के सिर काटे जा चुके हैं। बदले में ग्रामीणों को कुल 20 लाख रुपए का भुगतान किया जाएगा।
साल बोरर कीट ने जिले के जंगलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। हालात इतने गंभीर हो गए कि भारत सरकार से अनुमति मिलने के बाद 1 लाख 46 हजार 784 प्रभावित पेड़ों की कटाई की जाएगी।
dindori sal borer keede abhiyan
30 हजार हेक्टेयर में फैला प्रकोप
कीड़ों को पकड़ने का अभियान 20 जून से लगातार चल रहा है। इसमें ग्रामीणों की सीधी भागीदारी है। हर व्यक्ति के जमा किए गए सिरों की अलग-अलग एंट्री दर्ज की जा रही है।
सुबह होते ही पकड़े जाते हैं कीड़े
इस गंध से आकर्षित होकर साल बोरर कीट रस पीने पहुंचते हैं और कुछ देर के लिए सुस्त पड़ जाते हैं। वन विभाग पेड़ों की छाल का रेजिन कूटकर उसका पाउडर भी घरों के आसपास रखवाता है।
इस पाउडर की गंध से कीट वहां भी पहुंचते हैं, जहां ग्रामीण उन्हें आसानी से पकड़ लेते हैं। सूरज निकलने से पहले ही कीटों को पकड़ना जरूरी होता है, क्योंकि बाद में वे उड़ने लगते हैं।
पकड़े गए कीटों के सिर काटकर उनकी माला बनाई जाती है। यह माला वन विभाग के कर्मचारियों के पास जमा कराई जाती है। इसके बाद प्रति सिर के हिसाब से भुगतान होता है।
आखिर इतना खतरनाक क्यों है यह कीड़ा
वन विभाग के अनुसार समय पर नियंत्रण न हो तो यह एक पेड़ से दूसरे में और फिर पूरे जंगल में तेजी से फैल जाता है। इससे हरे-भरे पेड़ भी सूखकर नष्ट हो जाते हैं।
डेढ़ लाख से ज्यादा पेड़ों की कटाई तय
दो डीएफओ की मौजूदगी में होगा कीड़ों का खात्मा
यह पूरा अभियान भी जुलाई के अंत तक चलेगा। इसके लिए सामान्य, उत्पादन, मंडला वेस्ट और मंडला ईस्ट के चार डीएफओ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
कटाई के बाद मिलेगी हजारों क्यूबिक मीटर लकड़ी
लकड़ी को गाड़ा सरई और करंजिया काष्ठ गार में सुरक्षित रखा जाएगा। डिंडौरी के जंगलों में साल बोरर का यह पहला बड़ा हमला नहीं है। इससे पहले 1997-98 में भी इसके प्रकोप के चलते बड़ी संख्या में साल के पेड़ काटने पड़े थे।
क्या होता है साल बोरर कीट
यह कीट साल के तने में सुरंग बनाकर लार्वा और कीड़े के रूप में रहता है। इसकी लंबाई करीब 2 इंच होती है और जीवन चक्र लगभग एक साल का होता है। जंगलों में इसका प्रकोप इतना गंभीर माना जाता है कि इसे कई बार महामारी जैसा भी बताया जाता है।
बचाव के लिए क्या उपाय अपनाए जा रहे
FAQ
- डिंडौरी में साल बोरर कीट को लेकर क्या अभियान चल रहा है?
वन विभाग साल बोरर कीट का एक सिर 2 रुपए में खरीद रहा है। अब तक करीब 10 लाख सिर जमा हो चुके हैं। ग्रामीणों को कुल 20 लाख रुपए का भुगतान होगा। - साल बोरर कीट पेड़ों को कैसे नुकसान पहुंचाता है?
यह कीट साल के तने में घुसकर उसे धीरे-धीरे खाता है। समय पर नियंत्रण न हो तो यह पूरे जंगल में तेजी से फैल जाता है। - कितने पेड़ों की कटाई होगी और क्यों?
साल बोरर के प्रकोप से प्रभावित 1 लाख 46 हजार 784 पेड़ों की कटाई होगी। इसके लिए भारत सरकार की अनुमति का इंतजार है।
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