पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने वाला देश का पहला राज्य बना मध्य प्रदेश, इन चार शहरों में होगी सुनवाई
Kaushiki | Oct 16, 2026, 09:30 IST
MP में पेपर लीक और नकल के मामलों के लिए चार फास्ट ट्रैक कोर्ट
मध्य प्रदेश में पेपर लीक और नकल के मामलों में अब सुनवाई तेज होगी। सरकार ने इसके लिए चार विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए हैं। ये अदालतें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में बनाई गई हैं। इनमें प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े अपराधों की सुनवाई होगी। चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने में ट्रायल पूरा करने का लक्ष्य है। जांच के लिए विशेष टीमें भी बनाई गई हैं। सरकार ने अदालतों में पैरवी के लिए विशेष अभियोजक नियुक्त किए हैं।
ऐसी व्यवस्था वाला पहला राज्य MP
किस कोर्ट में किन जिलों की सुनवाई?
- भोपाल कोर्ट: इस अदालत में भोपाल, सीहोर, रायसेन और बैतूल के मामले आएंगे। इसके अलावा नर्मदापुरम, हरदा, राजगढ़ और विदिशा के मामलों की भी सुनवाई होगी।
- इंदौर कोर्ट: यहां इंदौर, धार, रतलाम और झाबुआ के मामले सुने जाएंगे। मंदसौर, उज्जैन और देवास सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्र के मामले भी शामिल होंगे।
- ग्वालियर कोर्ट: इस अदालत में ग्वालियर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी के मामले आएंगे। गुना, दतिया, अशोकनगर और टीकमगढ़ के मामलों की भी सुनवाई होगी।
- जबलपुर कोर्ट: यहां जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा और शहडोल के मामले सुने जाएंगे। महाकौशल और बुंदेलखंड के अन्य संबंधित जिलों के मामले भी शामिल होंगे।
SIT करेगी जांच, अभियोजक रखेंगे पक्ष
ये अभियोजक अदालत में सबूत और गवाह पेश करने पर ध्यान देंगे। साथ ही सुनवाई की तैयारी और गवाहों के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे जांच और अदालत की कार्रवाई व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ सकेगी।
तीन महीने में ट्रायल पूरा करने का लक्ष्य
हर मामले में इतने समय में फैसला आएगा, यह जरूरी नहीं है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा से जुड़े अपराधों में कानूनी कार्रवाई को तेज करना है। इससे दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई होने की उम्मीद है।
समझें क्या है फास्ट ट्रैक कोर्ट
फास्ट ट्रैक कोर्ट क्या होते हैं?
किन मामलों की सुनवाई होती है?
फास्ट ट्रैक कोर्ट से क्या फायदा है?
फैसले के बाद क्या होता है?
FAQs:
- मध्य प्रदेश में परीक्षा से जुड़े अपराधों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का निर्माण कब किया गया?
मध्य प्रदेश ने परीक्षा से जुड़े अपराधों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का निर्माण हाल ही में किया है। यह व्यवस्था देश में अपनी तरह की पहली है। - फास्ट ट्रैक कोर्ट में किन-किन जिलों के मामलों की सुनवाई होगी?
भोपाल कोर्ट में भोपाल, सीहोर, रायसेन, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, राजगढ़ और विदिशा के मामले सुने जाएंगे; इंदौर कोर्ट में इंदौर, धार, रतलाम, झाबुआ, मंदसौर, उज्जैन और देवास के मामले; ग्वालियर कोर्ट में ग्वालियर, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर और टीकमगढ़ के मामले; और जबलपुर कोर्ट में जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा और शहडोल के मामले शामिल होंगे। - फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सुनवाई की प्रक्रिया कितनी जल्दी होगी?
नई व्यवस्था के तहत, चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामलों की सुनवाई को तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, हालांकि सभी मामलों का निर्णय तीन महीने में आना अनिवार्य नहीं है।
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