MP बनेगा ग्लोबल टेक्सटाइल हब, करोड़ों के निवेश को मंजूरी, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

Amresh Kushwaha | Feb 17, 2026, 12:14 IST
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मध्यप्रदेश के धार जिले में भैंसोला पीएम मित्रा पार्क बन रहा है, जो कपड़ा बाजार का नया केंद्र बनेगा। यहां सात हजार 500 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इस पार्क से 55 हजार से ज्यादा नौकरियों का अवसर मिलेगा।

मध्यप्रदेश अब सिर्फ खेती और पर्यटन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि ये अब दुनिया के कपड़ों का हब बनने की ओर बढ़ रहा है। बदनावर के भैंसोला में बने पीएम मित्रा पार्क (PM MITRA Park) से राज्य के औद्योगिक इतिहास में एक नया दौर शुरू हो रहा है।



हाल ही में इस प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में 13 बड़ी कंपनियों को करीब 320 एकड़ जमीन दी गई है। इससे हजारों लोगों को रोजगार मिल सकता है।



निवेश की नई लहर के साथ रोजगार की बहार

MPIDC ( Madhya Pradesh Industrial Development Corporation) यानी मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति के अनुसार, इन 13 कंपनियों ने मिलकर सात हजार 500 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया है। सबसे राहत की बात यह है कि इस भारी-भरकम निवेश से क्षेत्र के 16 हजार से ज्यादा युवाओं को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा। कंपनियों के साथ एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI)* साइन हो चुके हैं। अब जमीन पर निर्माण कार्य शुरू होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।



भीलोसा इंडस्ट्रीज करेगा करोड़ों का निवेश

इस निवेश के दूसरे दौर में सबसे बड़ी खिलाड़ी भीलोसा इंडस्ट्रीज बनकर उभरी है। कंपनी ने अकेले चार हजार 500 करोड़ रुपए के निवेश का वादा किया है। इसके लिए उन्हें 200 एकड़ जमीन की मांग पर सहमति मिल गई है। अकेले इस एक प्रोजेक्ट से ही चार हजार लोगों के लिए काम के अवसर पैदा होंगे। यह न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि राज्य की औद्योगिक साख को भी बढ़ाएगा।



कनेक्टिविटी और लोकेशन का मिला फायदा

भैंसोला का यह पार्क अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के बेहद करीब है। साथ ही, इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे से इसकी सीधी कनेक्टिविटी है। इसका सीधा फायदा यह है कि कच्चे माल को लाने और तैयार माल को बंदरगाहों या बड़े शहरों तक पहुंचाने में समय और लागत दोनों की बचत होगी।



खेत से विदेश तक का सफर

इस पार्क की आधारशिला खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5F विजन पर टिकी है। यह विजन है- फार्म टू फाइबर (Farm to Fiber), फाइबर टू फैक्ट्री (Fiber to Factory), फैक्ट्री टू फैशन (Factory to Fashion) और फैशन टू फॉरेन (Fashion to Foreign)। इसका मतलब है कि किसान के खेत में पैदा होने वाली कपास सीधे फैक्ट्री आएगी, यहीं उसका धागा और कपड़ा बनेगा, यहीं डिजाइनिंग होगी और यहीं से वह 'मेड इन इंडिया' टैग के साथ विदेशों में एक्सपोर्ट किया जाएगा।



पीएम का 5F विजन के पांच स्तंभ

  1. फार्म (Farm - खेत): किसानों द्वारा कपास की खेती (कच्चा माल)।
  2. फाइबर (Fibre - धागा): कपास को फाइबर/धागे में बदलना।
  3. फैक्ट्री (Factory - कारखाना): धागे से कपड़ा और गारमेंट बनाने वाली इकाइयां।
  4. फैशन (Fashion - फैशन): परिधानों का डिजाइन और उत्पादन।
  5. फॉरेन (Foreign - विदेश): तैयार उत्पादों का विदेशों में निर्यात।

55 हजार नौकरियों का लक्ष्य

वर्तमान आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक 38 कंपनियों ने पीएम मित्रा पार्क में अपनी दिलचस्पी दिखाई है। कुल निवेश का आंकड़ा 21 हजार 500 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। लगभग एक हजार 140 एकड़ जमीन आवंटित की जा चुकी है। फिलहाल लीज डीड (Lease Deed) की प्रक्रिया जारी है। अनुमान है कि जब यह मेगा प्रोजेक्ट पूरी तरह धरातल पर उतरेगा, तो करीब 55 हजार युवाओं को सीधा रोजगार मिलेगा। इससे यह देश का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड टेक्सटाइल पार्क बन जाएगा।



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