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मध्य प्रदेश ने संपदा 1.0 और 2.0 के बाद अब एक और डिजिटल कदम उठाया है। राज्य सरकार ने साइबर पंजीकरण कार्यालय की शुरुआत की है। इस नई सुविधा से अब लोग घर बैठे लोन, लीज डीड, पावर ऑफ अटॉर्नी और पार्टनरशिप डीड जैसे 75 दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। अब किसी को भी सब-रजिस्ट्रार (Sub Registrar) के दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मिनटों में पूरी होगी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
नए साइबर पंजीकरण कार्यालय में कुछ ही मिनटों में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। साथ ही, दस्तावेज की रजिस्टर्ड कॉपी सीधे आपके मोबाइल या लैपटॉप पर आ जाएगी। इस प्रक्रिया की शुरुआत भोपाल स्थित पंजीयन भवन से हो चुकी है।
डिजिटल ट्रांजेक्शन से जुड़े फायदे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने इस कार्यालय का उद्घाटन किया। साथ ही उन्होंने कहा कि अब सरकार और इसके उपक्रमों से जुड़ी ट्रांसफर की सभी प्रक्रियाएं पेपरलेस रजिस्ट्रेशन के तहत होंगी। इसका मतलब यह है कि अब आम लोगों को किसी भी जगह जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी; वे आसानी से इन दस्तावेजों को ऑनलाइन रजिस्टर कर सकेंगे।
साइबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ, 'संकल्प से सिद्धि' का श्रेष्ठ उदाहरण है...
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 16, 2026
आज भोपाल स्थित पंजीयन भवन में 'साइबर पंजीयन कार्यालय' का शुभारंभ किया। नई व्यवस्था के अंतर्गत 75 से अधिक सेवाओं को शामिल किया गया है। लोन, मुख्त्यारनामा, माइनिंग लीज, हलफनामा और महिला सह-स्वामित्व अंतरण… pic.twitter.com/SiA0VagPJb
अब तक 14 लाख से ज्यादा दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि अब तक संपदा 2.0 के तहत 14 लाख 95 हजार से अधिक दस्तावेजों का पंजीकरण हो चुका है। इसके अलावा, राज्यभर के अधिकारियों-कर्मचारियों को पंजीयन से जुड़े कामों में गलती न हो, इसके लिए ट्रेनिंग भी दी गई है।
अब विदेशों में रहने वालों को भी मिलेगा फायदा
आईजी पंजीयन अमित तोमर ने बताया कि पहले केवल संबंधित जिले के सब-रजिस्ट्रार (Sub Registrars) ही वहां के दस्तावेजों का पंजीकरण कर सकते थे। अब साइबर सब-रजिस्ट्रार के माध्यम से प्रदेश के किसी भी जिले के दस्तावेजों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा। इस नई सुविधा से विदेश में रहने वालों को भी फायदा मिलेगा।
भोपाल से सिंगरौली और उज्जैन के दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन
साइबर पंजीकरण की प्रक्रिया में 6 सब-रजिस्ट्रार भोपाल में नियुक्त किए गए हैं, जो प्रदेशभर के निर्धारित दस्तावेजों का ऑनलाइन पंजीकरण करेंगे। सोमवार को इस प्रक्रिया का लाइव वीडियो केवाईसी (KYC) के आधार पर प्रॉपर्टी लोन और लीज डीड का रजिस्ट्रेशन किया गया। इसमें सिंगरौली के प्रॉपर्टी लोन और उज्जैन की औद्योगिक जमीन की लीज डीड शामिल थी।
जानें क्या होती है लीज डीड?
लीज डीड, संपत्ति मालिक और किराएदार के बीच एक समझौता होता है। यह समझौता 11 महीने या उससे ज्यादा के लिए संपत्ति किराए पर लेने की शर्तें तय करता है।
संपदा 2.0 से पर्यावरण को लाभ
अक्टूबर 2024 से संपदा 2.0 के तहत फेसलेस पंजीयन शुरू हुआ था। इसके तहत अब तक 15 लाख दस्तावेजों का पंजीकरण (Registration) किया गया। इससे 4 हजार पेड़ बचाए गए और 21 लाख किग्रा कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन कम हुआ।
संपदा 1.0 और 2.0 क्या है?
संपदा 2.0 का मकसद संपत्ति पंजीकरण को डिजिटलीकरण से आसान बनाना है। संपदा 1.0 के मुकाबले इसमें आधार प्रमाणीकरण, ई-केवाईसी और जीआईएस मानचित्रण जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इसके अलावा, ई-दस्तावेज वितरण भी अब संभव है।
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