एमपी में सुगम बस सेवा शुरू, गडकरी बोले, एयर पॉल्यूशन के 40% के लिए मैं जिम्मेदार
मध्यप्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा फिर शुरू हुई है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रिमोट के जरिए 351 बसों को लॉन्च किया।
इस दौरान गडकरी ने कहा कि देश के एयर पॉल्यूशन में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी ट्रांसपोर्ट सेक्टर की है और इसके लिए वे खुद जिम्मेदार हैं। भोपाल-इंदौर सहित 7 शहरों में इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसें चलेंगी। पहले साल राज्यभर में 1,500 बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है।
यह लॉन्च मध्यप्रदेश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। दो दशक के अंतराल के बाद सरकारी बस सेवा की वापसी हुई है। इस मौके पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों के बड़े नेता मौजूद रहे।
गडकरी का बड़ा बयान
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कार्यक्रम में कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए 5 एजेंडा तैयार किए गए हैं। इसमें सबसे पहला एजेंडा क्लीन ट्रांसपोर्ट का है।
उन्होंने कहा कि देश के एयर पॉल्यूशन में करीब 40 प्रतिशत हिस्सेदारी ट्रांसपोर्ट सेक्टर की है। गडकरी ने खुलकर कहा कि इस पॉल्यूशन के लिए वे खुद जिम्मेदार हैं। यह बयान उनकी सीधी स्वीकारोक्ति के तौर पर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी टिप्पणी
गडकरी ने मंच से ही मध्यप्रदेश के एयर पॉल्यूशन को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि बसों में अभी भी काफी सुधार की जरूरत है।
गडकरी ने अधिकारी पटवर्धन को सीधे निर्देश देते हुए कहा कि कंपनी वालों से बसों का स्टैंडर्ड सुधारने को कहा जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिस तरह कॉन्टैक्टर्स को रगड़ने का काम करते हैं, उसी तरह जरूरत पड़ी तो अधिकारियों को भी रगड़ेंगे।
किराया गरीबों के लिए होगा किफायती
गडकरी ने कहा कि गरीबों को एसी बस में भी बेहतर सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि डीजल बसों की तुलना में इन बसों का टिकट किराया 30 प्रतिशत कम होना चाहिए।
यह बयान बस सेवा को आम लोगों के लिए किफायती बनाने की दिशा में अहम संकेत माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री का लक्ष्य, 75% पंचायतों तक पहुंच
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में कहा कि पहले साल राज्यभर में 1,500 बसें चलाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि इस सेवा के जरिए शहरों के साथ गांवों को भी जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक इस योजना से 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक बस कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी। यह मुख्यमंत्री सुगम योजना के तहत चलाया जा रहा है।
किन शहरों में कितनी बसें चलेंगी
लॉन्च की गई 351 बसें अलग-अलग रूटों पर तैनात की गई हैं। सबसे ज्यादा 145 बसें भोपाल-इंदौर रूट पर चलेंगी। भोपाल से इंदौर की दूरी करीब 190 किलोमीटर है।
जबलपुर रूट पर 67 बसें चलेंगी। भोपाल से जबलपुर की दूरी करीब 327 किलोमीटर बताई गई है। रीवा रूट पर 18 बसें तैनात होंगी, जिसकी दूरी करीब 498 किलोमीटर है।
देवास रूट पर 10 बसें चलेंगी, यह दूरी करीब 142 किलोमीटर है। कटनी के लिए 3 बसें और भिंड के लिए 2 बसें शुरू की गई हैं। कटनी की दूरी करीब 387 किलोमीटर और भिंड की दूरी करीब 469 किलोमीटर है। भोपाल के लोकल रूट पर 106 बसें चलेंगी।
किराया कैसे तय होगा
बस सेवा का किराया दूरी के आधार पर तय किया गया है। चार्ट के मुताबिक प्रति किलोमीटर करीब 2 रुपए किराया रखा गया है।
इस हिसाब से भोपाल से इंदौर तक का किराया करीब 380 रुपए होगा। भोपाल से जबलपुर तक का किराया करीब 654 रुपए और रीवा तक का किराया करीब 996 रुपए बैठेगा।
देवास तक का किराया करीब 284 रुपए, कटनी तक करीब 774 रुपए और भिंड तक करीब 938 रुपए होगा। भोपाल के लोकल रूट पर किराया दूरी के अनुसार अलग से तय होगा। ध्यान रहे कि दूरी सड़क मार्ग की अनुमानित है और किराया 2 रुपए प्रति किलोमीटर के आधार पर निकाला गया है।
बसों में क्या खास सुविधाएं हैं
लॉन्च की गई बसों में यात्रियों की सुविधा का खास ध्यान रखा गया है। बसों में आरामदायक सीटें लगाई गई हैं, ताकि लंबी दूरी के सफर में यात्रियों को असुविधा न हो।
सुरक्षा के लिहाज से बसों में सीसीटीवी (CCTV – Closed Circuit Television) कैमरे भी लगाए गए हैं। इनकी स्क्रीन ड्राइवर के ठीक सामने लगाई गई है, ताकि निगरानी आसान रहे।
कार्यक्रम में उमड़ी भीड़
भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित इस लॉन्च कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मैदान में बसों को करीने से खड़ा किया गया था। मुख्यमंत्री सुगम योजना के तहत शहरों में यह बसें अब नियमित रूप से चलेंगी।
21 साल बाद सरकारी बस सेवा की यह वापसी मध्यप्रदेश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है। आने वाले समय में इसका असर शहरों के साथ गांवों की कनेक्टिविटी पर भी दिखेगा।
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