मंत्रालय से विधानसभा तक 2500 कर्मचारियों का चौथा वेतनमान अटका, हर महीने 5 हजार का नुकसान!

Amresh Kushwaha | Oct 11, 2026, 08:45 IST
2500 कर्मचारियों को कब मिलेगा चौथे समयमान वेतनमान का लाभ?
सरकारी कर्मचारियों के लिए समयमान वेतनमान बड़ी राहत होता है। यह वेतन में बढ़ोतरी की ऐसी व्यवस्था है, जो लंबी सेवा के बाद मिलती है। प्रदेश के कई विभागों के कर्मचारियों को चौथा समयमान वेतनमान पहले मिल चुका है। वहीं, पांच कार्यालयों के कर्मचारी अब भी इंतजार में हैं। जिन कार्यालयों के कर्मचारी वंचित हैं, उनमें मंत्रालय, विधानसभा, राजभवन, एमपी लोकसेवा आयोग और विधि विभाग शामिल हैं।
Time-bound pay scales offer significant relief government employees; system salary increments granted long period service. employees many state departments already received fourth time-bound pay scale, staff five offices still awaiting.

कितने कर्मचारी प्रभावित

रिपोर्ट के मुताबिक करीब 2500 अधिकारी-कर्मचारी इस मामले से प्रभावित हैं। हर कर्मचारी के लिए यह फायदा हर महीने चार से पांच हजार रुपए का बताया गया है। यानी किसी के लिए यह साल में 48 हजार से 60 हजार रुपए का फर्क बनता है। यह गणना केवल सामान्य अनुमान है।



प्रदेश के अन्य विभागों और विभागाध्यक्ष कार्यालयों के कर्मचारियों को चौथा समयमान वेतनमान पहले मिल चुका है। पर इन पांच कार्यालयों के हजारों कर्मचारी अब तक इस वित्तीय लाभ से वंचित हैं।



फाइल कहां अटकी है

मुख्यमंत्री सचिवालय ने जीएडी से इस संबंध में संक्षेपिका (मामले का सार) मांगी थी। इसी के लिए नोटशीट भी लिखी जा चुकी है।



वहीं, जीएडी में विभागीय मंत्री के अनुमोदन के लिए फाइल करीब तीन महीने आगे ही नहीं बढ़ी है। नियमों के मुताबिक पहले विभागीय मंत्री का अनुमोदन चाहिए। चूंकि यह विभाग मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए प्रस्ताव पर उन्हीं का अनुमोदन लेना होगा। इसके बाद मुख्य सचिव के जरिए प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा।



रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री सचिवालय से हरी झंडी मिलने के बावजूद जीएडी स्तर पर मंत्री का अनुमोदन नहीं हुआ है। इसी वजह से मामला फिलहाल अटका है। इससे कर्मचारियों में निराशा है।



कैबिनेट की मंजूरी क्यों जरूरी

इस मामले में कैबिनेट की मंजूरी अनिवार्य बताई गई है। वजह यह है कि इन चार कार्यालयों के कर्मचारियों की ग्रेड पे और वेतनमान की स्थिति अन्य विभागों से अलग है।



वित्त विभाग के निर्देश के मुताबिक अलग ग्रेड पे वाले मामलों में कैबिनेट का अनुमोदन जरूरी है। चौथे समयमान के तहत ग्रेड पे 4800 रुपए या 5400 रुपए तय किए जाने पर विचार हो रहा है। मंजूरी मिलने पर इन कर्मचारियों को सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा।



ब्रह्म स्वरूप कमेटी की सिफारिश

ब्रह्म स्वरूप कमेटी ने मंत्रालय और विधानसभा समेत इन कार्यालयों में काम की विशेष प्रकृति देखी थी। इसी आधार पर उसने अन्य कार्यालयों की तुलना में ज्यादा वेतनमान देने की अनुशंसा (सिफारिश) की थी।



इसी वजह से इन कार्यालयों का वेतनमान शुरू से अन्य विभागों से कुछ अलग रहा है। यही अंतर अब चौथे समयमान के लाभ में अड़चन बना है। कमेटी की रिपोर्ट कब आई, यह रिपोर्ट में नहीं बताया गया।



वेतन का गणित

रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआत में मंत्रालय और अन्य कार्यालयों के कर्मचारियों का वेतनमान एक जैसा, 3050 से 4590 रुपए, होता है। फर्क बाद में दिखता है। 10 साल बाद अन्य कार्यालयों में यूडीसी को 4000 से 6000 रुपए का वेतनमान मिलता है। 20 साल बाद मंत्रालय के कर्मचारियों को 5500 से 9000 रुपए का वेतनमान मिलता है। अन्य कार्यालयों में यह 4500 से 7000 रुपए रहता है।



यानी मंत्रालय के कर्मचारियों को 20 साल बाद ज्यादा वेतन मिलता है। इसी वजह से पहले उनका दूसरा और तीसरा समयमान वेतनमान भी कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही दिया गया था। चौथे समयमान पर भी यही प्रक्रिया लागू होती है।



चौथा समयमान क्या है

मध्यप्रदेश में चतुर्थ समयमान वेतनमान योजना 14 अगस्त 2023 से लागू हुई थी। यह सेवा के लंबे वर्षों पर वेतन में बढ़ोतरी देने की व्यवस्था है। बाद में इसे कार्यभारित और आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों तक भी बढ़ाया गया था।



इन्हीं योजनाओं के आधार पर बाकी कर्मचारियों को लाभ मिल चुका है। लेकिन जहां कर्मचारियों का वेतनमान अलग है, वहां कैबिनेट का आदेश चाहिए। यही अलग प्रक्रिया मंत्रालय के कर्मचारियों के लिए देरी की वजह बन गई है।



अब आगे क्या होगा

सबकी नजर अब जीएडी की फाइल पर है। पहला चरण विभागीय मंत्री का अनुमोदन है। फिर मुख्य सचिव के जरिए कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव आएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही आदेश निकल सकेगा।



कर्मचारी संगठन इसे जल्द निपटाने की मांग कर सकते हैं। पर रिपोर्ट में किसी संगठन की प्रतिक्रिया नहीं है। जीएडी या सरकार का पक्ष भी सामने नहीं आया है।



मान लीजिए आज फाइल पर अनुमोदन हो जाए। तब भी कैबिनेट की बैठक की तारीख पर सब निर्भर रहेगा। इसलिए कर्मचारियों को अभी इंतजार करना पड़ सकता है।



FAQs

  1. चौथा समयमान वेतनमान क्या है और यह कर्मचारियों को कैसे प्रभावित करता है?
    चौथा समयमान वेतनमान मध्यप्रदेश में 14 अगस्त 2023 से लागू हुआ था, जो लंबी सेवा के बाद वेतन में बढ़ोतरी की व्यवस्था है। इससे प्रभावित कर्मचारियों को हर महीने 4 से 5 हजार रुपये का लाभ मिलता है।
  2. कौन से कार्यालयों के 2500 कर्मचारियों का चौथा समयमान वेतनमान अभी भी अटका हुआ है?
    मंत्रालय, विधानसभा, राजभवन, मप्र लोकसेवा आयोग और विधि विभाग के कर्मचारियों का चौथा समयमान वेतनमान अभी भी अटका हुआ है।
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