MP में भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ सरकार की सख्ती, रिटायरमेंट से पहले कर्मचारियों की होगी विभागीय जांच

Pratibha Rana | Feb 22, 2024, 08:58 IST
सीएम मोहन यादव
मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचा​रियों के खिलाफ लंबित विभागीय जांच के मामलों का एक साल में निराकरण करने को कहा है। गौरतलब है कि प्रदेश में करीब 5 हजार अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच और आर्थिक अनियमितताओं के मामले लंबित हैं।

BHOPAL. एक साल के अंदर रिटायर होने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ अगर विभागीय जांच चल रही हैं (Departmental inquiry conducted) तो उन्हें 30 जून 2024 के पहले खत्म करना होगा। ये आदेश मप्र सरकार ने जारी किए है(Mp Govt instructions)। अब प्रदेश में रिटायरमेंट से पहले भ्रष्ट अफसरों की विभागीय जांच होगी। भ्रष्टाचार में लिप्त सरकारी कर्मचारियों की विभागीय जांच के लिए डेडलाइन तय कर दी गई है। इसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है। एक साल के अंदर रिटायर होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ 30 जून 2024 तक जांच पूरी करने के आदेश जारी किए गए हैं।



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आदेश जारी होते ही मचा हड़कंप


मध्यप्रदेश में भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ सरकार सख्त हो गई है। इस साल रिटायर हो रहे ऐसे अफसरों की जानकारी मांगकर जून तक जांच पूरी करने को कहा गया है (Investigation of corrupt officers before retirement)। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब 5 हजार अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच और आर्थिक अनियमितताओं के मामले लंबित हैं। प्रदेश में कई ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिनमें डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी के मामले ही 3-4 साल से चल रहे हैं। रिटारयमेंट हो गया, लेकिन जांच ही पूरी नहीं हुई, जिससे पेंशन रुक गई। अब इन मामलों के निराकरण की टाइम लिमिट ज्यादा से ज्यादा एक साल और कम से कम 5 महीने होगी।



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