एमपी हाई कोर्ट में कल OBC आरक्षण और प्रमोशन आरक्षण पर बड़ी सुनवाई

Neel Tiwari | Aug 02, 2026, 19:28 IST
एक दिन में दो सुनवाई
जबलपुर हाई कोर्ट में 3 अगस्त को राज्य के दो सबसे चर्चित मामलों की सुनवाई होगी। एक तरफ 27% ओबीसी आरक्षण का मामला है। दूसरी ओर प्रमोशन में आरक्षण का विवाद है। दोनों मामलों पर अलग-अलग स्पेशल डिविजनल बेंच सुनवाई करेगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • सोमवार, 3 अगस्त को मध्य प्रदेश के दो बड़े आरक्षण मामलों की सुनवाई होगी।
  • पहला मामला प्रमोशन में आरक्षण से संबंधित है।
  • दूसरा मामला 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से जुड़ा है।
  • दोनों मामलों के लिए हाई कोर्ट ने अलग स्पेशल डिविजनल बेंच बनाई है।
  • दोनों मामलों में जस्टिस विनय सराफ एक साझा सदस्य हैं।

प्रदेश के दो बड़े मामलों के लिए अहम सोमवार

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर में सोमवार का दिन बेहद अहम रहने वाला है। राज्य के दो सबसे चर्चित मामलों पर एक ही दिन सुनवाई तय है। इनमें 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण और प्रमोशन में आरक्षण का मामला शामिल है। दोनों मामलों का असर लाखों अभ्यर्थियों और कर्मचारियों पर पड़ सकता है। इसलिए पूरे प्रदेश की नजर हाई कोर्ट की कार्यवाही पर रहेगी।



27 प्रतिशत OBC आरक्षण पर क्या होगी सुनवाई

27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का मामला पिछले कई दिनों से लगातार सुना जा रहा है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ की स्पेशल डिविजनल बेंच कर रही है। पिछली सुनवाई में कई पक्षों की दलीलें पूरी हुईं। हालांकि बहस पूरी नहीं हो सकी। इसी कारण यह मामला सोमवार को फिर सूचीबद्ध है। इस मामले को प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक बहसों में माना जा रहा है।



प्रमोशन में आरक्षण का मामला भी रहेगा सूची में

सोमवार को प्रमोशन में आरक्षण का मामला भी सुनवाई के लिए तय है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस विनय सराफ की स्पेशल डिविजनल बेंच करेगी। यह मामला पहले से 3 अगस्त के लिए तय था। इसकी एक बड़ी वजह दोनों मामलों में जस्टिस विनय सराफ की मौजूदगी भी रही। उम्मीद थी कि तब तक ओबीसी आरक्षण की सुनवाई पूरी हो जाएगी। लेकिन बहस जारी रहने से अब दोनों मामले एक ही दिन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं।



रोस्टर में किया गया खास बदलाव

दोनों महत्वपूर्ण मामलों को देखते हुए हाई कोर्ट ने रोस्टर में भी बदलाव किया है। बदले हुए रोस्टर के अनुसार सुबह 10:30 बजे जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस विनय सराफ की स्पेशल डिविजनल बेंच बैठेगी। इस दौरान प्रमोशन में आरक्षण मामले की सुनवाई होगी। इसके बाद लंच के बाद दोपहर 2:30 बजे जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ की स्पेशल डिविजनल बेंच बैठेगी। यह बेंच ओबीसी आरक्षण मामले की सुनवाई करेगी।



ओबीसी प्रमोशन


दोनों मामलों में जस्टिस विनय सराफ की अहम भूमिका

इन दोनों मामलों की सबसे खास बात एक समान है। दोनों स्पेशल डिविजनल बेंच में जस्टिस विनय सराफ सदस्य हैं। इसी कारण दोनों मामलों की सुनवाई के समय और रोस्टर को संतुलित किया गया है। हाई कोर्ट प्रशासन ने अलग-अलग समय तय कर दोनों मामलों की सुनवाई सुनिश्चित की है। इससे दोनों मामलों की कार्यवाही बिना टकराव के हो सकेगी।



पूरे प्रदेश की नजर रहेगी हाई कोर्ट पर

आरक्षण से जुड़े ये दोनों मामले लंबे समय से चर्चा में हैं। इन पर सरकार, कर्मचारी, अभ्यर्थी और विभिन्न सामाजिक संगठनों की नजर बनी हुई है। सोमवार को होने वाली सुनवाई आगे की कानूनी दिशा तय कर सकती है। हालांकि अंतिम फैसला अभी आना बाकी है। फिलहाल सोमवार की सुनवाई को लेकर सभी पक्षों की तैयारी पूरी मानी जा रही है।



यह रहेगा सुनवाई का शेड्यूल

सुबह 10:30 बजे प्रमोशन में आरक्षण मामले की सुनवाई होगी। यह सुनवाई जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस विनय सराफ की बेंच करेगी। दोपहर 2:30 बजे 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण मामले की सुनवाई होगी। यह सुनवाई जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस विनय सराफ की बेंच करेगी। इस तरह दोनों बड़े मामलों की सुनवाई एक ही दिन पूरी अदालत की गतिविधियों का केंद्र रहेगी।



ये खबरें भी पढ़ें...

प्रमोशन में आरक्षण पर बहस फिर टली, पहले सुना जाएगा OBC आरक्षण मामला



ओबीसी आरक्षण सुनवाई: 50% सीमा EWS से टूटी या OBC से? हाईकोर्ट में सरकार की दलीलों पर उठे सवाल



ओबीसी आरक्षण पर नई बहस: जब दूसरे वर्गों को आबादी के अनुसार आरक्षण, तो OBC से क्यों भेदभाव?



ओबीसी आरक्षण मामले में 1994 के बिल से लेकर 2019 के संशोधन तक खड़े हुए सवाल



Tags:
  • जबलपुर
  • 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण
  • मध्य प्रदेश हाई कोर्ट
  • जस्टिस विवेक अग्रवाल
  • OBC आरक्षण
  • प्रमोशन में आरक्षण
  • जस्टिस विनय सराफ
  • जस्टिस आनंद पाठक