एमपी में तीन हजार से ज्यादा डॉक्टरों-कर्मचारियों का अटैचमेंट खत्म,लैब जांच, एक्स-रे और दवा वितरण में आ रही परेशानी

Aman Vaishnav | Nov 01, 2026, 11:11 IST
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मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग का अटैचमेंट खत्म होने से अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी बढ़ी है। इसका असर लैब जांच, एक्स-रे और दवा वितरण पर पड़ रहा है।
मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग का अटैचमेंट खत्म होने से अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी बढ़ी है। इसका असर लैब जांच, एक्स-रे और दवा वितरण पर पड़ रहा है।

मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और कर्मचारियों का अटैचमेंट खत्म किया जा रहा है। उन्हें वापस उनकी मूल पदस्थापना पर भेजा जा रहा है। इससे लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग ऑफिसर की पहले से खाली चल रही पोस्टों पर काम का दबाव बढ़ गया है। कई संस्था प्रभारियों ने शिकायत की है कि कर्मचारियों की कमी से लैब जांच, एक्स-रे और दवा बांटने का काम प्रभावित हो रहा है।

अटैचमेंट का मतलब क्या है

अटैचमेंट में कर्मचारी को उसके मूल पद से हटाकर किसी दूसरे दफ्तर या संस्था में काम पर लगाया जाता है। कई बार यह व्यवस्था जरूरत के हिसाब से होती है। दूसरी ओर लंबे समय तक चलने पर मूल संस्थाओं में स्टाफ कम पड़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग में यही चिंता अब सामने आई है। इसका असर अब .मरीजों तक पहुंचने लगा है।

लैब, एक्स-रे और दवा सेवाओं पर असर

जानकारी के मुताबिक रेडियोग्राफर, लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग ऑफिसर सहित कई पद खाली होने से दिक्कत बढ़ गई है। लैब जांच, एक्स-रे और दवा भंडारण-वितरण का काम प्रभावित होने लगा है। मरीजों को जांच और दवाओं की सुविधा मिलने में परेशानी आ रही है। इससे आम मरीज का समय और इलाज, दोनों पर असर पड़ता है।

MP में आयुष इंटर्न डॉक्टरों की बल्ले-बल्ले: स्टाइपेंड बढ़ेगा, 25 नए आयुष अस्पताल और कॉलेज बनेंगे | MP: Ayush Intern Doctors Rejoice: Stipend to Increase, 25 New Ayush Hospitals and Colleges to be Built
MP में आयुष इंटर्न डॉक्टर्स के लिए खुशखबरी: जल्द बढ़ेगा स्टाइपेंड, 25 नए आयुष अस्पताल और कॉलेज बनेंगे
24 Sept 2026 ,
By Arohi Raj
<b>मध्य प्रदेश में आयुष मेडिकल शिक्षा की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए खुशखबरी है। सरकार आयुष इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने पर विचार कर रही है। CM डॉ. मोहन यादव ने मामले में जल्द निर्णय लेने की बात कही है। उन्होंने <b>कहा आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए नए अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों का विस्तार किया जा रहा है। </b></b>
<b>मध्य प्रदेश में आयुष मेडिकल शिक्षा की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए खुशखबरी है। सरकार आयुष इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने पर विचार कर रही है। CM डॉ. मोहन यादव ने मामले में जल्द निर्णय लेने की बात कही है। उन्होंने <b>कहा आयुर्वेद और आयुष चिकित्सा को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए नए अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों का विस्तार किया जा रहा है। </b></b>

संस्था प्रभारियों की शिकायत

कई संस्था प्रभारियों ने इस स्थिति की शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद स्वास्थ्य सेवाओं के कई हिस्सों में कामकाज पर असर दिखने लगा है। अटैचमेंट खत्म होने से स्टाफ की कमी खुलकर सामने आई है।

शपथ पत्र की मांग

इसके अलावा सीएमएचओ (मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग) से शपथ पत्र मांगा जा रहा है। इसमें उन्हें लिखित में बताना है कि उनके यहां अब कोई अटैचमेंट बकाया नहीं है। इसका मकसद यह तय करना है कि आदेश का पालन पूरी तरह हुआ या नहीं। जमीनी स्थिति की पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं है।

स्वास्थ्य आयुक्त की भूमिका

स्वास्थ्य आयुक्त धनराज एस विभाग के प्रमुख अधिकारी हैं। इस फैसले और खाली पदों की स्थिति पर उनकी नजर भी रहेगी। स्वास्थ्य सेवाओं (Madhya Pradesh Health Department) को पटरी पर लाने के लिए विभाग के स्तर पर साफ रणनीति जरूरी है। आगे के कदम इसी से तय होंगे। सवाल सीधा है। मरीजों की जांच समय पर होगी या नहीं?

यह खबर क्यों जरूरी है?

स्वास्थ्य सेवा हर नागरिक की बुनियादी जरूरत है। संविधान का अनुच्छेद 21 जीवन के अधिकार में स्वास्थ्य को भी शामिल मानता है। जब अस्पतालों में जांच और दवा की सुविधा कम होती है, तो सबसे पहले गरीब और ग्रामीण मरीज प्रभावित होते हैं। स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शी तरीके से स्टाफ की तैनाती ही इस भरोसे को मजबूत कर सकती है। इसलिए यह मामला सिर्फ विभागीय फेरबदल नहीं मरीजों के अधिकार से जुड़ा है।

FAQ

  1. स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेंट खत्म होने का क्या मतलब है?
    अटैचमेंट खत्म होने का मतलब है कि डॉक्टर और कर्मचारी दूसरी जगह की ड्यूटी छोड़कर अपनी मूल पदस्थापना पर लौटें। यह फैसला स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर लागू किया जा रहा है। इसके बाद मूल संस्थाओं में स्टाफ की स्थिति फिर से देखी जा रही है।
2. स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टर्स का अटैचमेंट खत्म होने से मरीजों पर क्या असर पड़ता है?

स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टर्स का अटैचमेंट खत्म होने से लैब जांच, एक्स-रे और दवा भंडारण-वितरण का काम प्रभावित होने लगता है।
Tags:
  • स्वास्थ्य आयुक्त धनराज
  • मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग
  • Madhya Pradesh Health Department
  • नर्सिंग ऑफिसर
  • लैब टेक्नीशियन
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