डिस्ट्रिक बार की मांग पर बदला हाईकोर्ट का कैलेंडर, 4 मार्च को अवकाश घोषित
News In short
- 4 मार्च 2026 (बुधवार) को होली (धुरेड़ी) पर अवकाश घोषित हुआ।
- हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर, इंदौर-ग्वालियर खंडपीठ और सभी जिला न्यायालय बंद रहेंगे।
- 18 अप्रैल 2026 (शनिवार) को रहेगा कार्यदिवस, छुट्टी की भरपाई होगी।
- जिला बार एसोसिएशन, जबलपुर ने 11 फरवरी को ज्ञापन सौंपा था।
- आज 12 फरवरी 2026 को अधिसूचना जारी।
News In Detail
Jabalpur. जबलपुर जिला बार एसोसिएशन की मांग के आगे हाईकोर्ट प्रशासन ने कैलेंडर में संशोधन किया है। अब 4 मार्च 2026 को धुलेंडी पर पूरे प्रदेश की अदालतों में अवकाश रहेगा। हालांकि इसकी भरपाई करने के लिए शनिवार 18 अप्रैल को कोर्ट खुला रहेगा।
बार की मांग पर बदला हाईकोर्ट का कैलेंडर
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अवकाश कैलेंडर में जरूरी संशोधन किया गया है। पहले जारी आधिकारिक कैलेंडर में 4 मार्च 2026 को कार्यदिवस निर्धारित था। जबकि 3 मार्च को अवकाश घोषित था। लेकिन जिला बार एसोसिएशन, जबलपुर ने पंचांग का हवाला देते हुए यह स्पष्ट किया गया कि वास्तविक धुलेंडी का पर्व 4 मार्च को पड़ रहा है। इस तर्क को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट प्रशासन ने संशोधित अधिसूचना जारी कर दी।
11 फरवरी को सौंपा गया था ज्ञापन
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष मिश्रा और सचिव ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने 11 फरवरी 2026 को मुख्य न्यायाधिपति के नाम पत्र सौंपा था। ज्ञापन में बताया गया था कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पंचांग एवं चंद्र ग्रहण के सूतक को ध्यान में रखते हुए 4 मार्च को पहले ही अवकाश घोषित किया जा चुका है, जबकि हाईकोर्ट के कैलेंडर में इसे कार्यदिवस रखा गया था। अधिवक्ताओं ने इसे व्यवहारिक और धार्मिक दृष्टि से अनुचित बताते हुए संशोधन की मांग की थी।
12 फरवरी को जारी हुई अधिसूचना
वकीलों की सक्रिय पहल का असर तुरंत देखने को मिला। 12 फरवरी 2026 को प्रिंसिपल रजिस्ट्रार (सतर्कता) राजेंद्र कुमार शर्मा द्वारा अधिसूचना क्रमांक A/555 जारी की गई। अधिसूचना के अनुसार 4 मार्च 2026 (बुधवार) को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की मुख्यपीठ जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर खंडपीठ सहित रजिस्ट्री और प्रदेश की सभी जिला न्यायपालिकाओं में ‘होली’ का अवकाश रहेगा।
18 अप्रैल को रहेगा कार्यदिवस
अवकाश के समायोजन के तहत 18 अप्रैल 2026 (शनिवार) को कार्यदिवस घोषित किया गया है। यानी उस दिन अदालतें सामान्य दिनों की तरह कार्य करेंगी। इस निर्णय से न्यायिक कार्यों में संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है ताकि अवकाश के कारण लंबित मामलों पर अत्यधिक प्रभाव न पड़े।
कैलेंडर में संशोधन और 4 मार्च को अवकाश घोषित होने के बाद अधिवक्ता समुदाय में हर्ष का माहौल है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष मिश्रा का कहना है कि होली जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक और सांस्कृतिक पर्व पर अवकाश न होने से अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों को असुविधा होती। समय रहते लिए गए इस निर्णय ने वकीलों की भावनाओं का सम्मान किया है।
यह निर्णय न केवल बार और बेंच के बीच समन्वय का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि संगठित और तथ्यात्मक मांग प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
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