आईएएस संतोष वर्मा को चौथे फेज में भी नहीं मिलेगी मसूरी ट्रेनिंग की अनुमति! जानें वजह

Jitendra Shrivastava | May 29, 2026, 17:47 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. मध्य प्रदेश सरकार IAS संतोष वर्मा सहित गेहूं खरीदी से जुड़े अफसरों की मसूरी मिड कैरियर ट्रेनिंग रोक सकती है। इस मामले में GAD 5 जून के बाद अंतिम फैसला लेगा।

समझें पूरा मामला...

  • IAS वर्मा की ट्रेनिंग पर लग सकती है रोक।
  • गेहूं खरीदी में शामिल अफसर नहीं मिलेगी परमिशन।
  • GAD 5 जून के बाद लेगा अंतिम निर्णय।
  • 46 IAS अफसरों की मसूरी ट्रेनिंग लिस्ट जारी।
  • 2008 से 2012 बैच के अफसर सूची में शामिल।

मध्य प्रदेश सरकार ने 46 IAS अफसरों (IAS Officers) को मिड कैरियर ट्रेनिंग (Mid Career Training) के लिए मसूरी भेजने की तैयारी की है। लेकिन इनमें से आधा दर्जन अफसरों को रिलीव न करने के संकेत मिले हैं।



विवादित बयान देने वाले IAS संतोष कुमार वर्मा और गेहूं खरीदी (Wheat Procurement) से जुड़े अफसरों की ट्रेनिंग रुक सकती है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) 5 जून के बाद अंतिम फैसला लेगा।



46 अफसरों की लिस्ट हुई जारी

मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) ने मिड कैरियर ट्रेनिंग (Mid Career Training) के लिए 46 IAS अफसरों की सूची जारी की है।



यह चौथे फेज की ट्रेनिंग है। यह प्रशिक्षण 15 जून से 10 जुलाई तक मसूरी में होगा। सूची में 2008 से 2012 बैच तक के अफसरों के नाम हैं। इनमें कई जिलों के कलेक्टर और विभागीय अधिकारी शामिल हैं।



गेहूं खरीदी अफसरों पर रोक के संकेत

सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि गेहूं खरीदी (Wheat Procurement) से जुड़े अफसरों को प्रशिक्षण की अनुमति नहीं मिलेगी। ग्वालियर, रीवा, धार, पन्ना और सागर के कलेक्टर इस सूची में हैं।



इन जिलों में गेहूं खरीदी का काम सीधे इन्हीं अधिकारियों की देखरेख में हुआ। इसलिए सरकार इन्हें अभी रिलीव नहीं करना चाहती। उज्जैन संभागायुक्त का नाम भी सूची में है।



IAS वर्मा की ट्रेनिंग रोकने की वजह

आईएएस संतोष वर्मा (IAS Santosh Kumar Verma) को लेकर विवाद पहले से ही चल रहा है। उन्होंने ब्राह्मण समाज की बेटियों पर विवादित बयान दिया था।



इस मामले में केंद्र सरकार को कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। यह प्रस्ताव अभी विचाराधीन है। तीसरे फेज की ट्रेनिंग में भी उन्हें नहीं भेजा गया था। अब चौथे फेज में भी ट्रेनिंग रुकने के संकेत हैं।



GAD लेगा 5 जून के बाद फैसला

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय 5 जून के बाद होगा। जून के दूसरे सप्ताह में स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। जिन अफसरों को सूची में रखा गया है, उन्हें रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद कुछ अफसरों को रिलीव न करने का निर्णय लिया जा सकता है।



2012 बैच के अफसर सूची में

2012 बैच के अफसरों में CEO राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन हर्षिका सिंह प्रमुख हैं। अपर सचिव सामान्य प्रशासन अजय कटेसरिया भी सूची में हैं। सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल और धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा का नाम भी शामिल है। MD राज्य भंडार गृह निगम अनुराग वर्मा को भी ट्रेनिंग भेजा जाना है। इसके अलावा अपर सचिव वित्त विभाग रोहित सिंह भी सूची में हैं।



2011 बैच के अधिकारी भी शामिल

2011 बैच की सूची में कलेक्टर पन्ना उषा परमार का नाम है। कलेक्टर ग्वालियर रुचिका चौहान भी ट्रेनिंग के लिए चिन्हित हैं। MD जल निगम वीएस चौधरी कोलसानी को भी मसूरी भेजा जाएगा।



संचालक राज्य शिक्षा केंद्र हरजिंदर सिंह और आयुक्त रेशम मोहित बुंदस भी सूची में हैं। OSD सह आयुक्त पिछड़ा वर्ग सौरभ कुमार सुमन भी प्रशिक्षण के लिए जाएंगे।



2010 और 2009 बैच के अफसर

2010 बैच में आयुक्त वाणिज्यिक कर इंदौर अनय द्विवेदी शामिल हैं। आयुक्त उज्जैन संभाग आशीष सिंह का नाम भी सूची में है। आयुक्त आदिवासी विकास तरुण राठी को भी मसूरी भेजा जाएगा।



2009 बैच में MD पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अजय गुप्ता का नाम है। आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह और सचिव मुख्यमंत्री इलैया राजा टी भी सूची में हैं।



2008 और 2004 बैच के IAS

2008 बैच के MD MP भवन विकास निगम सिबि चक्रवर्ती एम की ट्रेनिंग होगी। सचिव गृह विभाग शिल्पा गुप्ता को भी मसूरी प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।



2004 बैच के सचिव वित्त विभाग लोकेश कुमार जाटव भी इस सूची में हैं। इन वरिष्ठ अफसरों की मिड करियर ट्रेनिंग (Mid Career Training) बेहद जरूरी मानी जाती है। यह ट्रेनिंग IAS अफसरों के करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।



मिड कैरियर ट्रेनिंग का महत्व

मिड कैरियर ट्रेनिंग (Mid Career Training) IAS अफसरों के प्रशासनिक कौशल को निखारती है। मसूरी स्थित LBSNAA में यह प्रशिक्षण होता है। इसमें सुशासन (Good Governance) के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जाता है।



जो अफसर यह ट्रेनिंग नहीं लेते, उन्हें बाद में अनिवार्य रूप से भेजा जाता है। इसलिए GAD की सूची में अब तक प्रशिक्षण न लेने वाले अफसरों के नाम हैं।



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