आईएएस अफसरों का सरप्राइज टेस्ट! CS ने पूछा- किसने पढ़ा सर्कुलर, 50 में सिर्फ एक ने उठाया हाथ

Amresh Kushwaha | Aug 05, 2026, 11:15 IST
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल
मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने आईएएस अफसरों की बैठक से पहले ग्रुप पर भारत सरकार के दो सर्कुलर भेजे थे। बैठक में पूछा किसने पढ़ा, तो सिर्फ एक हाथ उठा। सर्कुलर में मीटिंग लेने और पावर डेलीगेट करने के तरीके बताए गए थे।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने आईएएस अफसरों का अचानक टेस्ट लिया।
  • बैठक से पहले उन्होंने ग्रुप पर दो सरकारी सर्कुलर भेजे थे।
  • बैठक में पूछा किसने पढ़ा, सिर्फ एक हाथ उठा।
  • सर्कुलर में मीटिंग लेने और पावर डेलीगेट करने के तरीके बताए गए थे।
  • मुख्य सचिव ने प्रमोशन, ट्रेनिंग और योजनाओं पर भी निर्देश दिए हैं।

भोपाल में मंगलवार, 04 अगस्त को मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल की एक बैठक ने प्रदेश के आईएएस अधिकारियों को असहज कर दिया। उन्होंने अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों के साथ अधिकारियों का एक तरह से टेस्ट ले लिया। यह टेस्ट किसी परीक्षा हॉल में नहीं, बल्कि मंत्रालय की एक अहम बैठक के दौरान हुआ। करीब 50 आईएएस अधिकारी इस बैठक में शामिल थे।



आईएएस अफसरों का टेस्ट

बैठक शुरू होने से करीब दो घंटे पहले, यानी दोपहर 3:30 बजे, मुख्य सचिव ने एक काम किया। उन्होंने भारत सरकार द्वारा जारी दो सर्कुलर आईएएस अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप पर डाल दिए। शाम 5:30 बजे जब मंत्रालय में बैठक शुरू हुई, तो उन्होंने सीधा सवाल पूछ लिया। उन्होंने जानना चाहा कि किस-किस अधिकारी ने ये दोनों सर्कुलर पढ़े हैं।



सर्कुलर पढ़ा किसने-किसने

इस सवाल पर कमरे में सन्नाटा छा गया। सिर्फ एक-दो अधिकारियों ने ही हाथ उठाया। बाकी सभी खामोश बैठे रहे। मुख्य सचिव ने माहौल को हल्का करते हुए कहा कि अभी सारे अधिकारी बैठक में नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने नहीं पढ़ा, वे अभी पढ़ लें। इस पूरे वाकये ने बैठक में मौजूद अफसरों को सतर्क कर दिया।



दो सर्कुलर में क्या था

पहला सर्कुलर 12 पेज का है और 12 जून 2026 का जारी हुआ है। यह डॉ. टी. वी. सोमनाथन का है, जो देश के कैबिनेट सचिव हैं। इसमें बताया गया है कि सरकारी मीटिंग किस तरह ली जानी चाहिए। दूसरा सर्कुलर 10 पेज का है, जो कैबिनेट सेक्रेटरी ने ही जारी किया है। इसमें अधिकार यानी पावर को नीचे तक डेलीगेट करने की बात कही गई है। बैठक के दौरान बाकी अफसरों ने भी बाद में दोनों सर्कुलर पढ़े।



मुख्य सचिव के बड़े टिप्स

मुख्य सचिव ने करीब पौन घंटे तक चली इस बैठक में सरकार की प्राथमिकताओं पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पब्लिक सर्विस डिलीवरी को ठीक किया जाए। उनका जोर था कि ज्यादा से ज्यादा रोजगार के मौके बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि यह हर विभाग के फोकस में रहना चाहिए। बर्णवाल ने निर्देश दिया कि हर विभाग तीन बड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि इन्हें मुख्यमंत्री की फ्लैगशिप योजना कहा जा सके, ऐसा प्रयास होना चाहिए।



प्रमोशन और ट्रेनिंग पर जोर

मुख्य सचिव ने भारत सरकार के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि कई विभागों ने अभी तक प्रमोशन के ऑर्डर नहीं निकाले हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि यह काम जल्द पूरा किया जाए। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि निचले स्तर के स्टाफ की लंबे समय से ट्रेनिंग नहीं हुई है। उन्होंने अफसरों से कहा कि जल्द से जल्द इन कर्मचारियों की ट्रेनिंग कराई जाए।



जन विश्वास अभियान पर फोकस

बैठक में मुख्य सचिव ने आने वाले एक बड़े अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान शुरू हो रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों से इसमें सक्रियता दिखाने को कहा। मुख्य सचिव का कहना था कि यह अभियान आम जनता से सीधे जुड़ाव का बड़ा मौका है। इसलिए हर विभाग को इसमें गंभीरता से हिस्सा लेना चाहिए।



अफसरों के लिए साफ संदेश

इस पूरी बैठक से मुख्य सचिव ने एक साफ संदेश दे दिया है। उनका इशारा था कि अब सरकारी निर्देशों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। सर्कुलर सिर्फ ग्रुप पर भेजने के लिए नहीं, बल्कि पढ़ने और लागू करने के लिए होते हैं। आने वाले दिनों में अधिकारियों की जवाबदेही और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।



यह खबर क्यों जरूरी है

यह खबर प्रशासनिक जवाबदेही और सुशासन से जुड़ी है। नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि सरकारी अधिकारी अपने कामकाज को कितनी गंभीरता से लेते हैं। मुख्य सचिव की यह पहल दिखाती है कि सरकारी निर्देशों का पालन जरूरी माना जा रहा है।



प्रमोशन, ट्रेनिंग और योजनाओं की प्राथमिकता जैसे मुद्दे सीधे कर्मचारियों और आम जनता दोनों पर असर डालते हैं। पब्लिक सर्विस डिलीवरी सुधारने पर जोर लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के हित में है। यह खबर बताती है कि प्रशासन में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखना क्यों जरूरी है।



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